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तवांग के कुछ खूबसूत पर्यटक स्थल

By Rupam

तवांग अरुणाचल प्रदेश के उत्तर- पश्चिमी भाग में स्थित है। तवांग छठे दलाई लामा, लोबसंग ग्यात्सो का जन्म स्थान होने के लिए प्रसिद्ध है और भारत में सबसे बड़े बौद्ध मठ के लिए भी जाना जाता है। तवांग अपनी अद्वितीय सौंदर्य से पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करता है।

समुद्र स्तर से लगभग 10,000 फीट ऊपर है और झीलों से घिरा हुआ है। तवांग की यात्रा के लिए सबसे अच्छा मौसम मानसून होता है। तापमान आरामदायक रहता है और पर्यटन स्थलों के भ्रमण के लिए उपयुक्त भी होता है।

यात्रा करने के लिए सबसे अच्छा महीना मार्च, अप्रैल , मई, जून , सितंबर और अक्टूबर है। इस सुंदर जगह की लुभावनी घाटियां, मिस्टी नदियां और आश्चर्यजनक झरने आपको परम अनुभव प्रदान करेंगे।

सेला दर्रा

सेला दर्रा

सेला दर्रा अरुणाचल प्रदेश में सबसे ज्यादा देखे जाने वाली जगह है। यह दुनिया के उच्च ऊंचाई पहाड़ वाले पहाड़ों में से एक है। तवांग तक जाने के लिए सड़क से होकर गुजरना होगा। सर्दियों के दौरान झील बर्फ जैसे जम जाते हैं।

Photo Courtesy: Yathin S Krishnappa

तवांग मठ

तवांग मठ

तवांग मठ भारत का सबसे बड़ा मठ है और पोटाला पैलेस के बाद दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा मठ। यह अरुणाचल प्रदेश के उत्तर-पश्चिमी हिस्से में है जो तवांग नदी की घाटी में स्थित है। यह 17 वीं सदी के दौरान मेरा लामा द्वारा स्थापित किया गया था। यह मठ पांडुलिपियों, पुस्तकों और अन्य कलाकृतियों के अद्भुत संग्रह के कारण भी प्रसिद्ध है।

Photo Courtesy: Vikramjit Kakati

नूरानांग फॉल्स

नूरानांग फॉल्स

नूरानांग फॉल्स को जंग फॉल्स के नाम से भी जाना जाता है जो लगभग 100 मीटर की ऊचाई पर है। जल विद्युत स्टेशन के पास यात्रा के लिए खुला है। नूरानांग नदी और नूरानांग फॉल्स एक नूरा नाम की स्थानीय महिला के नाम पर पड़ा है जिसने 1962 में भारत-चीन की युद्ध में सैनिकों की मदद की थी।

Photo Courtesy: Easyvivek

बुमला दर्रा

बुमला दर्रा

बुमला दर्रा तवांग से लगभग 37 किमी दूर है और समुंद्र स्तर से लगभग 16,500 फीट ऊपर है। बुमला जाने वाली सड़क साल भर अच्छे स्थिति में नहीं होता है। मई से अक्टूबर के बीच का समय यहां की यात्रा करने के लिए उचित होता है। इस जगह की असीम सुंदरता लोगों को अपनी ओर आकर्षित करती है।

Photo Courtesy: Tabish q

जसवंत गढ़

जसवंत गढ़

जसवंत गढ़ सेला पास से 21 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। चीनी सेना ने अपनी स्मृति के सम्मान में जसवंत गढ़ के रूप में नामित किया है।

Photo Courtesy: Saurabhgupta8

तवांग युद्ध स्मारक

तवांग युद्ध स्मारक

तवांग युद्ध स्मारक 40 फिट की ऊंचाई पर स्थित है जो स्तूप डिजाइन के रूप में निर्मित है। यह स्मारक 1962 में आयोजित भारत-चीन युद्ध के शहीदों को समर्पित किया गया है। यह स्मारक सुंदर चोटियों के बीच स्थित है। यह स्मारक नामग्याल चोरटेन के रूप में प्रसिद्घ है।इस स्मारक पर लगभग 2420 मृत सैनिकों के नाम है।

Photo Courtesy: Kunal Dalui

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