बैंगलोर का दूसरा एयरपोर्ट शहर से 50-60 किमी के अंदर ही बनेगा। इस बात की घोषणा कर्नाटक के इंडस्ट्री एंड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट मंत्री एमबी पाटिल ने की। उन्होंने कहा कि बैंगलोर शहर से 100 किमी की दूरी पर एयरपोर्ट बनाने का कोई मतलब नहीं बनता है।
कर्नाटक विधानसभा में पूछे गये एक सवाल का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि बैंगलोर के दक्षिण, पश्चिम और उत्तरी हिस्सों में 7 से 8 संभावित जगहों के बारे में सोच-विचार किया जा रहा है, जहां बैंगलोर का दूसरा एयरपोर्ट बनाया जा सकता है।

उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार के साथ बात करने के बाद ही दूसरे एयरपोर्ट के लिए जगह का निर्धारण किया जाएगा। हालांकि उन्होंने यह भी सुनिश्चित किया कि दूसरा एयरपोर्ट बैंगलोर शहर से पास में ही बनेगा। पाटिल ने बताया कि तुमाकुरु या चित्रदुर्ग में एयरपोर्ट बनाने की हमारी कोई योजना नहीं है लेकिन बैंगलोर के दूसरे इंटरनेशनल एयरपोर्ट को बनाने के लिए हम इन जगहों के बारे में भी विचार कर रहे हैं।
बता दें, साल 2035 तक बैंगलोर का केम्पेगौड़ा इंटरनेशनल एयरपोर्ट अपनी सर्वाधिक सीमा, 110 मिलियन यात्री और 1.1 मिलियन टन कार्गो, पर पहुंच जाएगा। वहीं 2032 तक बैंगलोर के वर्तमान एयरपोर्ट से 150 किमी के दायरे में कोई दूसरा एयरपोर्ट नहीं बनाया जा सकता है। इसलिए 2033 तक कर्नाटक सरकार बैंगलोर के दूसरे इंटरनेशनल एयरपोर्ट को शुरू करना चाहती है ताकि KIA के बोझ को कम किया जा सकें।
कर्नाटक मंत्रिमंडल के मंत्री एमबी पाटिल का कहना है कि अगर भूमि अधिग्रहण का काम अभी शुरू किया जाता है तो इसे पूरा होने में लगभग 7 से 8 सालों का समय लग जाएगा। सरकार को नया एयरपोर्ट बनाने के लिए कम से कम 4,500 से 5,500 एकड़ की भूमि की जरूरत होगी।
जगह का चुनाव करते समय किन बातों का रखा जा रहा है ध्यान?
राज्य के मंत्री पाटिल ने बताया कि एयरपोर्ट के लिए जिस जगह का चुनाव किया जाएगा वह न तो जलाशय, नदी या समुद्र आदि के पास होनी चाहिए और न ही पहाड़ी क्षेत्र। एयरपोर्ट बनाने के लिए चयनित जगह राष्ट्रीय और राज्य हाईवे के साथ-साथ मेट्रो रेल से भी अच्छी तरह से जुड़ी होनी चाहिए। इसके साथ ही आम यात्रियों के साथ-साथ औद्योगिक जरूरत को भी मद्देनजर रखते हुए ही एयरपोर्ट के लिए जगह का चुनाव किया जाएगा।
कौन-कौन सी हैं संभावित जगहें?
- मैसूर रोड
- कनकपुरा रोड
- कुनीगल रोड (हसन रोड)
- डोड्डाबल्लपुर रोड
- कोराटगेरे
- मधुगिरी
- दोब्बसपेट
इसके अलावा बैंगलोर के दूसरे इंटरनेशनल एयरपोर्ट को बनाने के लिए तुमकुरु और चित्रदुर्ग के बारे में भी विचार किया जा रहा है।
विभाग के एक अधिकारी ने Times of India से हुई बातचीत में बताया कि दिल्ली और मुंबई में दो एयरपोर्ट हैं और दोनों एयरपोर्ट के बीच की दूरी लगभग 35 से 40 किमी की है। उक्त अधिकारी ने बताया कि KIA में आने वाले अधिकांश यात्री बैंगलोर के दक्षिण, दक्षिणपश्चिम और पूर्वी हिस्सों से आते हैं। इसलिए दूसरा एयरपोर्ट बनाते समय यात्रियों के दबाव के बारे में समझना भी सबसे ज्यादा जरूरी है। सभी बातों को ध्यान में रखते हुए ही बैंगलोर के दूसरे एयरपोर्ट के लिए जगह का निर्धारण किया जाएगा।



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