दक्षिण भारत के एक मंदिर बड़े ही अजीब कारण से सूर्खियों में छाया हुआ है। मंदिर के चर्चाओं में छाए रहने की वजह कोई सांस्कृतिक परंपरा या मंदिर-मस्जिद का कोई विवाद नहीं बल्कि यह बड़ा ही हाईटेक मामला है। यहां दावा किया जा रहा है कि हुंडी में गलती से गिरा iPhone अब भगवान की संपत्ति हो गयी है। दरअसल, मंदिर के दानपात्र (हुंडी) में एक भक्त जब दान दे रहा था, तब असावधानीवश उसके शर्ट के पॉकेट से उसका iPhone हुंडी में गिर जाता है।
जब हुंडी खोलकर उसमें से iPhone बरामद किया गया और व्यक्ति ने अपना मोबाइल वापस मांगा तो मंदिर प्रबंधन ने उन्हें यह कहते हुए मोबाइल वापस देने से इंकार कर दिया गया कि अब यह भगवान की संपत्ति है। यह कोई काल्पनिक घटना नहीं बल्कि वास्तव है। चलिए जानते हैं, क्यों कहा गया ऐसा? कौन सा मंदिर है यह जहां गलती से गिरी वस्तु को भी भगवान की संपत्ति करार दे दी जाती है?
कौन सा है मंदिर?
यहां हम इतनी देर से जिस मंदिर की चर्चा कर रहे हैं, वह तमिलनाडु में राजधानी चेन्नई से लगभग 28 किमी की दूरी पर चेंगलपट्टू जिले में मौजूद भगवान मुरुगन(कार्तिकेय) को समर्पित तिरुपोरुर कंदस्वामी मंदिर है। द्रविड़ शैली में बने इस मंदिर को लेकर कहा जाता है कि इस मंदिर का निर्माण 10वीं सदी में किया गया था।
हालांकि बाद में लगभग 18वीं सदी के दौरान मंदिर का विस्तार किया गया। wikipedia से मिली जानकारी के अनुसार इस मंदिर का निर्माण 10वीं सदी में पल्लव राजवंश के शासनकाल के दौरान हुआ था। 17वीं सदी में इस मंदिर को फिर से बनाया गया था।
मंदिर खुलने का समय
- सुबह 6.30 से दोपहर 12.30 बजे तक
- दोपहर 3.30 से रात 8 बजे तक
क्या है पौराणिक मान्यताएं?
पौराणिक मान्यताओं के अनुसार भगवान मरुगन ने 3 जगहों पर राक्षसों से युद्ध किया था। उन्होंने तिरुचेंदूर में समुद्र में, तिरुपोरुर में हवा में और तिरुप्परनकुंद्रम में जमीन पर युद्ध किया था। कहा जाता है कि किसी समय यह जगह समुद्र में पूरी तरह से डूब गयी थी। बाद में मदुरै के रहने वाले एक ऋषि, जिनका नाम चिदंबरा आदिगल है, को आकाशवाणी ने ताड़ के पेड़ के नीचे खोदकर वहां से मूर्ति निकालने का आदेश दिया।
उन्होंने जमीन खोदकर मूर्ति निकाली और उसके चारों तरफ मंदिर का निर्माण करवाया। इस मंदिर में चिदंबरा आदिगल का भी एक अलग मंदिर है और पूरे सम्मान के साथ उनकी पूजा की जाती है।
मंदिर ने क्यों iPhone को कहा भगवान की संपत्ति?
तिरुपोरुर के कंदस्वामी मंदिर की हुंडी में गिरे iPhone के मालिक ने जब मंदिर प्रबंधन से बात की तो उनका कहना था, कि मंदिर की हुंडी में जब भी कोई वस्तु डाली जाती है तो वह भगवान की संपत्ति होती है। फिर वह स्वेच्छा से दी गयी हो या गलती से गिरी हो। यह सिर्फ इस एक मंदिर का ही नहीं बल्कि तमिलनाडु के हिंदू धार्मिक और धर्मार्थ बंदोबस्ती विभाग (HR & CI) का है।
कंदस्वामी मंदिर ने भक्त से मोबाइल में मौजूद सभी डाटा ले लेने की अनुमति देते हुए कहा कि मोबाइल को वापस नहीं किया जाएगा। हालांकि उक्त भक्त ने डाटा वापस लेने से इंकार कर दिया और इस मामले को HR & CI मंदिर पी. के. शेखर बाबू के सामने लाया। हालांकि मंत्री ने भी HR & CI की बात को ही दोहराते हुए मोबाइल वापस लौटाने में असमर्थता जतायी। लेकिन उन्होंने यह भी कह वह विभाग के अधिकारियों से इस मामले में बात करेंगे और जरूरी होने पर भक्त को मुआवजा देने की संभावनाओं पर भी विचार करेंगे।



Click it and Unblock the Notifications

















