हिमाचल प्रदेश में मानसून की दस्तक और लैंडस्लाइड के खतरे को देखते हुए प्रशासन ने आज, 30 जून से किन्नौर कैलाश यात्रा पर रोक लगा दी है। भारी बारिश की वजह से किन्नौर जिले के कई मुख्य रास्ते बंद हैं। श्रद्धालुओं और ट्रैकर्स की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया गया है। अगर आप इन दिनों पहाड़ों पर जाने का प्लान बना रहे हैं, तो निकलने से पहले जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (DDMA) के अपडेट्स और अलर्ट्स जरूर चेक करें।
यात्रा रुकने से उन हजारों श्रद्धालुओं को झटका लगा है जो इस कठिन ट्रैक के जरिए पवित्र चोटी के दर्शन करना चाहते थे। वहीं, कुल्लू प्रशासन श्रीखंड महादेव यात्रा के रूट पर भी कड़ी नजर रख रहा है। अगर आपने पहले से बुकिंग कर रखी है, तो रिफंड या नई तारीखों के लिए तुरंत अपने ट्रैवल ऑपरेटर से बात करें। बता दें कि यात्रा के परमिट केवल प्रशासन द्वारा तय किए गए सुरक्षित मौसम के दौरान ही मान्य होते हैं।

हिमाचल में सुरक्षित सफर: किन्नौर कैलाश यात्रा की जगह इन जगहों पर जा सकते हैं आप
ऊंचे पहाड़ों पर जाना अभी जोखिम भरा हो सकता है, लेकिन जुलाई की छुट्टियों के लिए शिमला जैसे कम ऊंचाई वाले हिल स्टेशन सुरक्षित विकल्प हैं। यहां की सड़कें और इंफ्रास्ट्रक्चर बारिश के मौसम में भी काफी बेहतर रहते हैं। आप नालदेहरा और चायल का रुख कर सकते हैं, जहां लैंडस्लाइड का खतरा कम है और मानसून की हरियाली का भरपूर आनंद लिया जा सकता है। दिल्ली, चंडीगढ़ और आसपास के राज्यों से वीकेंड ट्रिप के लिए ये जगहें बेस्ट हैं।
दिल्ली या चंडीगढ़ से निकलने से पहले मौसम विभाग (IMD) का पूर्वानुमान जरूर देख लें। पहाड़ों के गीले रास्तों पर सफर के लिए वॉल्वो बसें सबसे भरोसेमंद और सुरक्षित मानी जाती हैं। अगर आप खुद ड्राइव कर रहे हैं, तो घने कोहरे और शाम की बारिश से बचने के लिए सुबह जल्दी निकलना बेहतर होगा। अपने साथ जरूरी सामान रखें और रास्ते बंद होने जैसी स्थिति से निपटने के लिए कुछ एक्स्ट्रा समय (बफर टाइम) लेकर चलें।
| शुरुआती जगह | सफर का जरिया | जरूरी एक्स्ट्रा समय (बफर टाइम) |
|---|---|---|
| दिल्ली-एनसीआर | लग्जरी वॉल्वो बस | 5 से 7 घंटे |
| चंडीगढ़ | प्राइवेट गाड़ी | 3 to 5 घंटे |
| कालका | टॉय ट्रेन या टैक्सी | 2 to 4 घंटे |
किन्नौर कैलाश यात्रा के रूट और सुरक्षित सफर के लिए जरूरी टिप्स
मानसून में पहाड़ों की खूबसूरती मैदानी इलाकों के पर्यटकों को खूब लुभाती है। अगर आप कम ड्राइविंग और कम रिस्क वाली जगह ढूंढ रहे हैं, तो कसौली एक बेहतरीन विकल्प है। चंडीगढ़ से कसौली का रास्ता मध्यम बारिश में भी काफी हद तक सुरक्षित रहता है। इन सुरक्षित जोन में घूमकर आप लैंडस्लाइड के खतरे वाले इलाकों में जाए बिना पहाड़ों का मजा ले सकते हैं।
मानसून के दौरान हिमाचल की यात्रा में सुरक्षा को सबसे ऊपर रखें। घर से निकलने से पहले हिमाचल प्रदेश लोक निर्माण विभाग (HP PWD) की वेबसाइट पर सड़कों का हाल जरूर चेक करें। अपने साथ वॉटरप्रूफ गियर और मजबूत जूते रखें ताकि फिसलन भरे रास्तों पर चलने में आसानी हो। अच्छी कनेक्टिविटी वाले शहरों को प्राथमिकता देकर आप अपने परिवार के साथ हिमालय की वादियों का सुरक्षित और यादगार आनंद ले सकते हैं।



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