आज 14 जुलाई को पुरी में 'नब यौवन दर्शन' का खास मौका है। 15 दिनों के 'अणसर' (एकांतवास) के बाद भगवान जगन्नाथ अपने भक्तों को दर्शन देने लौट आए हैं। 16 जुलाई को होने वाली भव्य रथ यात्रा से ठीक पहले आज मंदिर में हजारों श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है। आज ही भक्तों को भगवान के दिव्य रूप के पहले सार्वजनिक दर्शन मिलते हैं।
दर्शन का समय अलग-अलग हो सकता है, लेकिन आमतौर पर यह सुबह जल्दी शुरू हो जाता है। भीड़ को संभालने के लिए स्थानीय पुलिस पूरी तरह मुस्तैद है। श्रद्धालुओं को 'बड़ा डांडा' रोड पर बने बैरिकेड्स से होकर जाना होगा। दोपहर की गर्मी से बचने के लिए बेहतर होगा कि आप सुबह जल्दी मंदिर पहुंच जाएं। आम एंट्री के लिए उत्तर और पश्चिम द्वारों का इस्तेमाल करना ज्यादा आसान रहेगा।

पुरी नब यौवन दर्शन: ट्रैफिक और ट्रैवल गाइड
प्रशासन ने पुरी में ट्रैफिक को लेकर कड़े नियम लागू किए हैं। प्राइवेट गाड़ियों को मालतीपाटपुर जैसे तय पार्किंग जोन में ही खड़ा करना होगा। वहां से मुख्य ग्रैंड रोड तक जाने के लिए शटल बसें चलाई जा रही हैं। पैदल चलना भी एक अच्छा और तेज विकल्प है। इस हफ्ते करीब 10 लाख श्रद्धालुओं के आने की उम्मीद है, इसलिए रास्ते में देरी के लिए तैयार रहें।
लंबी कतारों में अनुशासन बनाए रखें। पर्यटकों और तीर्थयात्रियों की मदद के लिए जगह-जगह वॉलंटियर्स मौजूद हैं। सुरक्षा कारणों से मंदिर के अंदर बड़े बैग न ले जाएं। मोबाइल फोन को एंट्री से पहले क्लॉक रूम में जमा करना जरूरी है। इन नियमों का पालन कर आप मंदिर की पवित्रता बनाए रखने में मदद कर सकते हैं।
रथ यात्रा दर्शन के लिए स्पेशल ट्रेनें और रुकने के विकल्प
ईस्ट कोस्ट रेलवे (ECoR) इस त्योहार के लिए 15 से 17 जुलाई के बीच स्पेशल ट्रेनें चला रहा है। भुवनेश्वर और कटक से सिटी बसें भी चल रही हैं। अगर पुरी के होटल फुल हैं, तो आप पास के शहरों में रुकने का विकल्प चुन सकते हैं। भीड़भाड़ के समय यह एक स्मार्ट तरीका है जिससे आपकी यात्रा आरामदायक रहेगी।
| यात्रा का विकल्प | एक्सेस पॉइंट्स | ट्रैवल सलाह |
|---|---|---|
| स्पेशल ट्रेनें | भुवनेश्वर स्टेशन | PRS काउंटर से बुक करें |
| पार्किंग जोन | मालतीपाटपुर/तलाबाणिया | पार्क करें और शटल लें |
रथ यात्रा के लिए सुरक्षा नियम और मानसून की तैयारी
27 जुलाई तक पुरी में ड्रोन उड़ाने पर पूरी तरह पाबंदी (नो-फ्लाई जोन) है। सुरक्षा बल भीड़ पर कड़ी नजर रख रहे हैं। चूंकि मानसून का समय है, इसलिए अपने साथ रेनकोट या छाता जरूर रखें। प्लास्टिक कवर का इस्तेमाल न करें क्योंकि इससे शहर की ड्रेनेज व्यवस्था खराब हो सकती है। बारिश के बीच भी खुद को हाइड्रेटेड रखना न भूलें।
अपनी यात्रा की सही प्लानिंग करें ताकि आप शांति से दर्शन कर सकें। भीड़ से बचने के लिए आज 'ऑफ-पीक' घंटों में दर्शन करना बेहतर होगा। पुलिस के निर्देशों का पालन करें ताकि सबकी सुरक्षा बनी रहे। आज के दर्शन भक्तों को गुरुवार को होने वाली भव्य रथ यात्रा के लिए तैयार करेंगे। आपकी पवित्र नगरी की यात्रा मंगलमय हो।



Click it and Unblock the Notifications











