बेंगलुरु से मुंबई के बीच चलेगी वंदे भारत स्लीपर ट्रेन! कुछ ऐसी ही संभावनाएं बनती दिखाई दे रही हैं। बेंगलुरु सेंट्रल से सांसद पी.सी. मोहन ने यह प्रस्ताव रखा है। मीडिया रिपोर्ट में किये गये दावों को सच माने तो पिछले दिनों सांसद मोहन ने यह प्रस्ताव दक्षिण पश्चिम रेलवे की स्टैंडिंग कमेटी के सामने रखा है।
पर अचानक ऐसी क्या जरूरत हो गयी कि बैंगलोर से मुंबई के बीच स्लीपर वंदे भारत एक्सप्रेस को चलाने का प्रस्ताव दिया गया? क्या यह प्रस्ताव मंजूर हो सकता है? बेंगलुरु से मुंबई के बीच स्लीपर वंदे भारत एक्सप्रेस चलाने को लेकर सांसद ने कौन से तर्क दिये?

Deccan Herald की रिपोर्ट से मिली जानकारी के अनुसार 2 दिसंबर को अध्ययन दौरे पर आयी दक्षिण पश्चिम रेलवे (SWR) की स्टैंडिंग कमेटी के सामने सांसद पी.सी. मोहन ने रखा है। उन्होंने एसएमवीटी बेंगलुरु से मुंबई के लिए खुलने वाली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को शुरू करने का प्रस्ताव दिया है। सांसद के इस प्रस्ताव का लिखित जवाब देते हुए SWR के जनरल मैनेजर अरविंद श्रीवास्तव ने बताया कि रेलवे बोर्ड के सामने यह प्रस्ताव रेलवे बोर्ड के अधिकार क्षेत्र में आता है।
मीडिया से बात करते हुए सांसद ने कहा कि बेंगलुरु से मुंबई के बीच इस समय जितनी ट्रेनें भी चलती हैं, सभी करीब 24 से 30 घंटे का समय लेती है। जबकि बेंगलुरु-मुंबई के बीच चलने वाली बसें मात्र 16 से 18 घंटे में पहुंचा देती है। उन्होंने कहा कि हमें बसों जितनी तेजी से चलने ट्रेनों की जरूरत है।
गौरतलब है कि बेंगलुरु से मुंबई रूट पर दर्जन भर ट्रेनें चलती हैं लेकिन उनमें से सिर्फ एक ट्रेन, उदयन एक्सप्रेस, ही ऐसी है जो बेंगलुरु से मुंबई तक ही जाती है। यानी सिर्फ उदयन एक्सप्रेस का ही टर्मिनल स्टेशन बेंगलुरु और मुंबई है। यह ट्रेन केएसआर बेंगलुरु से सीएमएमटी मुंबई के बीच की लगभग 1,136 किमी की दूरी को कालाबुरागी होकर 23 से 24 घंटे में तय करती है।
एक अन्य ट्रेन, चालुक्य एक्सप्रेस, जो पहले यशवंतपुर से दादर के बीच चलती थी, को अब तिरुनेल्वेली से पुडुचेरी के बीच चलाया जाता है। यह ट्रेन सप्ताह में 3 दिन चलती है, जो वाया हुबली लगभग 24 घंटे में अपना सफर तय करती है।

मीडिया रिपोर्ट में SWR के अधिकारियों के हवाले से बताया गया कि कंगेरी से व्हाइटफिल्ड के बीच MEMU ट्रेनों को शुरू तो किया गया था लेकिन इन्हें अभी नहीं चलाया जा रहा है क्योंकि केएसआर बेंगलुरु स्टेशन पर प्लेटफार्म और रास्ते के निर्माण की वजह से नहीं किया जा रहा है। नयनदहल्ली-केएसआर बेंगलुरू खंड में 70 में 1 की खड़ी चढ़ाई है तथा इसे पूरा करने में 15-20 मिनट का समय लगता है। केएसआर बेंगलुरु स्टेशन के सिर्फ 3 प्लेटफार्म ही कंगेरी के ट्रेनों के लिए बेंगलुरु कैंटोनमेंट या व्हाइटफिल्ड से जुड़े हुए हैं। SWR के अधिकारियों का कहना है कि MEMU ट्रेनों को शुरू करने का प्रभाव लंबी दूरी की ट्रेनों पर भी पड़ने वाला है।
वहीं एक सवाल का जवाब देते हुए श्रीवास्तव का कहना था कि व्हाइटफिल्ड से केम्पेगौड़ा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (हॉल्ट) स्टेशन के बीच कुल 6 ट्रेनें (5 MEMU ट्रेन और 1 DEMU ट्रेन) चलायी जाती है लेकिन उनकी ऑक्यूपेंसी मात्र 1% है। इसके अलावा MEMU ट्रेनों की कमी भी है। उन्होंने कहा कि यह परिस्थिति केवल तभी सुधर सकती है जब रेलवे बोर्ड SWR को अगले 5 सालों में 16 कोच वाली कम से कम 76 रेक भेजे।
साथ ही उन्होंने बताया कि 23 सितंबर को बेंगलुरु सर्कुलर रेलवे परियोजना की ओद्दराहल्ली-देवनहल्ली सेक्शन (₹1638 करोड़ की लागत) का विस्तृत प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) रेलवे को जमा किया जा चुका है। देवनहल्ली-मलुर-हीलालीज-सोलुर-निदावंदा-ओद्दराहल्ली के बीच बाकी बचे सर्वे का काम अभी भी जारी है। श्रीवास्तव का कहना है कि फरवरी 2025 तक सर्कुलर रेलवे परियोजना का पूरा DPR रेलवे बोर्ड के पास जमा कर दिया जाएगा।



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