पुरी में आज स्नान पूर्णिमा का पावन पर्व मनाया जा रहा है। भगवान के शाही स्नान के दर्शन के लिए हजारों भक्तों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी है। विश्व प्रसिद्ध रथ यात्रा से पहले यह एक बेहद अहम परंपरा है। इस समय पुरी का 'बड़ा दांडा' (ग्रैंड रोड) श्रद्धालुओं से गुलजार है। बता दें कि आज के बाद अगले 15 दिनों तक भक्त भगवान के सार्वजनिक दर्शन नहीं कर पाएंगे।
भीड़ को काबू करने के लिए प्रशासन ने शहर में ट्रैफिक के कड़े इंतजाम किए हैं और कई रूट डायवर्ट किए गए हैं। भुवनेश्वर की ओर से आने वाले वाहनों के लिए मंदिर से दूर तय जगहों पर पार्किंग की व्यवस्था की गई है। पैदल चलने वाले श्रद्धालुओं को कोई दिक्कत न हो, इसलिए यह खास प्लान बनाया गया है। रास्तों की ताजा जानकारी के लिए प्रशासन के आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल चेक करते रहें।

पुरी स्नान पूर्णिमा: ट्रैफिक और सुरक्षा से जुड़ी जरूरी बातें
अगर आप भीड़ से बचना चाहते हैं, तो दर्शन के लिए सुबह जल्दी या देर रात का समय चुनें। दोपहर के मुकाबले इस वक्त भीड़ थोड़ी कम रहती है। गर्मी को देखते हुए पूरे रास्ते में मेडिकल कैंप और पीने के पानी की व्यवस्था की गई है। मौसम का मिजाज कभी भी बदल सकता है, इसलिए अपने साथ छाता रखना न भूलें।
| सुविधा | स्थान और जानकारी |
|---|---|
| पार्किंग जोन | जगन्नाथ बल्लभ और सरधादेबी पार्किंग स्थल खुले हैं। |
| मेडिकल पोस्ट | ग्रैंड रोड पर हर 500 मीटर की दूरी पर उपलब्ध। |
| पानी की सुविधा | मुख्य एंट्री और एग्जिट गेट के पास व्यवस्था की गई है। |
स्नान पूर्णिमा के बाद शुरू होगा 'अनसर' काल
आज शाही स्नान संपन्न होने के बाद भगवान 'अनसर' यानी एकांतवास में चले जाएंगे। इस दौरान मंदिर के गर्भगृह में भक्तों का प्रवेश वर्जित रहेगा और सामान्य दर्शन बंद रहेंगे। यह पाबंदी 16 जुलाई को रथ यात्रा शुरू होने तक जारी रहेगी। इस अवधि में केवल पुजारी ही भगवान की विशेष सेवा और गुप्त अनुष्ठान करते हैं।
अनसर के दौरान श्रद्धालु विकल्प के तौर पर ब्रह्मगिरि स्थित अलारनाथ मंदिर के दर्शन करते हैं। जब पुरी मंदिर के कपाट बंद होते हैं, तब अलारनाथ मंदिर ही आस्था का मुख्य केंद्र बन जाता है। यहां मिलने वाला विशेष 'खीर भोग' काफी प्रसिद्ध है। अपनी यात्रा को सुरक्षित और सुखद बनाने के लिए केवल भरोसेमंद ट्रांसपोर्ट विकल्पों का ही चुनाव करें।



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