मुंबई-पुणे रूट पर सफर करने वालों के लिए जरूरी खबर है। सेंट्रल रेलवे (CR) ने ट्रेनों की कटौती को 17 जुलाई तक बढ़ा दिया है। लोनावला-कर्जत घाट सेक्शन में हो रही दिक्कतों की वजह से इस हफ्ते हजारों यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मानसून के दौरान ट्रैक की मरम्मत के जरूरी काम के चलते कई ट्रेनें या तो कैंसिल कर दी गई हैं या उनके रूट बदल दिए गए हैं। रेलवे के इस अचानक फैसले से उन लोगों के वीकेंड प्लान पर पानी फिर सकता है जो मुंबई से बाहर जाने की तैयारी में थे। लोनावला या पुणे जाने वालों को अब सफर के लिए तुरंत दूसरे विकल्पों पर विचार करना होगा।
पश्चिमी घाट में लगातार हो रही भारी बारिश की वजह से पटरियों पर पत्थर गिरने (boulder fall) का खतरा बना रहता है। सुरक्षित सफर सुनिश्चित करने के लिए मेंटेनेंस टीमों को काम करने के लिए अतिरिक्त समय चाहिए। आज चलने वाली कुछ गिनी-चुनी ट्रेनों में भी यात्रियों को काफी देरी का सामना करना पड़ सकता है। शेड्यूल में बदलाव के कारण माथेरान जाने के लिए नेरल की कनेक्टिविटी भी फिलहाल प्रभावित हुई है। स्टेशन पर घंटों फंसे रहने से बचने के लिए जरूरी है कि आप पूरी प्लानिंग के साथ ही घर से निकलें।

सस्ते में मुंबई-पुणे सफर के लिए MSRTC बसें हैं बेस्ट ऑप्शन
ट्रेनों की किल्लत के बीच महाराष्ट्र राज्य सड़क परिवहन निगम (MSRTC) की बसें एक भरोसेमंद विकल्प साबित हो रही हैं। दादर, CSMT और स्वारगेट बस स्टैंड से शिवनेरी और एशियाड बसें लगातार अपनी सेवाएं दे रही हैं। प्राइवेट कैब के मनमाने किराए के मुकाबले इन सरकारी बसों का किराया फिक्स और किफायती है। बजट में सफर करने वाले लोग 1500 रुपये से भी कम में आने-जाने का राउंड ट्रिप आसानी से पूरा कर सकते हैं। अचानक बने मुंबई-पुणे ट्रिप के लिए स्टेट ट्रांसपोर्ट सबसे सस्ता और अच्छा जरिया है।
मुंबई-पुणे ट्रेन रिफंड और सफर की सही टाइमिंग का रखें ध्यान
जिन यात्रियों की ट्रेन पूरी तरह कैंसिल हो गई है, उन्हें भारतीय रेलवे की ओर से ऑटोमैटिक रिफंड मिल जाएगा। हालांकि, अगर आपकी ट्रेन का रूट बदला गया है या वह मंजिल से पहले ही रोक दी गई है, तो 'टिकट डिपॉजिट रसीद' (TDR) फाइल करना न भूलें। ऑनलाइन प्रोसेस के लिए अपना PNR और मैसेज अलर्ट संभाल कर रखें। पुणे में होटल बुक करते समय 'रिफंडेबल' ऑप्शन चुनना ही समझदारी है ताकि मौसम बिगड़ने पर आपका पैसा बर्बाद न हो। ट्रेनों की ताजा जानकारी के लिए आधिकारिक मोबाइल ऐप्स पर लाइव स्टेटस चेक करते रहें।
सड़क मार्ग से जाने वालों को सलाह दी जाती है कि वे बेहतर विजिबिलिटी और सुरक्षा के लिए दिन के उजाले में ही घाट पार करें। मुंबई के भारी ट्रैफिक से बचने के लिए सुबह 5 से 7 बजे के बीच निकलना सबसे अच्छा है। इसके अलावा, सुबह 10:30 बजे के बाद निकलने पर भी पहाड़ों का सफर काफी स्मूथ रहता है। कैश की किल्लत से बचने के लिए UPI का इस्तेमाल करें, क्योंकि दूरदराज के इलाकों में कई बार ATM काम नहीं करते। अपने साथ रेन गियर और ऑफलाइन मैप्स जरूर रखें ताकि आप सुरक्षित तरीके से मानसून का आनंद ले सकें।



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