बैंगलोर के नम्मा मेट्रो (Namma Metro) का यलो लाइन कई मायनों में खास होने वाला है। नम्मा मेट्रो का यलो लाइन आरवी रोड से सिल्क बोर्ड होते हुए इलेक्ट्रॉनिक सिटी तक संचालित होगी। यह मेट्रो डबल डेकर फ्लाइओवर से होकर गुजरने वाली है जो बैंगलोर का पहला डबल डेकर फ्लाइओवर है।
वहीं दूसरी ओर नम्मा मेट्रो का यलो लाइन भारत की पहली ड्राइवरलेस मेट्रो लाइन होने वाली है। मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो यलो लाइन का ट्रायल रन भी शुरू हो चुका है। बताया जाता है कि शुरुआती दौर में यलो लाइन पर हर 20 मिनट के अंतराल पर मेट्रो सेवा उपलब्ध होगी, जिसे बाद में बढ़ाया जा सकता है।

कब से यात्रियों के लिए शुरू होने वाली है नम्मा मेट्रो की यलो लाइन मेट्रो?
भारत की पहली ड्राइवरलेस मेट्रो
बैंगलोर मेट्रो के इतिहास में नम्मा यलो लाइन मेट्रो एक नया अध्याय जोड़ने वाली है। डेक्कन क्रॉनिकल की एक रिपोर्ट से मिली जानकारी के अनुसार यह लाइन सिर्फ बैंगलोर ही नहीं बल्कि भारत की पहली ड्राइवरलेस मेट्रो लाइन होने वाली है। इस बाबत बैंगलोर मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (BMRCL) ने घोषणा की है कि चीन से 6 कोच वाली ड्राइवरलेस मेट्रो का पहला रेक बैंगलोर पहुंच चुका है।
बताया जाता है कि इलेक्ट्रॉनिक सिटी में हेब्बागोडी डिपो में भी इन कोचों को भेज दिया गया है। इस ट्रेन का संचालन यलो लाइन पर आरवी रोड से सिल्क बोर्ड होते हुए इलेक्ट्रॉनिक सिटी तक किया जाएगा। बताया जाता है कि चीनी कंपनी बैंगलोर मेट्रो के लिए ड्राइवरलेस मेट्रो कोच और ट्रेन का निर्माण कर रही है।

15 ड्राइवरलेस ट्रेनें बनाएगी चीनी कंपनी
मीडिया से बात करते हुए BMRCL के एक अधिकारी ने बताया कि BMRCL ने चीन की कंपनी के साथ एक करार पर हस्ताक्षर किया है जिसके तहत कंपनी कुल 216 कोच का निर्माण करेंगी। इसमें से 15 ट्रेन यानी 90 कोच का निर्माण यलो लाइन मेट्रो के लिए किया जाएगा। इसमें से पहली ट्रेन (सैम्पल ट्रेन) भारत आ चुकी है। बताया जाता है कि साल 2019 में BMRCL ने चीन की कंपनी के साथ 1578 करोड़ रुपए में 216 कोच का करार किया था।
चीन से सैम्पल ट्रेन 24 जनवरी को समुद्रमार्ग से रवाना हुए थे जो 8 फरवरी को चेन्नई बंदरगाह पर पहुंचे थे। इसके बाद इन सभी कोच को कई जांचों से गुजरना पड़ा जिसका रिजल्ट रेलवे विभाग को सौंप दिया गया है। बताया जाता है कि इन कोचों के नहीं पहुंचने की वजह से ही यलो लाइन पर मेट्रो का ट्रायल रन शुरू नहीं हो सका था।

5-6 ट्रेनों के साथ शुरू होगा यलो लाइन
डेक्कन हेरल्ड की एक रिपोर्ट में नम्मा मेट्रो के अधिकारियों के हवाले से दावा किया गया है कि यलो लाइन मेट्रो को इसी साल शुरू कर दिया जाएगा। शुरुआत में इस लाइन पर 5 से 6 ट्रेनों के साथ शुरू किया जाएगा। उस समय संभावना है कि मेट्रो हर 20 मिनट के अंतराल पर उपलब्ध हो। बताया जाता है कि नम्मा मेट्रो के 19.15 किमी लंबी यलो लाइन का निर्माण कार्य तो पूरा हो चुका है लेकिन मेट्रो ट्रेनों की अनुपलब्धता की वजह से इस लाइन पर मेट्रो का संचालन आम नागरिकों के शुरू नहीं हो पा रहा है।
फरवरी में चीन से पहली सैम्पल रेक के आने के बाद BMRCL ने बम्मासांद्रा से बम्मनहल्ली (12.5 किमी) स्ट्रेच पर मार्च के शुरुआत में ही ट्रायल रन शुरू कर दिया था। अब आरवी रोड से बम्मासांद्रा यानी पूरे यलो लाइन पर ट्रायल रन शुरू किया गया है।
BMRCL के एक अधिकारी ने बताया कि अभी यह ट्रायल रन अगले 3-4 महीनों तक कुछ दिनों के अंतराल पर लगातार चलती रहेगी। 3-4 महीनों बाद जब दूसरी और तीसरी मेट्रो आ जाएगी उसके बाद ही अगली जांच व CMRS से अन्य अप्रुवल लिए जाएंगे। बताया जाता है जुलाई के अंत तक दूसरी और 15 अगस्त तक तीसरी मेट्रो आने की संभावना है। इसके बाद 20 मिनट के अंतराल पर इस लाइन की मेट्रो सेवाएं शुरू की जा सकती हैं।



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