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उत्तराखंड की गोद में छुपा हुआ अनमोल गहना-तांडी

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देव भूमि के नाम से प्रसिद्ध उत्तराखंड देशी और विदेशी पर्यटकों को अपनी मन्त्र मुग्ध कर देने वाली प्राकृतिक सुन्दरता से खूब सम्मोहित करती है। हर साल यहां लाखों की तादाद में पर्यटक छुट्टियां मनाने और अपनी एडवेंचर की प्यास बुझाने पहुंचते हैं। जी हां, देवो की भूमि प्राकृतिक सुन्दरता से परिपूर्ण हिलस्टेशन और साहसिक गतिविधियों के  अलावा यह राज्य धार्मिक छोटा चार धाम यात्रा के लिए भी जाना जाता है।

यूं तो उत्तराखंड में कई खूबसूरत हॉलिडे डेस्टिनेशन है, जिन्हें अक्सर लोग गूगल करने के बजाए जगहों को घूमते हुए खोज निकालते हैं। कई ऑफ-बीट हॉलिडे डेस्टिनेशन से परिपूर्ण उत्तराखंड घूमने वालों के लिए किसी स्वर्ग से कम नहीं है।

इसी क्रम में आज हम आपको एक ऐसी जगह से रूबरू कराने जा रहे हैं, जहां गर्मियों में आप प्राकृतिक सुन्दरता को निहार सकते हैं, तो सर्दियों में बर्फ से ढके पर्वत, चोटियों और मैदानों को देख सकते हैं।

जी हां, हम बात कर रहे हैं तांडी की, जोकि मुक्तेश्वर से करीबन 20 किमी की दूरी पर स्थित खूबसूरत घूमने की जगह है। यकीन मानिए इस जगह पर पहुँचने के बाद आपको वापस जाने का मन नहीं करेगा। शहर के शोर-शराबे से दूर प्रकृति के एकदम करीब पहुंच जायेंगे, और हां अगर आपको पहाड़ पसंद हैं, तो ये जगह आपके लिए किसी स्वर्ग से कम नहीं है।

कैसे पहुंचे तांडी ?

कैसे पहुंचे तांडी ?

अगर आप ये लेख पढने के बाद गूगल करेंगे तो आपको इस जगह के बारे में बेहद ही सीमित जानकरी मामुलात होगी, यहां पहुँचने का सबसे आसन तरीका है, मुक्तेश्वर या फिर भीमताल में किसी स्थानीय व्यक्ति से इस जगह के बारे में पता करें और फिर अपनी यात्रा शुरू करें
इस गांव की यात्रा करते समय आपको थोड़ी सी सावधानी बरतनी होगी।

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उत्तराखंड की गोद में छुपा हुआ यह गहना मुक्तेश्वर से करीबन 20 किमी की दूरी पर है। यह एक गांव है, तो बेहतर होगा कि, आप इस गांव को घूमने के लिए सवेरे पहुंचे या फिर अन्धेरा होने से पहले। क्यों की इस गांव में 8 बजे के बाद लोगो की आवाजाही बंद हो जाती है।

कहां रुके?

कहां रुके?

तांडी उत्तराखंड के पर्यटन स्थलों में शुमार नहीं है, ये एक प्रकृति की गोद में बसा हुआ गांव है, जो शहरीकरण की परछाई से बेहद दूर है। यहां आपको रहने के लिए कोई होटल नहीं मिलेगा, लेकिन आप स्थानीय गांव वालों के घर में रुक सकते हैं। गांव वाले पर्यटकों का आतिथ्य सत्कार बेहद खुश होकर करते हैं।

क्या करें

क्या करें

आप इस गांव में 6 किमी की ट्रेक कर ऊपर पहाड़ी पर जा सकते हैं, जहां आप स्थानीय गांव के निवासियों के जानवरों को घास चरते हुए देख सकते हैं, और सात ही दूर दूर तक फैली मन को शांति देने वाली खूबसूरती, इन खूबसूरत मनोरम नजारों के बीच आप अपने साथ कुछ समय अवश्य गुजारें।

झरने में ले नहाने का मजा

झरने में ले नहाने का मजा

पहाड़ी के ऊपर ही एक नदी से बनता हुआ झरना है, जिसके नीचे खड़े होकर आप नहाने का मजा ले सकते हैं।

पैदल घूमे गांव को

पैदल घूमे गांव को

स्थानीय गांव वालों से बात करें, उनके बारे में जाने। स्थानीय लोग गांव घूमने आने वाले पर्यटकों को अतिथि सत्कार भी करते हैं, और उन्हें गांव भी घुमाते हैं।

सर्दियों में बर्फ से ढक जाता है गांव

सर्दियों में बर्फ से ढक जाता है गांव

मार्च तक आप इस गांव को बर्फ से ढका हुआ देख सकते हैं। मौसम चाहे सर्दी का हो या गर्मी का इस गांव की यात्रा करते समय अपने साथ गर्म कपड़े जरुर रखें।

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