क्या पश्चिम बंगाल में एक बार फिर से अम्फान, यास की यादें दोहराने वाली हैं? क्या अम्फान के बाद चक्रवाती तूफान 'रेमल' फिर से कोलकाता और इसकी हरियाली को तहस-नहस करने की क्षमता रखता है? कब से चक्रवाती तूफान 'रेमल' का असर दिखना शुरू हो जाएगा? महानगर कोलकाता में रहने वाले लोगों के मन में इस वक्त ऐसे न जाने कितने सवाल उठ रहे हैं।
गुरुवार की सुबह मौसम विभाग द्वारा जारी बुलेटिन के मुताबिक बुधवार की दोपहर को करीब 2.30 बजे चेन्नई समुद्रतट से दक्षिण-पश्चिम, आंध्र प्रदेश के समुद्रतट से दक्षिण-पूर्व में पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी में जो निम्न दबाव का क्षेत्र बना है, वह अपने स्थान पर ही अभी भी बना हुआ है और जलवाष्प खींचकर अपनी शक्ति बढ़ा रहा है। बताया गया था कि शुक्रवार की सुबह लगभग 8 बजे यह निम्न दबाव का क्षेत्र अतिगंभीर निम्न दबाव में परिवर्तित होगा।

मौसम विशेषज्ञों का अनुमान है कि 25 मई को यह एक चक्रवाती तूफान का आकार लेगा। हालांकि दिल्ली मौसम विभाग अथवा कोलकाता में अलीपुर क्षेत्रीय मौसम विभाग ने चक्रवाती तूफान 'रेमल' के बनने अथवा इसके लैंडफॉल से संबंधित कोई भी आधिकारिक रूप से जानकारी उपलब्ध नहीं करवायी है।
लेकिन दुनिया के विभिन्न अंतर्राष्ट्रीय मौसम शोध मॉड्यूल का दावा है कि रविवार को रेमल लैंडफॉल कर सकता है। दावा किया जा रहा है कि प्राथमिक रूप से यह तूफान बांग्लादेश में लैंडफॉल करता दिखाई दे रहा है लेकिन यह कभी भी अपना रास्ता बदल सकता है। इसका लैंडफॉल बांग्लादेश के सुन्दरवन से लेकर ओडिशा के समुद्रतट में से कहीं भी हो सकता है।

एक बार चक्रवाती तूफान का गठन पूरा होने के बाद ही इसकी संभाव्य लैंडफॉल, आई और टेल एंड के बारे में मौसम विभाग विस्तृत जानकारी दे सकेगा। चक्रवाती तूफान 'रेमल' किस स्थान पर लैंडफॉल करेगा, इस बाबत सटिक जानकारी लैंडफॉल से करीब 5 घंटे पहले ही मिलेगी। हालांकि कुछ मौसम विशेषज्ञों का यह भी मानना है कि यह तूफान भी चक्रवाती तूफान 'अम्फान' के रास्ते पर ही आगे बढ़कर कोलकाता में तांडव मचा सकता है।
बता दें, साल 2020 में चक्रवाती तूफान 'अम्फान' का लैंडफॉल पश्चिम बंगाल के समुद्रतटीय शहर दीघा के पास दोपहर 2.30 बजे हुआ था। लैंडफॉल के समय इस चक्रवाती तूफान की रफ्तार लगभग 190 किमी प्रति घंटा थी और कोलकाता को पूरी तरह से तबाह करके यह चक्रवाती तूफान लगभग 110 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से दोपहर में करीब 3 बजे गुजरा था।

अभी तक मिली जानकारी के अनुसार अनुमान किया जा रहा है कि चक्रवाती तूफान 'रेमल' अतिशक्तिशाली या विध्वंसक नहीं होगा। इसकी गति 65 किमी से 70 किमी प्रति घंटा तक हो सकती है। हालांकि इस बारे में 24 मई की रात या 25 मई की सुबह से पहले निश्चित रूप से कुछ नहीं कहा जा सकता है।
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार शुक्रवार को पश्चिम बंगाल के तटवर्तीय जिलों जैसे पूर्व मिदनापुर, पश्चिम मिदनापुर और उत्तर व दक्षिण 24 परगना में बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार 25 मई को होने वाले चुनाव में बारिश परेशानी का सबब बन सकती है।
मौसम विभाग से मिली जानकारी के अनुसार अगले सप्ताह गुरुवार और शुक्रवार के बाद बारिश का प्रभाव थोड़ा कम हो सकता है लेकिन शनिवार और रविवार को तटवर्तीय इलाकों में भारी बारिश होने की संभावना है। इस समय गहरे समुद्र में गये मछुआरों से भी जितनी जल्दी संभव वापस लौट आने के लिए कहा गया है।
शुक्रवार से मछुआरों का समुद्र में जाने पर पूरी तरह से पाबंदी लगा दी गयी है। मौसम विभाग की ओर से जारी चेतावनी में कहा गया है कि शुक्रवार से ही समुद्र में ऊंची-ऊंची लहरे उठनी शुरू हो जाएंगी। जितना समय बितेगा, लहरों की ऊंचाई उतनी ही बढ़ने की संभावना है।



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