बैंगलोर में कहां बनेगा दूसरा एयरपोर्ट? पिछले लंबे समय से इसे लेकर मंथन चलने के बाद अब लगता है कि कर्नाटक सरकार किसी नतीजे पर पहुंचने वाली है। मीडिया रिपोर्ट्स से मिली जानकारी के अनुसार बैंगलोर के दूसरे एयरपोर्ट की जगह लगभग तय की जा चुकी है। एक बार जब एयरपोर्ट के लिए जगह का चुनाव कर लिया जाएगा तो उसे फाइनल अप्रुवल के लिए एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (AAI) के पास भेज दिया जाएगा।
लेकिन कौन सी जगह को बैंगलोर के दूसरे एयरपोर्ट के लिए चुना गया है?

कहां बनेगा दूसरा एयरपोर्ट?
मीडिया रिपोर्ट्स में सूत्रों से हवाले से किये गये दावे के अनुसार बैंगलोर का दूसरा एयरपोर्ट बनाने के लिए नेलमंगला (Nelamangala) से कुनीगल (Kunigal) के बीच की जगह का चुनाव किया गया है। नेशनल हाईवे 75 के ठीक बगल में इस जगह को बैंगलोर का दूसरा एयरपोर्ट बनाने के लिए सबसे अच्छी जगह मानी जा रही है।
बैंगलोर एयरपोर्ट में दूसरा एयरपोर्ट बनाने का फैसला यात्रियों, मालवाही विमानों और लगातार हो रहे शहरी विस्तार को ध्यान में रखते हुए ही लिया गया है। इसके लिए कई जगहों के बारे में काफी सोच-विचार किया गया था, जिसमें हारोहल्ली, कनकपुरा रोड और बिदादी आदि जगहें भी शामिल थी। लेकिन AAI द्वारा दिये गये मानदंडों पर सबसे अधिक नेलमंगला ही फिट बैठ रहा है।
क्यों चुना जा सकता है नेलमंगला?
बैंगलोर का दूसरा एयरपोर्ट बनाने के लिए नेलमंगला को सबसे सटीक जगह मानने की कई वजहों के बारे में मीडिया रिपोर्ट्स में बताया गया है। नेलमंगला बैंगलोर सिटी से महज 30 किमी की दूरी पर मौजूद है, जिससे यहां तक पहुंचने के लिए परिवहन के साधनों का मिलना, रेलवे नेटवर्क आदि काफी आसान होगा। नेलमंगला में आवश्यक सरकारी जमीन भी उपलब्ध है, जो इसे दूसरे एयरपोर्ट के लिए आदर्श लोकेशन बनाती है।

बताया जाता है कि इस क्षेत्र में मजबूत सड़क संरचना है, विशेष रूप से नाइस रोड तक पहुंचना, पेरिफेरल रिंग रोड (PRR) और सैटेलाइट टाउन रिंग रोड (STRR) आदि की मौजूदगी दक्षिणी बैंगलोर से आने वाले यात्रियों के लिए इसे सुगम बनाएगी। साथ ही इस जगह पर दूसरा एयरपोर्ट बनाने का फैसला इसलिए भी लिया जा सकता है क्योंकि यहां मैसूर रोड या कनकपुरा रोड की भीड़भाड़ से समस्या नहीं होगी।
पिछले महीने ही कर्नाटक के उप-मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने दूसरे एयरपोर्ट की जगह के संबंध एक बैठक की थी, जिसमें सबसे ज्यादा महत्व नेलमंगला को ही दिया गया है। बताया जाता है कि एक बार लोकेशन फाइनल हो जाने के बाद उसे AAI को भेजा जाएगा। अधिकारियों का दावा है कि जिस स्थान का चुनाव दूसरा एयरपोर्ट बनाने के लिए किया गया है कि वह 15 मानदंडों पर खड़ा उतरता है।
हालांकि बैंगलोर के दूसरे एयरपोर्ट को साल 2035 से पहले नहीं शुरू किया जा सकता है। क्योंकि वर्तमान केम्पेगौड़ा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के 150 किमी के दायरे में किसी भी दूसरे एयरपोर्ट को शुरू करने की अनुमति नहीं है, जो साल 2035 में खत्म होगी।



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