Search
  • Follow NativePlanet
Share
» »बैंगलोर में बनाया जा रहा है भारत का पहला बांस की थीम पर मेट्रो स्टेशन, जानिए कौन सा!

बैंगलोर में बनाया जा रहा है भारत का पहला बांस की थीम पर मेट्रो स्टेशन, जानिए कौन सा!

बैंगलोर मेट्रो का एक स्टेशन जिसकी सजावट पूरी तरह से बांस से करने का फैसला लिया है। जी हां, बैंगलोर मेट्रो कॉरपोरेशन (BMRCL) ने बांस बाजार मेट्रो स्टेशन के निर्माण का प्रस्ताव दिया है, जिसमें पूरी तरह बांस की सजावट होगी। ऐसा शायद पहली बार होगा जब भारत के किसी मेट्रो स्टेशन की सजावट बांस से की जाएगी।

मीडिया रिपोर्ट्स से मिली जानकारी के अनुसार बैंगलोर मेट्रो ने यह फैसला मेट्रो रेल और स्टेशनों के साथ हरियाली को बढ़ाने के उद्देश्य से ही करने का फैसला लिया है। मिली जानकारी के अनुसार इस काम के लिए देशी और भारतीय बांस का इस्तेमाल किया जाएगा।

bangalore metro bamboo theme

मीडिया को दिये अपने बयान में BSI के कार्यकारी निदेशक डॉ. केएन मूर्ति ने कहा कि स्टेशन के निर्माण के लिए त्रिपुरा से बांसा तुलदा की लकड़ी का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया जाएगा, जिसमें फर्श का निर्माण, खुले क्षेत्र और कलाकारी शामिल है।

बता दें, भारत वर्तमान में चीन के बाद दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा बांस उत्पादक है। भारत में बांस की खेती कुल 13.9 मिलियन हेक्टेयर के क्षेत्र में की जाती है। इसके बावजूद भारत चीन के 22 मिलियन हेक्टेयर से पीछे है। हालांकि, भारत का 150 मिलियन टन बांस का वार्षिक उत्पादन चीन के 4.6 बिलियन टन से काफी कम है।

यह असमानता भारत में बांस की खेती और उपयोग पर अधिक ध्यान देने की आवश्यकता को उजागर करती है। BMRCL ने हाल के वर्षों में कई अन्य हरित पहल भी की हैं। उदाहरण के लिए, इसने तीन मेट्रो स्टेशनों - बैयप्पनहल्ली, मैसूरु रोड और पीन्या पर सौर पैनल लगाए हैं - जो सालाना 44.65 लाख यूनिट बिजली पैदा करते हैं।

bangalore metro bamboo theme station

मेट्रो का होगा विकास

इसके अतिरिक्त, जयदेव अस्पताल से मीनाक्षी मंदिर तक बन्नेरघट्टा रोड के 5 किलोमीटर स्ट्रेच में मेट्रो के बुनियादी ढांचे में बंबूसा मल्टीप्लेक्स का उपयोग करके विकास किया जाएगा। बताया जाता है कि इन परियोजनाओं का निर्माण अगले तीन महीनों में शुरू होने की उम्मीद है, जिसकी अनुमानित लागत 5-6 करोड़ रुपये हो सकती है। अंतिम लागत और बांस की सटीक आवश्यकताओं की गणना की जा रही है।

पेड़ काटने पर विवाद

बृहत बेंगलुरु महानगर पालिका (बीबीएमपी) ने प्रस्तावित मेट्रो की ऑरेंज लाइन-जेपी नगर चतुर्थ चरण से मैसूर रोड तक एक एलिवेटेड लाइन-बनाने और सड़क को चौड़ा करने के लिए 2,000 से ज़्यादा पेड़ों को काटने का प्रस्ताव रखा है। ये पेड़ नम्मा मेट्रो और अन्य परियोजनाओं के कारण हरियाली के नुकसान की भरपाई के लिए लगाए गए थे। नागरिक निकाय द्वारा एक सार्वजनिक नोटिस जारी करने के बाद, जिसमें कहा गया था कि ओआरआर के साथ 2,174 पेड़ों को काटा जा सकता है, हरियाली को नष्ट करने के खिलाफ 500 से ज्यादा लोगों ने सुझाव और आपत्तियां भी भेजी हैं।

नम्मा मेट्रो का चरण 3

नम्मा मेट्रो के तीसरे चरण के तहत, जिसके लिए पेड़ों को काटा जाना है, बैंगलोर मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (BMRCL) जेपी नगर से केम्पापुरा तक 32 किलोमीटर लंबी लाइन बनाने की योजना बना रहा है। यह लाइन पिंक लाइन और ब्लू लाइन को भी जोड़ेगी। शुरुआत में, बीएमआरसीएल जेपी नगर चतुर्थ चरण से मैसूरु रोड तक एलिवेटेड लाइन बनाने के लिए 2,174 पेड़ों को हटाने की योजना बना रहा है।

बन्नेरघट्टा रोड पर बांस थीम पर आधारित मेट्रो स्टेशन, बैंगलोर में पर्यावरण अनुकूल विकल्पों और संधारणीय जीवन को बढ़ावा देने के लिए BMRCL की प्रतिबद्धता को भी दर्शाता है। BSI जैसे संगठनों के समर्थन और हरित पहलों में निरंतर निवेश के साथ, बैंगलोर भारत में संधारणीय विकास के लिए एक आदर्श शहर बन सकता है। हालांकि मेट्रो के विस्तार के लिए पेड़ों को काटने का फैसला भी चिंता का विषय बना हुआ है।

More News

    Read more about: bangalore metro travel
    Notifications
    Settings
    Clear Notifications
    Notifications
    Use the toggle to switch on notifications
    • Block for 8 hours
    • Block for 12 hours
    • Block for 24 hours
    • Don't block
    Gender
    Select your Gender
    • Male
    • Female
    • Others
    Age
    Select your Age Range
    • Under 18
    • 18 to 25
    • 26 to 35
    • 36 to 45
    • 45 to 55
    • 55+