Search
  • Follow NativePlanet
Share
» »पुरी जगन्नाथ मंदिर के कपाट बंद: अणसर काल में दर्शन के लिए ये है बेस्ट विकल्प

पुरी जगन्नाथ मंदिर के कपाट बंद: अणसर काल में दर्शन के लिए ये है बेस्ट विकल्प

पुरी जगन्नाथ मंदिर के कपाट आज, 6 जुलाई से भक्तों के लिए बंद हो गए हैं। 15 जुलाई तक चलने वाले इस पवित्र 'अणसर' (Anasara) काल के दौरान श्रद्धालु भगवान के दर्शन नहीं कर पाएंगे। दरअसल, स्नान पूर्णिमा के शाही स्नान के बाद भगवान अभी एकांतवास में हैं और एक गुप्त कक्ष में विश्राम कर रहे हैं। अगर आप इन दिनों पुरी जाने का प्लान बना रहे हैं, तो मंदिर की इस परंपरा का खास ख्याल रखें।

भले ही मुख्य मंदिर के द्वार बंद हों, लेकिन आस्था की डोर भक्तों को दूसरी ओर खींच ले जाती है। इन दिनों श्रद्धालु भारी संख्या में ब्रह्मगिरी स्थित अलारनाथ मंदिर पहुंच रहे हैं। पुरी से करीब 23 किलोमीटर दूर स्थित इस मंदिर के बारे में मान्यता है कि अणसर के दौरान भगवान यहीं निवास करते हैं। यहां दर्शन करना ओडिशा की सदियों पुरानी परंपराओं से जुड़ने जैसा है।

Puri Jagannath Temple Closed for Anasara 2026: Best Guide to Visit Alarnath Temple for Darshan
सुविधा/विवरण पुरी जगन्नाथ मंदिर अलारनाथ मंदिर (ब्रह्मगिरी)
स्थिति (6-15 जुलाई) अणसर के कारण बंद दर्शन के लिए खुला
मुख्य विग्रह के दर्शन उपलब्ध नहीं भगवान अलारनाथ (चतुर्भुज विष्णु)
विशेष प्रसाद आबाधा (सीमित) प्रसिद्ध खीर प्रसाद

अणसर के दौरान अलारनाथ मंदिर में ऐसे करें दर्शन

पुरी स्टेशन से लोकल बस या टैक्सी के जरिए आप आसानी से अलारनाथ पहुंच सकते हैं। सुबह 6:00 बजे से ही मंदिर के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खुल जाते हैं। यहां के मशहूर 'खीर प्रसाद' के लिए भक्तों की काफी भीड़ उमड़ती है, जो इस यात्रा का सबसे खास अनुभव है। एक जरूरी बात, यहां डिजिटल पेमेंट में नेटवर्क की दिक्कत आ सकती है, इसलिए अपने साथ पर्याप्त कैश जरूर रखें।

भीड़ को देखते हुए ग्रैंड रोड पर ट्रैफिक और पार्किंग के नियम काफी सख्त कर दिए गए हैं। पुलिस ने वाहनों की आवाजाही के लिए कई जगह रूट डायवर्ट किए हैं। मंदिर के आसपास निजी वाहनों की एंट्री पर पाबंदी हो सकती है, इसलिए कम दूरी के लिए ई-रिक्शा (बैटरी वाले रिक्शा) का इस्तेमाल करना सबसे अच्छा रहेगा। रास्तों की सही जानकारी होने से आप बेवजह की परेशानी से बच सकेंगे।

रथ यात्रा के लिए पुरी आने वाले यात्रियों के लिए जरूरी जानकारी

जुलाई के मध्य में होने वाली रथ यात्रा के लिए पुरी के लगभग सभी होटल फुल होने वाले हैं। ज्यादातर कमरे पहले ही बुक हो चुके हैं। वहीं, ईस्ट कोस्ट रेलवे की ट्रेनों में भी लंबी वेटिंग लिस्ट चल रही है। अगर आप आने का मन बना रहे हैं, तो कम से कम एक हफ्ते पहले अपनी बुकिंग पक्की कर लें। पुरी में जगह न मिलने पर भुवनेश्वर में रुकना एक बेहतर विकल्प हो सकता है।

सावधान! इन दिनों कुछ फर्जी गाइड भगवान के 'गुप्त दर्शन' कराने का झांसा दे सकते हैं। याद रखें, अणसर के दौरान दर्शन का कोई शॉर्टकट या स्पेशल टिकट नहीं होता। किसी भी मदद के लिए सिर्फ मंदिर के आधिकारिक स्टाफ से ही संपर्क करें। रेलवे स्टेशन या बाजार जैसी भीड़भाड़ वाली जगहों पर अजनबियों से अपनी निजी जानकारी साझा न करें और अपने सामान का पूरा ध्यान रखें।

अपनी यात्रा को यादगार बनाने के लिए आप भुवनेश्वर, अलारनाथ और कोणार्क का एक मिला-जुला रूट प्लान कर सकते हैं। दोपहर की गर्मी और लंबी लाइनों से बचने के लिए ब्रह्मगिरी मंदिर सुबह जल्दी पहुंचें। इससे आप रथ यात्रा की भारी भीड़ शुरू होने से पहले शांति से दर्शन कर पाएंगे। सही प्लानिंग के साथ आपकी ओडिशा की यह आध्यात्मिक यात्रा बेहद सुखद रहेगी।

More News

Read more about: रथ यात्रा
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+