दिल्ली से पहाड़ों की सैर पर निकलने की प्लानिंग कर रहे पर्यटकों के लिए आज मौसम की चुनौती बड़ी हो सकती है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के लिए भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। यह चेतावनी 26 जून तक प्रभावी रहेगी, जिससे वीकेंड पर घूमने जाने वाले कई लोकप्रिय डेस्टिनेशन प्रभावित हो सकते हैं। अगर आप आज दिल्ली-NCR से निकलने वाले हैं, तो घर छोड़ने से पहले IMD के ताजा वेदर अपडेट्स जरूर चेक कर लें।
शिवालिक और मध्य हिमालयी क्षेत्रों में मानसून की सक्रियता तेजी से बढ़ रही है। चंडीगढ़-मनाली और ऋषिकेश-बद्रीनाथ हाईवे पर लैंडस्लाइड (भूस्खलन) का खतरा काफी ज्यादा है। स्थानीय प्रशासन ने सलाह दी है कि भारी बारिश के दौरान फंसने से बचने के लिए गैर-जरूरी यात्रा से परहेज करें। आज पहाड़ों के मुख्य रास्तों पर ट्रैफिक धीमा रह सकता है और बीच-बीच में सड़कें बंद होने की भी आशंका है। खास तौर पर कांगड़ा, कुल्लू, शिमला और देहरादून जैसे जिलों के लिए विस्तृत अलर्ट जारी किए गए हैं।

उत्तराखंड और हिमाचल के रास्तों के लिए सुरक्षित ट्रैवल विंडो
बरसात के शुरुआती मौसम में सफर की टाइमिंग बहुत मायने रखती है। बेहतर विजिबिलिटी के लिए अपनी यात्रा सुबह जितनी जल्दी हो सके शुरू करें। शाम ढलने के बाद खतरनाक घाटियों और ढलान वाले रास्तों पर ड्राइविंग करने से बचें, क्योंकि इस दौरान जोखिम काफी बढ़ जाता है। अक्सर दोपहर की भारी बारिश से पहले सुबह का समय सफर के लिए ज्यादा साफ और सुरक्षित होता है। जलभराव या कीचड़ वाले रास्तों पर हाई-ग्राउंड क्लीयरेंस वाली गाड़ियां ज्यादा बेहतर रहती हैं।
| क्षेत्र | IMD अलर्ट लेवल | यात्रा के दौरान मुख्य जोखिम |
|---|---|---|
| शिमला और मनाली | येलो अलर्ट | अचानक बाढ़ और लैंडस्लाइड |
| नैनीताल और मसूरी | ऑरेंज अलर्ट | कम विजिबिलिटी और सड़क जाम |
| ऋषिकेश और हरिद्वार | येलो अलर्ट | नदियों का बढ़ता जलस्तर |
उत्तराखंड-हिमाचल ट्रिप: बुकिंग में रखें लचीलापन और बरतें सावधानी
समझदार यात्री अब ऐसे होटल चुन रहे हैं जहां रिफंड और कैंसिलेशन की पॉलिसी आसान हो। मौसम के अचानक करवट लेने पर अक्सर रास्ते बदल दिए जाते हैं या ट्रिप कैंसिल करनी पड़ती है। ट्रेनों की ताजा जानकारी के लिए रेलवे के आधिकारिक इंक्वायरी सिस्टम और 139 नंबर का इस्तेमाल करें। देहरादून और चंडीगढ़ की फ्लाइट्स के लिए भी कई एयरलाइंस फिलहाल बफर टाइम दे रही हैं। मानसून के महीनों में हमेशा एक वैकल्पिक रास्ता (Secondary route) ध्यान में रखना फायदेमंद होता है।
स्थानीय पुलिस और राज्य प्रशासन के आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल से लगातार अपडेट रहें। रास्ते में होने वाली देरी की आशंका को देखते हुए अपने साथ पानी और सूखा खाना जरूर रखें। गाड़ी में एक इमरजेंसी किट और पावर बैंक रखना भी बेहद जरूरी है। साथ ही, यह सुनिश्चित करें कि डिजिटल पेमेंट के लिए आपके फोन में पर्याप्त डेटा हो। सही प्लानिंग के साथ आप मानसून के खतरों से बचते हुए पहाड़ों का आनंद ले सकते हैं।



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