हमारे देश में न तो पर्यटन स्थलों की कमी है और न ही अध्यात्मिक स्थलों की कमी है। लेकिन कई बार सड़कों के अभाव में लोग अच्छी और शानदार जगहों पर घूमने जाने से वंचित रह जाते हैं लेकिनपिछले कुछ सालों में देश के विभिन्न पर्यटन स्थलों या फिर अध्यात्मिक स्थलों को जोड़ने वाली सड़कों का निर्माण किया गया है।
जिससे न सिर्फ उन पर्यटन व अध्यात्मिक स्थलों की कनेक्टिविटी बढ़ रही है बल्कि देश की अर्थव्यवस्था को भी काफी फायदा मिल रहा है। इन पर्यटन स्थलों व अध्यात्मिक स्थलों के इर्द-गिर्द दुकान, होटल व गाइड जैसे रोजगार के नये अवसर पैदा हो रहे हैं जिससे स्थानीय स्तर पर शहरों का आर्थिक विकास हो रहा है।

इस बाबत पिछले साल दिसंबर में हुए संसद के सत्र के दौरान देश के सड़क व परिवहन मंत्री से पूछे गये एक सवाल का जवाब देते हुए बताया गया कि देश भर में महत्वपूर्ण पर्यटन व अध्यात्मिक स्थलों के साथ कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए नेशनल हाईवे का विकास और रख-रखाव किया जा रहा है।
बताया जाता है कि अब तक सड़क व परिवहन मंत्रालय ने विभिन्न राज्यों के महत्वपूर्ण पर्यटन व अध्यात्मिक स्थलों को जोड़ने वाली और उनसे कनेक्टिविटी को बढ़ाती 321 नेशनल हाईवे (NH) परियोजनाओं को शुरू किया जिसके तहत करीब 8,544 किमी लंबी सड़क का निर्माण देश भर में किया गया। पिछले साल के उपलब्ध आंकड़ों के आधार पर बताया गया कि सिर्फ अध्यात्मिक व पर्यटन स्थलों को जोड़ने वाली नेशनल हाईवे के निर्माण में ही केंद्रीय सड़क व परिवहन मंत्रालय ने लगभग 1,49,758 करोड़ रुपए खर्च किया है। किसी राज्य में 1 तो किसी में 2 और 29 या 40 नेशनल हाईवे परियोजनाओं को केंद्रीय मंत्रालय ने शुरू किया है जिससे पर्यटन व अध्यात्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिल सकें।

आंकड़ों के मुताबिक सबसे ज्यादा उत्तराखंड में नेशनल हाईवे परियोजनाएं शुरू की गयी थी। उत्तराखंड में कुल 43 नेशनल हाईवे परियोजनाओं को पर्यटन व अध्यात्मिक पर्यटन स्थलों की कनेक्टिविटी को बढ़ाने के लिए शुरू किया गया जिसके तहत 675 किमी लंबी सड़क बनायी गयी। इतनी लंबी सड़क को बनाने में कुल 10,305 करोड़ रुपए की लागत आयी थी। उत्तराखंड में ही फिर से कनेक्टिविटी को बढ़ाता 12 नेशनल हाईवे परियोजनाओं को शुरू किया गया जिसकी लागत करीब 2,876 करोड़ रुपए आयी बतायी जाती है।
चलिए आपको आंकड़ों में बताते हैं कि पिछले कुछ सालों में देशभर के अध्यात्मिक व पर्यटन स्थलों से कनेक्टिविटी को बढ़ाने के लिए किस राज्य में कितनी लंबी सड़क (नेशनल हाईवे) का निर्माण किया गया है :-
| राज्य/केंद्र शासित प्रदेश | NH परियोजनाओं की संख्या | सड़क की लंबाई (किमी) | कुल लागत (करोड़ रुपए) |
|---|---|---|---|
| अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह | 2 | 3 | 5.40 |
| आंध्र प्रदेश | 5 | 211 | 2,588 |
| अरुणाचल प्रदेश | 7 | 411 | 7,648 |
| असम | 9 | 235 | 1,861 |
| बिहार | 7 | 303 | 10,028 |
| छत्तीसगढ़ | 1 | 43 | 1,368 |
| दादर और नागर हवेली और दमन व दीऊ | 1 | 25 | 2,369 |
| गुजरात | 7 | 233 | 6,902 |
| हरियाणा | 2 | 54 | 2,410 |
| हिमाचल प्रदेश | 6 | 139 | 1,095 |
| जम्मू और कश्मीर | 16 | 244 | 7,531 |
| झारखंड | 5 | 101 | 316 |
| कर्नाटक | 5 | 217 | 3,466 |
| केरल | 4 | 147 | 12,427 |
| मध्य प्रदेश | 5 | 179 | 2,196 |
| महाराष्ट्र | 3 | 109 | 4,755 |
| मणिपुर | 14 | 313 | 4,362 |
| मेघालय | 5 | 369 | 4,195 |
| मिजोरम | 14 | 464 | 9,137 |
| नागालैंड | 29 | 603 | 8,409 |
| ओडिशा | 4 | 145 | 2,501 |
| राजस्थान | 9 | 963 | 6,274 |
| सिक्किम | 19 | 266 | 4,901 |
| तमिलनाडु | 11 | 296 | 1,060 |
| त्रिपुरा | 10 | 241 | 3,247 |
| उत्तर प्रदेश | 18 | 631 | 7,721 |
| उत्तराखंड | 43 | 676 | 10,305 |
| उत्तराखंड | 12 | 106 | 2,876 |
| पश्चिम बंगाल | 40 | 588 | 5,361 |
| लद्दाख | 8 | 230 | 2,368 |
*डिजीटल संसद से मिली जानकारी के आधार पर



Click it and Unblock the Notifications














