सिरसी- एक निपुण सैरगाह
हरे भरे जंगल, गगनचुम्बी झरना और अनूठे पुराने मंदिर, उत्तर कर्णाटक के सिरसी को एक प्रचलित घूमने का स्थान बनाते हैं। ये शहर जो पश्चिमी घाट के हृदय में बसा है, बंगलुरु शहर से 407......
कैंडोलिम पर्यटन - इसे कहते हैं गोवा का स्वर्ग
कैंडोलिम बीच हमेषा अपनी ’मध्य में’ प्रकृति के कारण जाना जाता है। सभी बीचों के पास होते हुए भी यहाँ असीम शांति है जो पास में स्थित कैलेग्यूट ओर बागा बीचों पर नहीं......
वास्को दा गामा पर्यटन - कहते हैं जिसे अलग अलग आकर्षणों का खज़ाना
मोरमुगाओ उपद्वीप पर गोवा का सबसे बड़ा शहर वास्को दा गामा स्थित है, जो कि पणजी से भी बड़ा है और यकीनन इसी शहर में गोवा की शॉपिंग अर्थव्यवस्था पनपती है। अधिकतर दक्षिणी गोवा के......
कैलेंग्यूट पर्यटन - जो है, उत्तरीय गोवा का खज़ाना
कैलेंग्यूट बीच सभी आकर्षण स्थलों का केंद्र है। उत्तरी गोवा के दो सबसे प्रसिद्ध बीच, कैंडोलिम और बागा से घिरे होने से और इसके आसपास की जगहों के कारण इस जगह को पर्यटकों का स्वर्ग......
कुद्रेमुख - एक अलग किस्म का पर्यटन स्थल
कुद्रेमुख कर्नाटक के चिकमगलूर जिले में एक पहाड़ी परिसर है और यह पश्चिमी घाट का एक हिस्सा है। कुद्रेमुख का क्षेत्र एक लोकप्रिय हिल स्टेशन भी है। अपनी उठती-गिरती घास भूमि और घने......
होरानाडू - जिसे मिला है प्रकृति से वरदान
होरानाडू की प्रसिद्धि का मुख्य कारण यहाँ का अद्भुत देवी अन्नापूर्नेश्वरी मंदिर है। जो लोग प्रकृति की असली महिमा देखना चाहते हैं, होरानाडू पहुंचकर वह अपनी इन्द्रियों को तृप्त कर......
डोना पाउला पर्यटन - एक सुखद अनुभव
गोवा की राजधानी, पणजिम का एक उपनगर, डोना पाउला ऐसा पर्यटन स्थल है जहाँ देशी और विदेशी पर्यटक आते रहते हैं। शहर का भाग होने पर भी इस इलाके की गति बहुत धीमी है। यह इलाका शहर के......
बागा पर्यटन - फन, पार्टी और मौज मस्ती का मक्का भी कहते हैं इसे
बागा में हर चीज़ उपलब्ध है। बीच पर बनी बेहतरीन शैक से लेकर अच्छे रेस्टोरेंट तक, अच्छे होटल, रहने की बेहतर सुविधा और एक विश्वसनीय जर्मन बेकरी; बागा में ये सब कुछ है। आकार और यहाँ......
कोल्लूर पर्यटन - देवी मूकाम्बिका की दिव्य भुजाओं में
कोल्लूर कर्नाटक के कुंदापुर तालुक में एक छोटा सा गाँव है तथा देश भर के यात्रियों के लिए एक विशेष स्थान है। नित्य बहने वाली सोपर्णिका नदी के तट पर तथा पश्चिमी घाटों के सामने......
भटकल - इतिहास के पन्नों में डूबा शहर
भटकल उत्तर कर्नाटक के कारवार से 130 कि. मी दूर है। भटकल शहर और इसके बंदरगा दोनों ही बहुत प्राचीन है। भटकल का गौरवशाली इतिहास और उसके सुंदर समुद्री तट इसके आकर्षण का केंद्र है।......
केम्मनगुंडी पर्यटन - एक शाही रिज़ॉर्ट
कर्नाटक के चिकमंग्लूर जिले में तरिकेरे तालुक में स्थित केम्मनगुंडी हिल स्टेशन बाबा बुदन गिरि पहाड़ियों से घिरा है। ऊँचे पहाड़ों, गिरत झरनों, घने जंगलों और हरेभरे घास के मैदान के......
कुम्ता पर्यटन - एक छोटा सा संपन्न तटीय शहर
उत्तर कन्नड़ में कुम्ता की एक यात्रा, तेजस्वी दृश्य, प्रभावशाली स्मारकें और एक समृद्ध संस्कृति एक यादगार अनुभव हो सकता है।कुम्ता में और आसपास के पर्यटन स्थल - कर्नाटक समुद्र तट......
शिवगिरी - तूफानी करने का शौक करें पूरा
शिवगिरी, प्रकृति पंसद लोगो के लिए परफेक्ट जगह है। घने काले जंगलों में घिरा शिवगिरी, येममेदोदी गांव के निकट होगरेकानगरी पहाडि़यों से घिरा हुआ है। यह इलाका चिकमागलुर जिले के......
गडग पर्यटन - चालुक्य जीवन का एक शानदार प्रदर्शन
गडग कर्नाटक के पश्चिमी कोने में दूर इतिहास के एक टुकड़े की तरह बसा हुआ है। 4656 वर्ग किलोमीटर के इस छोटे से शहर में पर्यटकों की चहलकदमी की आवाज भले ही सुनाई नहीं देती हो भारतीय......
श्रृंगेरी — धार्मिक लोगों के लिए एक नगरी
पूज्य हिंदू संत आदि शंकराचार्य ने शांत तुंगा नदी के तट पर स्थित इस श्रृंगेरी में अपना पहला मठ बनाया था। तब से श्रृंगेरी हजारों तीर्थयात्रियों के लिए एक महत्वपूर्ण गंतव्य हो गई......
सिद्धपुर - बागानों का शहर
सिद्धपुर अपनी प्राकृतिक सुंदरता के लिए जाना जाता है। यह शहर उत्तर कन्नड़ जिले के पश्चिमी घाट बीचों-बीच में स्थित है। 1,850 फीट की ऊॅचाई पर स्थित होने के कारण सिद्धपुर......
मैंगलोर पर्यटन - कर्नाटक का प्रवेश द्वार
अक्सर कहा जाता है कि मैंगलोर कर्नाटक का प्रवेश द्वार है। खूबसूरत मैंगलोर शहर अरब सागर के नीले पानी और पश्चिमी घाट के हरे, विशाल पहाड़ों के बीच बसा हुआ है। इस शहर का नाम भगवान......
अगुम्बे - किंग कोबरा का घर
अगुम्बे शिमोगा जिले के तीर्थहल्ली तालुक में है। कन्नड़ के महान कवी कुवेम्पु इसी स्थान से है। इसे मलनाड प्रदेश भी कहा जाता है। यह प्रसेश अपनी हरियाली और झरनों के लिए प्रसिद्ध है।......
कारवार पर्यटन - कोंकण तट की रानी
कारवार, भारतीय प्रायद्वीप के पश्चिमी तट पर, गोवा जिले से सिर्फ 15 किमी. की दूरी पर स्थित है और यह कर्नाटक की राजधानी बंगलौर से 520 किमी. की दूरी पर स्थित है। यह उत्तर......
यल्लापुर - पहाड़ों और झरनों का गाँव
उत्तर कर्नाटक के पश्चिम घाटों में स्थित यल्लापुर, अपनी प्राकृतिक सुन्दरता के लिए प्रसिद्ध है। 1774 फीट ऊंचाई पर स्थित यह शहर पर्यटकों को अपने ऊँचे-ऊँचे पहाड़ों और झरनों को......
होनेमरडु पर्यटन - साहसिक दिल वाले लोगों के लिये
साहसिक कार्यों को पसंद करने वाले लोग और पानी के खेलों में मजे करने वाले लोगों के लिए होनेमरडु एक अद्भुत पलायन है। छोटा सा गांव होनेमरडु जलाशय के करीब एक पहाड़ी की ढलान पर......
पणजी पर्यटन - खूबसूरत शहर जो है गोवा की राजधानी
वर्तमान गोवा, पणजी का पर्यायवाची है।बेशक यह सबसे बड़ा शहर नहीं है और न ही सबसे अधिक जनसंख्या वाला शहर है; लेकिन फिर भी यही जगह सभी कार्यों का केंद्र बनती है।पणजी का शाब्दिक अर्थ......
वागातोर पर्यटन - आइये और सफ़ेद रेत पर कीजिये वॉल्क
अत्यधिक सुंदर वागातोर बीच तक मपुसा की एक संकरी गली से होकर पहुँचा जा सकता है जिसमें बंगलों और पुर्तगाली शैली में संरक्षित इमारतों की कतारें हैं। वागातोर बीच की ज़्यादातर सुंदरता......
दांदेली पर्यटन – हरे-भरे घने जंगल प्रेमियों के लिये स्वर्ग
दांदेली कर्नाटक के उत्तर कन्नड़ जिले में स्थित एक छोटा सा कस्बा है। पश्चिमी घाट के घने पतझड़ जंगलों सो घिरा दांदेली दक्षिण भारत के साहसिक क्रीड़ा स्थल के रूप में जाना जाता है।यह......
करकला - बाहुबली की भूमि
कर्नाटक के उडुपी जिले में छोटे से शहर करकला का ऐतिहासिक के साथ-साथ धार्मिक महत्व भी है।सभी के लिए एक विरासत स्थल - क्या है करकला के आसपासकरकला का इतिहास 10 वीं सदी का है जब यहां......
बिंदूर - समुन्दर, रेत और सागर पर बसा हुआ
बिंदूर एक छोटा सा गाँव है। यह उडपी जिले के कुंदापुर तालुक में है। बिंदूर जाना जाता है अपने खूबसूरत तटों और सुन्दर दिखने वाले सूर्यास्त के लिए। यहाँ का सोमेश्वर मंदिर जो कि शिव......
सिंधुदुर्ग - एक ऐतिहासिक किला
सिंधुदुर्ग नाम सिंधु, जिसका मतलब समुद्र और दुर्ग, जिसका मतलब किला है, से मिलकर बना है। यह महान मराठा योद्धा राजा छत्रपति शिवाजी द्वारा बनाया गया था। उन्होने इस चट्टानी......
सोंडा पर्यटन- कई मठों की भूमि
सोंडा या सोडे मंदिरों का एक शहर है और यह वदिराजा मठ का स्थान है। यह करर्नाटक के उत्तर कन्नड़ जिले में और ज्यादा मंदिरों के लिये प्रसिद्ध सिरसी के पास है।......
भद्रा पर्यटन – हरियाली में एक स्वर्ग
भद्रा एक ऐसा क्षेत्र है जो मुख्य रुप से भद्रा वन्यजीव अभयारण्य के लिए प्रसिद्ध है, और यह कर्नाटक के चिकमंगलूर जिले में स्थित है। पश्चिमी घाटों में स्थित, यह वन्यजीव अभयारण्य हाल......
अंजुना पर्यटन - मौजमस्ती अपने पूरे शबाब पर
अंजुना बीच तक सड़कमार्ग से पहुँचा जा सकता है और यह प्रसिद्ध कैंडोलिम बीच से 3कि.मी. दूर है। अंजुना में कुछ महंगे होटल हैं, इसलिए इस जगह आने पर ऐसा लगता है जैसे आप किसी पार्टी......
कोदाचादरी - प्रकृति और रोमांच के प्रेमियों के लिए
समुद्र तल से 1343 मीटर की ऊंचाई पर स्थित कोदाचादरी में भारत का सबसे मशहूर मंदिर, कोल्लूर मूकाम्बिका मंदिर है। कोदाचादरी पहाड़ की चोटी घने जंगलों के बीच से निकलती है और यह जगह......
याना- जहाँ भगवान शिव ने शरण ली
याना में पत्थरों की अनोखी रचना पर्यटकों, प्रकृति प्रेमियों और ट्रेकर को अपनी ओर आकर्षित करती है। पत्थर इस छोटे से गाँव की विशिष्टता है जो वेस्टर्न घाट्स के सहय्धारी पर्वतमाला पर......
जोग फाल्स - राजसी प्रकृति में सर्वश्रेष्ठ जोग फॉल्स शायद प्रकृति की महिमा का सबसे शानदार उदाहरण है।वह शरावती नदी से उत्पन्न होता है और चार अलग धाराओं को मिलाकर बनता है और इन्हें राजा,रानी,रोवर और रॉकेट कहते हैं।
जोग के क्रिस्टलपानी का जलप्रपातचट्टानों या अन्य प्रकार के ऋण भार से मुक्त 830 फुट की ऊंचाई के नीचे सीधे व्यापक इस शानदार चादर से झरने की दृष्टि से हजारों आगंतुकों का मन मोह गया......
मालपे
मालपे – जहां है सूर्य, लहरें और रेत मालपे समुद्र तटों का एक शहर है जो मंदिरों के शहर उडुपी से सिर्फ छह किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। यह एक प्राकृतिक बंदरगाह और कर्नाटक समुद्र तट......
अंबोली - एक छोटा सा हिल स्टेशन
अंबोली, महाराष्ट्र राज्य में लगभग 700 कि.मी. की ऊँचाई पर बना एक सुंदर व छोटा सा हिल स्टेशन है। यह प्रसिद्ध पर्यटन स्थल सह्याद्री पर्वतमाला में बना है जो सिंधुदुर्ग जि़ले......
मरावन्थे – अनछुये समुद्र तट की पैदल यात्रा
मरावन्थे शहर एक सुंदर समुद्र तटों का घर है, और यह शहर कर्नाटक के दक्षिण केनरा जिले में स्थित है। शहर के दाहिनी ओर अरब सागर जबकि बाईं तरफ सौपरनिका नदी बहती है। यह समुद्र तट,......
उडुपी पर्यटन - चाँद और सितारों की भूमि
कर्नाटक में उडुपी, कृष्ण मंदिर और अपने भोजन के लिए प्रसिद्ध है। इसका नाम माधव समुदाय के एक साधारण स्वादिष्ट व्यंजन से मिलता, जो भगवान को चढ़ाने के लिये पकाया जाता......