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कर्नाटक के केंद्र में स्थित खूबसूरत पर्यटन स्थल हावेरी, जानिए क्यों है खास

दक्षिण भारतीय राज्य कर्नाटक के केंद्र में स्थित हावेरी एक खूबसूरत पर्यटन स्थल है, जो अपने प्राकृतिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक महत्व के लिए जाना जाता है। इसे कर्नाटक के उत्तरी जिलों का गेटवे भी कहा जाता है। एक समृद्ध संस्कृति और परंपरा के साथ यह राज्य के महत्वपूर्ण स्थलों में से एक है। गडग जिले के साथ हावेरी कभी अविभाजित धारवाड़ जिले का हिस्सा हुआ करता था। पर लोगों के मांगों के कारण इसे पुराने धारवाड़ से अलग कर एक नए जिले के रूप में स्थापित किया गया।

इतिहास से जुड़े साक्ष्यों के अनुसार यह एक प्राचीन स्थल है, जिसका संबंध पूर्व-ऐतिहासिक काल से है। तुंगभद्र और वरदा नदी के आसपास पूर्व-ऐतिहासिक सभ्यताओं के अस्तित्व पर कई साक्ष्य प्राप्त किए गए हैं। जिले के आसपास पाषाण युग की सभ्यताओं को प्रदर्शित करने वाले नक्काशीदार पत्थर भी मिले हैं।

यह जानना है जरूरी

यह जानना है जरूरी

PC- Manjunath Doddamani Gajendragad

कर्नाटक का यह केंद्रीय जिला कई शासकों और साम्राज्यों की शासनस्थली रह चुका है। बांकपुर चल्लकेतारू, गुट्टावुला गुट्टारू, हानागल के कदंबा, नूरुंबद, कदंबा यहां के कुछ प्रसिद्ध सामंत हैं। माना जाता है कि यह जिला हौसला विष्णुवर्धन की दूसरी राजधानी भी था। गुटारू ने 12 वीं शताब्दी के उत्तरार्ध के दौरान और 13 वीं शताब्दी के अंत तक यहां शासन किया। यहां राज करने वाले सामंतों ने यहां कई सांस्कृतिक और ऐतिहासिक संरचनाओं का निर्माण करवाया।

जिले के विभिन्न हिस्सों में यहां शासन करने वाले इन सामंतों के स्थानी प्रमाण देखे जा सकते हैं। आइए जानते हैं यह ऐतिहासिक स्थल आपको पर्यटन के लिहाज से किस प्रकार आनंदित कर सकता है।

सिद्धेश्वर मंदिर

सिद्धेश्वर मंदिर

PC-Dineshkannambadi

हावेरी भ्रमण की शुरूआत आप यहां प्रसिद्ध धार्मिक स्थल सिद्धेश्वर मंदिर से कर सकते हैं। यह यहां का लोकप्रिय मंदिर है, जिले का बाहरी इलाके में बना हुआ है। अपनी आकर्षक संरचना के साथ यह मंदिर हौसला वास्तुकला शैली को प्रदर्शित करने का काम करता है। इस मंदिर में शिवलिंग के साथ गणेश और कार्तिकेय की मूर्तिया भी मौजूद हैं।

गर्भगृह में एक बरामदा और तीन प्रवेशदार भी बने हुए हैं। यह मंदिर अपने नक्काशीदार पत्थरों के स्तंभों और छत के लिए काफी प्रसिद्ध है। मंदिर की बाहरी दीवारें आकर्षक आकृतियों से सजाई गई हैं।

तारकेश्वर मंदिर

तारकेश्वर मंदिर

PC-Manjunath Doddamani

सिद्धेश्वर मंदिर के अलावा आप यहां तारकेश्वर मंदिर के दर्शन भी कर सकते है। तारकेश्वर मंदिर हावेरी जिले के हंगल शहर में स्थित एक लोकप्रिय मंदिर है। यह मंदिर भगवान शिव को समर्पित है और जिसका नाम भोलेनाथ के तारकेश्वर रूप के नाम पर रखा गया है। यह मंदिर भी अपनी आकर्षक वास्तुकला के लिए जाना जाता है, जहां आप जटिल नक्काशीदार दीवारें, स्तंभ और सजावटी छत देख सकते हैं,जो चालुक्य शैली में बनाई गई हैं। मंदिर के बाहरी इलाकों में आप विभिन्न मूर्तियों को देख सकते हैं, जिन्हें खूबसूरत नक्काशी के साथ सजाया गया है।

बंकापुर मोर अभयारण्य

बंकापुर मोर अभयारण्य

हावेरी के धार्मिक स्थलों के अलावा आप यहां के अन्य पर्यटन स्थलों की सैर का प्लान बना सकते हैं। बंकापुर मोर अभयारण्य जिले का एक प्रसिद्ध टूरिस्ट स्पॉट है, जहां आप एक हजार से ज्यादा मोरों को देख सकते हैं। यह अभयारण्य लगभग 139 एकड़ में क्षेत्र में फैला है, जहां बंकापुर किले के अवशेष देख जा सकते हैं। यह अभयारण्य पशु चिकित्सा विज्ञान विभाग द्वारा विभिन्न शोध और अध्ययन के लिए भी इस्तेमाल किया जाता है।
यह देश के कुछ विशेष अभयारण्यों में से एक है जो विशेष रूप से मोर के संरक्षण और उनके प्रजनन विकास पर केंद्रित है। मोर के अलावा आप इस अभयारण्य में विभिन्न अन्य पक्षी प्रजातियों को भी देख सकते हैं।

रानेबेन्नुर ब्लैकबक अभयारण्य

रानेबेन्नुर ब्लैकबक अभयारण्य

बंकापुर मोर अभयारण्य के अलावा आप यहां रानेबेन्नुर ब्लैकबक अभयारण्य की सैर का आनंद ले सकते हैं। यह अभयारण्य हावेरी शहर से लगभग 45 किमी की दूरी पर स्थित है। खासकर काले हिरण को सुरक्षित आवास प्रदान करने के उद्देश्य से इसे 1974 में ब्लैकबक सेंचुरी घोषित किया गया था। यह अभयारण्य लगभग 14.87 वर्ग किमी के क्षेत्र में फैला हुआ है, जो 6,000 से ज्यादा काले हिरणों को सुरक्षित आश्रय प्रदान करता है। इसके अलावा यहां जंगली सूअर, लोमड़ी, लंगूर, लकडबग्गा आदि जानवरों को भी देखा सकता है। यहां आने का आदर्श समय अक्टूबर और मार्च के मध्य है।

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