Search
  • Follow NativePlanet
Share
» »हावड़ा स्टेशन - देश का है सबसे बड़ा स्टेशन, पर क्यों नहीं है प्लेटफार्म नंबर 16?

हावड़ा स्टेशन - देश का है सबसे बड़ा स्टेशन, पर क्यों नहीं है प्लेटफार्म नंबर 16?

हावड़ा स्टेशन...सिर्फ पश्चिम बंगाल ही नहीं बल्कि देश के सबसे व्यस्त स्टेशनों में से एक है। हर दिन हजारों की संख्या में ट्रेनें इस स्टेशन से खुलती, गुजरती या फिर यहां पहुंचती हैं। भारत में सबसे बड़े रेलवे स्टेशन का खिताब भी तो हावड़ा स्टेशन को ही मिला हुआ है।

सिर्फ इतना ही नहीं, अखंड भारत की पहली ट्रेन भी इसी स्टेशन से खुली थी। इस वजह से हावड़ा स्टेशन का बड़ा ही ऐतिहासिक महत्व भी है। लेकिन इसी स्टेशन से जुड़ी कई अजीबोगरीब बातें हैं, जिनकी वजहें आज तक समझ में नहीं आयी है।

Howrah station

हुगली नदी के किनारे लाल रंग के इमारत वाले हावड़ा स्टेशन का इतिहास कोलकाता के इतिहास जितना ही पुराना माना जाता है। आज हम हावड़ा स्टेशन के जिस अजीब चीज के बारे में बात कर रहे हैं वह है प्लेटफार्म। हावड़ा स्टेशन के नये और पुराने दोनों कॉम्प्लेक्स को मिलाकर कुल 23 प्लेटफार्म हैं। हावड़ा स्टेशन के पुराने कॉम्प्लेक्स में मौजूद है प्लेटफार्म नंबर 1 से लेकर प्लेटफार्म नंबर 15।

पुराने कॉम्प्लेक्स के ठीक बगल में ही स्थित है हावड़ा स्टेशन का नया कॉम्प्लेक्स। स्टेशन के नये कॉम्प्लेक्स में मौजूद है प्लेटफार्म नंबर 17 से लेकर प्लेटफार्म नंबर 23 तक। कुछ अजीब लगा... जरा प्लेटफार्म के नंबरों पर गौर फरमाएं जनाब!

जी हां, प्लेटफार्म नंबर 16 का जिक्र हमने कहीं किया ही नहीं। नहीं, यह कोई Typo Error नहीं है, बल्कि जानबुझकर ही हमने प्लेटफार्म नंबर 16 का जिक्र नहीं किया, क्योंकि हावड़ा स्टेशन पर प्लेटफार्म नंबर 16 है ही नहीं। चलिए आपको साफ-साफ समझाते हैं कि ये पूरा माजरा आखिर है क्या...।

Howrah bridge

हावड़ा स्टेशन पर प्लेटफार्म नंबर 16 नहीं है बल्कि 'जीरो माइल' है। दरअसल, हावड़ा स्टेशन में प्लेटफार्म नंबर 16 जिस जगह पर है, वहां से न तो कोई यात्री ट्रेन छुटती है और न ही कोई ट्रेन उस प्लेटफार्म पर आती है। उस जगह को 'जीरो माइल' कहा जाता है। इस जगह पर सिर्फ मालवाही गाड़ियां ही आती हैं। इतिहासकारों का तो यह भी कहना है कि 15 अगस्त 1854 को भारत की पहली ट्रेन भी 'जीरो माइल' से ही खुली थी।

हावड़ा से हुगली के बीच चली यह ट्रेन भाप वाले इंजन से चली थी। निर्धारित किया गया था कि सुबह 8 बजे हावड़ा के 'जीरो माइल' से भाप इंजन पर यह ट्रेन खुलेगी जो हुगली तक जाएगी। फिर हुगली से खुलने वाली ट्रेन दोपहर को 1 बजे तक हावड़ा वापस लौट आएगी। लेकिन ऐसा नहीं हो सका था। जानकारी के अनुसार पहले दिन ही ट्रेन पूरे 2 घंटे विलंब से हावड़ा लौटी थी।

howrah station

हालांकि पूर्व रेलवे के अधिकारियों का कहना है कि अब प्लेटफार्म नंबर 16 यानी 'जीरो माइल' की लंबाई को बढ़ाया जा रहा है, ताकि वहां सामान्य और दूरगामी ट्रेनों को भी खड़ी किया जा सकें। और यह काम अगले कुछ समय में पूरा होने की संभावना भी जतायी गयी है।

हावड़ा स्टेशन से जुड़ी एक और मज़ेदार बात बताते हैं। हावड़ा स्टेशन के पुराने अथवा नये कॉम्प्लेक्स में किसी भी एक प्लेटफार्म से दूसरे प्लेटफार्म पर जाने के लिए यात्रियों को ओवरब्रिज का इस्तेमाल नहीं करना पड़ता है। अगर स्पष्ट शब्दों में कहे तो हावड़ा के नये अथवा पुराने कॉम्प्लेक्स में स्टेशन परिसर के अंदर कोई ओवरब्रिज है ही नहीं। सभी प्लेटफार्म एक सीध में हैं और उनके सिरे एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं। हावड़ा में ओवर ब्रिज का इस्तेमाल सिर्फ स्टेशन के बाहरी हिस्से में किया जाता है।

More News

    Notifications
    Settings
    Clear Notifications
    Notifications
    Use the toggle to switch on notifications
    • Block for 8 hours
    • Block for 12 hours
    • Block for 24 hours
    • Don't block
    Gender
    Select your Gender
    • Male
    • Female
    • Others
    Age
    Select your Age Range
    • Under 18
    • 18 to 25
    • 26 to 35
    • 36 to 45
    • 45 to 55
    • 55+