बैंगलोर मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (BMRCL) ने नम्मा मेट्रो के किराए में बदलाव करने का फैसला लिया है। किराए में होने वाले इस बदलाव को लेकर नम्मा मेट्रो ने आम लोगों से सलाह भी मांगी है। आम लोगों द्वारा दिये गये इन सलाहों को मद्देनजर रखते हुए एक बार फेयर फिक्सेशन कमेटी (FFC) किराए का निर्धारण कर ले, उसके बाद नये किरायों की घोषणा कर दी जाएगी।
बैंगलोर में मेट्रो सेवाएं शुरू होने के बाद ऐसा दूसरी बार हो रहा है, जब किरायों में बदलाव के बारे में गंभीरता से विचार किया जा रहा है। BMRCL ने पिछले बुधवार को ही एक सार्वजनिक विज्ञप्ति जारी कर इस बारे में आम नागरिकों की सलाह मांगी है।

कितना बढ़ सकता है किराया
Hindustan Times की एक रिपोर्ट में BMRCL के अधिकारियों के हवाले से बताया गया है कि बैंगलोर मेट्रो प्रबंधन ने टिकटों की कीमतों में बदलाव करने का फैसला लिया है। नये किराए क्या होंगे और किरायों का अंतिम निर्धारण FFC ही करेगी। हालांकि इसमें सभी साझेदारों की सहमति और उनकी सलाहों को भी काफी महत्व दिया जाएगा जिसमें आम यात्री भी शामिल हैं।
BMRCL के अधिकारियों ने उम्मीद जतायी है कि किरायों में कम से कम 15 से 25 प्रतिशत की बढ़ोतरी हो सकती है, ताकि मेट्रो प्रबंधन की अधिक से अधिक कमायी हो सके।
बता दें, वर्तमान में बैंगलोर मेट्रो का न्यूनतम किराया ₹10 और अधिकतम किराया ₹60 है। स्मार्ट कार्ड और QR कोड का इस्तेमाल करने वाले यात्रियों को किराए में 5% की छूट मिलती है। इससे पहले आखिरी बार बैंगलोर मेट्रो के किराए में बदलाव वर्ष 2017 में की गयी थी। उस समय किराए में 10-15 प्रतिशत की वृद्धि की गयी थी।

यात्री कैसे जमा करेंगे अपनी सलाह
जो यात्री मेट्रो के किराए से संबंधित अपनी सलाह FFC के पास जमा करवाना चाहते हैं, वे ई-मेल अथवा पत्र लिखकर जमा कर सकते हैं। अगर आप ई-मेल करना चाहते हैं तो मेल [email protected] पर भेजे। अगर आप पत्र लिखकर अपनी सलाह भेजना चाहते हैं, तो आपको यह पत्र कमेटी के चेयरपर्सन को भेजना होगा जिनका ऑफिस, 3rd फ्लोर, सी ब्लॉक, बीएमटीसी कॉम्प्लेक्स, केएच रोड, शांतिनगर, बैंगलोर - 560027 में है।
लगातार बढ़ी है मेट्रो यात्रियों की संख्या
साल 2017 के बाद से बैंगलोर मेट्रो के नेटवर्क के साथ-साथ यात्रियों की संख्या में काफी वृद्धि हुई है। सबसे ज्यादा यात्रियों की भीड़ पर्पल लाइन पर होती है जो आईटी कर्मियों की लाइफलाइन कहलाने लगी है। अगर किराए की बात की जाए तो नम्मा मेट्रो का सर्वाधिक किराया पर्पल और ग्रीन लाइन पर ही लागू होता है। व्हाइटफिल्ड से चालानगट्टा के बीच की दूरी 43.49 किमी और सिल्क इंस्टीट्यूट-नगासांद्रा की दूरी 30.32 किमी है। इन दोनों लाइन पर समान किराया (₹60) ही वसूला जाता है।
BMRCL के एक वरिष्ठ अधिकारी ने डेक्कन हेराल्ड से बात करते हुए कहा कि किरायों में बदलाव पिछले काफी समय से लंबित था। बताया जाता है कि वित्तीय वर्ष 2022-23 के दौरान BMRCL की कुल कमाई ₹422.61 करोड़ और वित्तीय वर्ष 2023-24 के दौरान ₹573.91 करोड़ हुई थी। बात अगर खर्च की हो तो वित्तीय वर्ष 2023-24 के दौरान नम्मा मेट्रो के प्रति किमी खर्च ₹8.31 करोड़ और वित्तीय वर्ष 2022-23 के दौरान ₹6.98 करोड़ करनी पड़ी थी।
उक्त अधिकारी का कहना है कि हम जैसे-जैसे मेट्रो नेटवर्क का विस्तार कर रहे हैं, हमारे खर्च भी बढ़ते जा रहे हैं। इसलिए मेट्रो के किरायों में बदलाव करना हमारी आवश्यकता हो गयी है। मिली जानकारी के अनुसार संभावना जतायी गयी है कि अगले कुछ महीनों के अंदर ही FFC किरायों में वृद्धि के संबंध में अपनी सिफारिश जमा कर देगी।



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