हम सभी को पता है कि पर्यटक ताजमहल में मुगल बादशाह शाहजहां और उनकी बेगम मुमताज महल की जो कब्र देखते हैं, वह उन दोनों की असली कब्र नहीं है। शाहजहां और मुमताज महल की असली कब्र ताजमहल के तहखाने में है, जहां आम दिनों में किसी भी सैलानी को जाने की अनुमति नहीं होती है। लेकिन कल से ताजमहल में शाहजहां की असली कब्र वाला तहखाना खुलने वाला है। सिर्फ इतना ही नहीं...

पर्यटकों को ताजमहल में प्रवेश करने के लिए कोई टिकट भी नहीं खरीदनी पड़ेगी। यानी पर्यटक दुनिया के सात अजूबों में शामिल ताजमहल का दीदार मुफ्त में कर सकेंगे।
कब खुलेगा शाहजहां के असली कब्र वाला तहखाना?
ताजमहल में शाहजहां के असली कब्र वाला तहखाना कल ही खुलने वाला है। कल (6 फरवरी) से ताजमहल में शाहजहां का उर्स शुरू हो रहा है जो हर साल 3 दिनों तक आयोजित किया जाता है। इस साल ताजमहल में शाहजहां का 369वां उर्स होगा। 6 से 8 फरवरी तक ताजमहल का वह तहखाना खोला जाएगा जहां मौजूद है शाहजहां और मुमताज महल की असली कब्र।
पर्यटक दोपहर 2 बजे के बाद शाहजहां की असली कब्र को देखने तहखाने में जा सकेंगे। अगर आप भी मुगल बादशाह और उनकी बेगम के असली कब्र को देखना चाहते हैं, तो जल्दी किजीए। क्योंकि सिर्फ 3 दिनों का समय ही है आपके पास। 8 फरवरी के बाद तहखाने को फिर से एक साल के बंद कर दिया जाएगा।

क्या होता है शाहजहां का उर्स?
मुगल बादशाह शाहजहां की मौत के दिन उनको याद करते हुए हर साल ताजमहल में उर्स मनाया जाता है। हिजरी कैलेंडर के अनुसार शाहजहां का उर्स रजब माह की 25, 26 और 27 तारीख को मनाया जाता है, जो इस साल 6, 7 और 8 फरवरी को पड़ रहा है। इसलिए इन 3 दिनों के लिए ही शाहजहां और मुमताज की असली कब्र वाले तहखाने को आम पर्यटकों के लिए खोला जाएगा।
6 फरवरी को 'गुसल' की रस्म अदा की जाएगी। जिसके बाद दोपहर 2 बजे से कब्र के तहखाने में आम पर्यटकों को प्रवेश करने दिया जाएगा। 7 फरवरी को 'संदल' चढ़ाया जाएगा और कव्वाली का आयोजन होगा। 8 फरवरी को 'चादरपोशी' की जाएगी।

कब होगी निःशुल्क एंट्री?
मिली जानकारी के अनुसार इस साल शाहजहां के मकबरे पर 1560 मीटर (5148) लंबी चादर चढ़ायी जाएगी। हर साल सर्वधर्म सद्भाव का प्रतीक सतरंगी हिंदुस्तानी चादर से शाहजहां की चादरपोशी की जाती है। बता दें, हर साल उर्स के आखिरी दिन शाहजहां के मकबरे पर चढ़ायी जाने वाली चादर की लम्बाई बढ़ायी जाती है। पिछले साल 1480 मीटर लंबी चादर चढ़ायी गयी थी।
बताया जाता है कि तीन दशक पूर्व सतरंगी हिंदुस्तानी चादर चढ़ाने की शुरुआत हुई थी। उस समय 100 मीटर लंबी चादर चढ़ाई गई थी। शाहजहां के उर्स के पहले दिन यानी 6 फरवरी (कल) को दोपहर 2 बजे से सूर्यास्त तक पर्यटक ताजमहल में निःशुल्क प्रवेश कर सकेंगे। 7 फरवरी को भी दोपहर 2 बजे से सूर्यास्त तक ताजमहल में पर्यटकों को निःशुल्क प्रवेश करने दिया जाएगा। 8 फरवरी को सुबह से लेकर सूर्यास्त तक यानी पूरा दिन पर्यटक ताजमहल में निःशुल्क प्रवेश कर सकेंगे।

हालांकि इस साल शाहजहां का उर्स विवादों के घेरे में है। लेकिन इतिहास को इतने करीब से देखने का अगर मौका मिल रहा है तो उसे गंवाना भी तो ठीक नहीं होगा। जिस ताजमहल का दीदार करने विश्व के कोने-कोने से लोग पहुंचते हैं, वहां 3 दिन निःशुल्क प्रवेश करने का मौका मिल रहा है।
सिर्फ इतना ही नहीं साल में सिर्फ 3 दिनों के खुलने वाले मुगल बादशाह शाहजहां की असली कब्र को देखने का मौका भी दिया जा रहा है। इसलिए जल्दी से आगरा जाने का प्लान बनाइए और कमेंट बॉक्स में हमें यह बताना बिल्कुल मत भुलिएगा कि शाहजहां और मुमताज की असली कब्र को करीब देखकर आपको कैसा महसूस हुआ।



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