कर्नाटक सरकार ने बेंगलुरु में दूसरा एयरपोर्ट बनाने की घोषणा तो कुछ समय पहले ही कर दी थी। लेकिन अभी तक दूसरे एयरपोर्ट को कहां बनाया जाएगा, इस बाबत कोई फैसला नहीं लिया जा सका है। इस वजह से आधिकारिक रूप से बेंगलुरु में दूसरा एयरपोर्ट बनाने का प्रस्ताव एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (AAI) के पास नहीं भेजा जा सका है।
लेकिन राज्य के मंत्री एमबी पाटिल ने हाल ही में मीडिया से बात करते हुए बताया कि बेंगलुरु के दूसरे एयरपोर्ट का प्रस्ताव इसी सप्ताह AAI के भेज दिया जाएगा। वहीं दूसरी ओर मीडिया रिपोर्ट में यह भी दावा किया जा रहा है AAI के चेयरमैन ने बेंगलुरु के HAL एयरपोर्ट का कायाकल्प करने की योजना पर भी अपनी मंजूरी दे दी है। यानी आने वाले दिनों में न सिर्फ बेंगलुरु के केम्पेगौड़ा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर यात्रियों के दबाव को कम किया जा सकेगा बल्कि बेंगलुरु देश और दुनिया के विभिन्न हिस्सों में आने-जाने के लिए हवाई यात्रा के हब के तौर पर भी उभरने वाला है।

इसी सप्ताह जाएगा दूसरे एयरपोर्ट का प्रस्ताव?
हाल ही में एक कार्यक्रम के दौरान बोलते हुए कर्नाटक के मंत्री एमबी पाटिल ने घोषणा करते हुए कहा कि इसी सप्ताह AAI के पास दूसरे एयरपोर्ट का प्रस्ताव भेज दिया जाएगा। उनकी यह घोषणा इस वजह से भी काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि पड़ोसी राज्य तमिलनाडु अपनी होसुर एयरपोर्ट परियोजना को बड़ी ही तेजी से आगे बढ़ा रहा है। होसुर बेंगलुरु के इलेक्ट्रॉनिक सिटी से काफी पास में ही मौजूद है, जो टेक सिटी के तौर पर भी जाना जाता है।
Money control की रिपोर्ट के मुताबिक पाटिल ने उन जगहों का खुलासा नहीं किया, जहां बेंगलुरु का दूसरा एयरपोर्ट बनाने का प्रस्ताव AAI को दिया जाएगा। उन्होंने सिर्फ इतना ही कहा कि जगह के महत्व और बेंगलुरु की दिलचस्पी के आधार पर ही दूसरे एयरपोर्ट के लिए जगह का चुनाव किया जाएगा। दूसरा एयरपोर्ट ऐसी जगह पर बनाया जाएगा जहां शहर, इसके उद्योगों और बेंगलुरु के विकास को फायदा मिल सकें।
क्या है संभावित जगहें?
एनबी पाटिल ने कहा कि विभिन्न विधायकों ने अलग-अलग जगहों का सुझाव दिया था। वर्तमान केम्पेगौड़ा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (KIA) शहर के उत्तर में स्थित है। इसलिए दूसरे एयरपोर्ट के लिए जिन जगहों का सुझाव आया था उनमें शामिल हैं -
- डोब्बास्पेट
- टुमकुरु
- बिडाडी
- हारोहल्ली

पाटिल ने एक बार फिर से दोहराया कि बेंगलुरु के लिए दूसरे एयरपोर्ट को बनाने की जगह का चुनाव किसी भी राजनीतिक दबाव में नहीं लिया जाएगा, बल्कि उस जगह को ही दूसरे एयरपोर्ट के लिए चुना जाएगा, जो बेंगलुरु के विकास और यहां के लोगों के लिए आसान व सुविधाजनक हो। उन्होंने कहा कि हमारे पास एक बेहतरीन एयरपोर्ट पहले से मौजूद है। नया एयरपोर्ट निश्चित रूप से उससे बेहतर ही बनेगा। हम सभी मुद्दो को ध्यान में रखते हुए ही नए एयरपोर्ट के लिए जगह का चयन कर रहे हैं।
कब से शुरू होगा नए एयरपोर्ट का संचालन
पाटिल ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि साल 2033 तक बेंगलुरु एयरपोर्ट से 150 की परिधि में किसी एयरपोर्ट का संचालन नहीं किया जा सकता है। यह शर्त जैसे ही खत्म होगी, हम नए एयरपोर्ट का संचालन शुरू कर देंगे। मीडिया रिपोर्ट में दावा किया गया है कि राज्य के गृह मंत्री जी परमेश्वर टुमकुरु के पास कोराटगेरे में एयरपोर्ट बनाने की सलाह दे रहे हैं जबकि उपमुख्यमंत्री डी के शिवकुमार चाहते हैं कि साउथ बेंगलुरु (पुराना नाम रामनगर) में दूसरा एयरपोर्ट बनाया जाएगा। बताया जाता है कि राज्य सरकार साउथ बेंगलुरु में दूसरा एयरपोर्ट बनाने के बारे में विचार कर रही है क्योंकि इलेक्ट्रॉनिक सिटी से होसुर मात्र 25 किमी की दूरी पर मौजूद है।
HAL एयरपोर्ट का होगा कायाकल्प
मीडिया रिपोर्ट से मिली जानकारी के अनुसार AAI के चेयरमैन से मंजूरी मिलने के बाद अब HAL एयरपोर्ट के कायाकल्प की तैयारी की जा रही है। इस एयरपोर्ट के विकास को लेकर जो योजनाएं बनायी गयी हैं, उनकी जानकारी निम्न हैं -
- HAL एयरपोर्ट के कायाकल्प का जो मास्टर प्लान तैयार किया गया है, वह साल 2047 तक कारगर रहेगा।
- इस दौरान एयरपोर्ट को लगभग 40 लाख यात्रियों को हर साल हैंडल करने और पिक आवर के दौरान करीब 2500 यात्रियों को हैंडल करने के लिए डिजाइन किया जाएगा।
- इस एयरपोर्ट का विस्तार अलग-अलग चरणों में किया जाएगा। पहले चरण में एयरपोर्ट परिसर को 21,885 वर्ग मीटर से बढ़ाकर 32,000 वर्ग मीटर किया जाएगा।
- वर्तमान टर्मिनल बिल्डिंग को तोड़कर नयी बिल्डिंग बनायी जाएगी, जिसमें आगमन और प्रस्थान अलग-अलग होंगे।
- एक मल्टी लेवल कार पार्किंग बनाने की योजना है, जिसमें करीब 500 गाड़ियों को खड़ी किया जा सकें।
- एयरपोर्ट टर्मिनल के सामने दो लेन रोड को चौड़ा कर उसे 4 लेन का बनाया जाएगा।
- एयरपोर्ट का रनवे जो 3,306 मीटर लंबा और 61 मीटर चौड़ा है, उसमें कोई बदलाव नहीं होगा।

HAL एयरपोर्ट की वर्तमान स्थिति
बेंगलुरु में साल 1941 में HAL एयरपोर्ट को कमर्शियल विमानों की आवाजाही के लिए खोला गया था। साल 2008 तक बेंगलुरु में आवाजाही के लिए यात्री HAL एयरपोर्ट का ही इस्तेमाल किया करते थे। साल 2007-08 के दौरान, केम्पेगौड़ा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (KIA) के शुरू होने के ठीक पहले तक, HAL एयरपोर्ट से होकर आवाजाही करने वाले यात्रियों की संख्या 10 लाख से ज्यादा थी।
वर्तमान में इस एयरपोर्ट से हर दिन 12 छोटी विमानें उड़ान भरती हैं। इसमें वो विमानें भी शामिल होती हैं, जिनका इस्तेमाल डिफेंस फोर्स, VIP और निजी उपयोग के लिए करते हैं। एयरपोर्ट पर एक ही रनवे है और यहां 30 विमानों को पार्क किया जा सकता है। साल 2033 में, बेंगलुरु के वर्तमान एयरपोर्ट का करार, जो 150 किमी की परिधि में दूसरे एयरपोर्ट के संचालन को रोकता है, खत्म हो जाएगा। जिसके बाद आम यात्री सेवाओं के लिए इस एयरपोर्ट का भी विस्तार किया जाएगा।



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