बैंगलोर सैटेलाइट टाउन रिंग रोड (STRR) का एक नए हिस्से का काम लगभग पूरा होने वाला है, जिसे जल्द ही खोल दिया जा सकता है। मीडिया रिपोर्ट में नेशनल हाईवेज अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) के हवाले से किये गये दावों के अनुसार STRR का निर्माण का कार्य अपने अंतिम चरण में पहुंचने वाला है। संभावना जतायी जा रही है कि अगले साल के शुरुआत में इसे गाड़ियों की आवाजाही के लिए खोला जा सकता है।

इस बारे में Deccan Herald की रिपोर्ट से मिली जानकारी के अनुसार मार्च 2025 तक बैंगलोर सैटेलाइट टाउन रिंग रोड में तमिलनाडु की सीमा से 21 किमी लंबे रास्ता जो होस्कोट से जोड़ता है, के खुलने की संभावना है। लेकिन इस रास्ते से होकर आवाजाही करने वाले लोगों के लिए साथ ही एक अच्छी खबर यह भी है कि शुरुआती कुछ महीनों के दौरान उन्हें टोल टैक्स देने की जरूरत नहीं होगी।
सिर्फ इतना ही नहीं वर्तमान में STRR के जिन दो एग्जिट (डोब्बस्पेट-डोड्डाबल्लपुर और डोड्डाबल्लपुर-होस्कोट) का संचालन किया जा रहा है, उनके मुकाबले इस रास्ते पर टोल टैक्स कम होने की ही उम्मीद है।
एक बार तमिलनाडु की सीमा से होस्कोट तक STRR का संचालन शुरू हो जाता है तो कुल 102.6 किमी की लंबाई में इसका संचालन शुरू हो जाएगा। इसे नेशनल हाईवे 648 के तौर पर भी जाना जाता है। लेकिन यह इसकी कुल लंबाई नहीं है। तो फिर क्या है STRR की कुल लंबाई और कब तक शुरू हो सकता है उसका संचालन?

मिली जानकारी के अनुसार STRR की कुल लंबाई 288 किमी है। इसमें से 45 किमी का हिस्सा तमिलनाडु में आता है। साल 2027 तक STRR के पूरी तरह से संचालित होने की संभावना है। डेक्कन हेराल्ड से बात करते हुए NHAI (बैंगलोर) के प्रोजेक्ट डायरेक्टर केबी जयकुमार ने बताया कि तमिलनाडु सीमा से होस्कोट तक के STRR का 50 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है।
उन्होंने उम्मीद जताते हुए कहा कि निर्धारित लक्ष्य के आधार पर ही हमारा काम चल रहा है, जिसके फरवर-मार्च तक (निर्धारित समय) पूरा होने की संभावना है। जयकुमार ने बताया कि STRR का यह हिस्सा ग्रीनफिल्ड परियोजना का हिस्सा है, जिसका निर्माण कबाड़ से किया गया है। इस वजह से ही इस हिस्से पर टोल टैक्स कम होगा।
बता दें, डोब्बस्पेट से होस्कोट, जिसकी लंबाई करीब 81.6 किमी है, के बीच आने-जाने वाली गाड़ियों को एकतरफा यात्रा के लिए ₹185, 24 घंटे के अंदर दोतरफा यात्रा के लिए ₹275 देना पड़ता है। अगर इसे प्रति किमी के हिसाब से देखा जाए तो एकतरफा यात्रा के लिए गाड़ियों को प्रति किमी ₹2.2 और दोतरफा यात्रा के लिए गाड़ियों को प्रति किमी ₹1.68 की दर से टोल टैक्स चुकाना पड़ता है। होस्कोट से तमिलनाडु सीमा वाला हिस्सा 6 लेन चौड़ा होगा। यह स्ट्रेच बेंगलोर-चेन्नई एक्सप्रेसवे (NE 7) से जुड़ेगा।
इस बारे में बात करते हुए उक्त अधिकारी का कहना है कि दक्षिण पश्चिम रेलवे (SWR) से मंजूरी मिलने के बाद रेल ओवरब्रिज का निर्माण शुरू हो चुका है। इस रेल ओवरब्रिज का निर्माण बैंगलोर-चेन्नई रेलवे लाइन पर लिंगडीरामल्लासांद्रा गांव में किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि रेलवे ने इस ब्रिज के निर्माण के लिए अपनी सहमती दे दी है और शिलान्यास का काम शुरू किया जा चुका है। फरवरी तक इस ओवरब्रिज का निर्माण पूरा हो जाएगा। इसके साथ ही जयकुमार ने यह भी बताया कि 11 अंडरपास का निर्माण भी लगभग पूरा होने को है।
गौरतलब है कि सितंबर में ही NHAI ने STRR के बाकी के सभी 5 स्ट्रेच, जिनकी लंबाई करीब 144.25 किमी होगी, के निर्माण के लिए टेंडर आमंत्रित किया है। इसे तैयार करने के लिए 2 सालों का वक्त दिया गया है जिसकी आनुमानिक लागत करीब ₹4749.74 है। इन 5 स्ट्रेच को नेशनल हाईवे 948 के तौर पर जाना जाता है।
पर इतनी देर से हम जिस रिंग रोड के बारे में बात कर रहे हैं, वह आखिर है क्या और उसके बन जाने से क्या फायदा होगा? बैंगलोर सैटेलाइट टाउन रिंगरोड का निर्माण पूरा हो जाने के बाद यह बैंगलोर को बाहर से चारों तरफ से गोलाई में घेर लेगा। इससे वाणिज्यीक वाहनों को बैंगलोर शहर में प्रवेश करने की जरूरत समाप्त हो जाएगी।



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