उदयपुर - एक शाही पुनरुद्धार के लिए झीलों का शहर

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उदयपुर एक खूबसूरत जगह है, जो 'झीलों का शहर' के रूप में भी जाना जाता है और अपने शानदार किलों, मंदिरों, खूबसूरत झीलों, महलों, संग्रहालयों, और वन्यजीव अभयारण्यों के लिए प्रसिद्ध है। महाराणा उदय सिंह द्वितीय ने वर्ष 1559 में इस शहर की स्थापना की। यह जगह भारत का एक प्रमुख पर्यटन स्थल है और अपनी समृद्ध संस्कृति और परंपरा के लिए विख्यात है।

उदयपुर में हैं कई मनमोहक झीलें

पिछोला झील एक शानदार कृत्रिम झील है, जिसे इस क्षेत्र के मूल निवासियों की खपत और सिंचाई की जरूरत को पूरा करने के लिए एक बांध के निर्माण के परिणामस्वरूप 1362 ई. में निर्मित किया गया था। इस जगह के सुंदर वातावरण के कारण, महाराणा उदय सिंह ने इस झील के तट पर उदयपुर शहर के निर्माण करने का फैसला किया। फतेह सागर भी एक कृत्रिम झील है, जिसे महाराणा फतेह सिंह द्वारा वर्ष 1678 में विकसित किया गया था। राजसामन्द झील, उदयसागर झील, और जैसामन्द झील क्षेत्र की अन्य शानदार झीलों में से कुछ हैं।

शहर के अन्य आकर्षण

यहाँ कई महल और किले हैं जो राजपूताना महिमा का प्रतीक के रूप में हैं। सिटी पैलेस एक शानदार स्मारक है जिसे महाराजा उदय मिर्जा सिंह द्वारा वर्ष 1559 में निर्मित किया गया था। मुख्य महल के परिसर में कुल 11 महल हैं। इस के अलावा, लेक पैलेस एक अन्य लोकप्रिय स्थान है, जो अपनी कलात्मक उत्कृष्टता के लिए सराहा जाता है।

यह महल अब एक 5 सितारा होटल के रूप में कार्य करता है जो अपने सुंदर पुते हुये शीशे, गुलाबी पत्थरों, और कमल के पत्ते के साथ सजे कमरों के लिये प्रसिद्ध है। समुद्र स्तर से 944 मीटर की ऊंचाई पर स्थित सज्जनगढ़ पैलेस एक और भव्य संरचना है, जिसे 'मानसून पैलेस' के नाम से भी जाना जाता है।

महाराणा सज्जन सिंह ने वर्ष 1884 में इस महल का निर्माण ऊपर से मानसून के बादलों को देखने के लिए कराया था। इस के अलावा, बगोर की हवेली और फतेह प्रकाश पैलेस इस जगह के कुछ अन्य प्रमुख संरचनायें हैं।

उदयपुर में बहुत कुछ है देखने के लिए

अगर समय हो तो, यात्री विभिन्न संग्रहालयों और गैलरियों की यात्रा कर सकते हैं, जहाँ बीते युग के विभिन्न महत्वपूर्ण चीजें रखी हुई हैं। सिटी पैलेस संग्रहालय शाही परिवारों से जुड़ी वस्तुओं को दर्शाता है। इसके अलावा, आप क्रिस्टल गैलरी भी जा सकते हैं, जो फतेह प्रकाश पैलेस का एक हिस्सा है, यहाँ ऑस्लर क्रिस्टल की एक शानदार संग्रह है।

सुंदर सोफा सेट, रत्नजड़ित कालीन, क्रिस्टल कपड़े, फव्वारे, और बर्तन गैलरी के मुख्य आकर्षण हैं। एक अन्य प्रसिद्ध पुरातात्विक संग्रहालय आहाड़ पुरातत्व संग्रहालय है, जिसमें वास्तव में प्राचीन युग के लोगों के जीवन का हिस्सा रही वस्तुओं का संग्रह है।

यहाँ कई खूबसूरत उद्यान और संरचनायें हैं जैसै कि सहेलियों की बाड़ी, बड़ा महल, गुलाब बाग, महाराणा प्रताप स्मारक, लक्ष्मी चौक, और दिल कुशल। राज आँगन भी, जिसे गोल महल के रूप में भी जाना जाता है, उदयपुर में एक प्रमुख पर्यटन स्थल है, इसे महाराणा उदय सिंह द्वारा बनाया गया था। यात्री शिल्प ग्राम की यात्रा भी कर सकते हैं, जो अपने हस्तशिल्प के लिए विख्यात है।

जग मंदिर, सुखेदिया सर्किल, नेहरू गार्डन, एकलिंगजी मंदिर, राजीव गांधी पार्क, सास - बहू मंदिर और श्रीनाथजी मंदिर के रूप में कई और आकर्षण इस क्षेत्र में हैं।

वाहन और कनेक्टिविटी

दबोक, जिसे महाराणा प्रताप हवाई अड्डे के रूप में भी जाना जाता है, उदयपुर से 22 किमी की दूरी पर स्थित है। प्रमुख भारतीय शहर इस हवाई अड्डे से नियमित उड़ानों द्वारा जुड़े हुए हैं। शहर में ब्रॉड गेज रेलवे स्टेशन है, जो भारत के विभिन्न शहरों को जोड़ता है। ऐसे यात्री जो सड़क मार्ग से यात्रा करना चाहते हैं, राजस्थान के कई शहरों से उदयपुर के लिए बस सेवाओं का लाभ ले सकते हैं।

शहर की जलवायु के बारे में

उदयपुर में वर्ष के अधिकांश भाग के लिए गर्म और शुष्क जलवायु रहती है। सितंबर और मार्च के बीच की अवधि को गंतव्य का दौरा करने के लिए आदर्श माना जाता है। अधिकांश यात्री गर्मियों के दौरान इस जगह का दौरा करने से बचते हैं क्योंकि इस जगह का तापमान इस समय के दौरान अधिकतम 45 डिग्री सेल्सियस तक चला जाता है।

मानसून के मौसम के दौरान इस क्षेत्र में अल्प वर्षा होती है, जिससे हवा काफी नम रहती है। इस जगह सर्दियों के मौसम के दौरान मौसम सुखद रहता है, जो शहर के चारों ओर दर्शनीय स्थलों की यात्रा के लिए अनुकूल समय है।

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