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बैंगलोर में होने वाला है 'Zero Shadow Day', जानिए कौन सा है वह दिन जब परछाई छोड़ देगी आपका साथ!

अगर आप बैंगलोर में रहते हैं, तो ध्यान दें। ठीक 2 दिन बाद कुछ ऐसा होने वाला है कि आपकी खुद की परछाई भी आपका साथ छोड़ देगी। हम किसी अनहोनी की कोई भविष्यवाणी नहीं कर रहे हैं बल्कि यह कहना है कि इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ एस्ट्रोफिजिक्स (IIA) का। क्यों? क्योंकि बैंगलोर में होने वाला है Zero Shadow Day। हाल ही में IIA की साइंस कम्यूनिकेशन, पब्लिक आउट्रेच एंड एडुकेशन (SCOPE) सेक्शन के प्रधान नीरज मोहन रामानुजम ने इस बात की जानकारी दी है।

इसके साथ ही उन्होंने Zero Shadow Day की तारीख और ठीक समय के बारे में भी जानकारी दी है, जब सूर्य की रोशनी में खड़े होने के बावजूद आपको आपकी परछाई दिखाई नहीं देगी।

bangalore zero shadow day

कब होगा Zero Shadow Day?

Economic Times की मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक Zero Shadow Day 24 अप्रैल को दोपहर के ठीक 12. 17 बजे होने वाला है, जब सूरज की रोशनी में खड़े होने या रखी किसी भी चीज की परछाई नहीं बनेगी। रामानुजम ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि Zero Shadow Day सिर्फ बेंगलुरु ही नहीं बल्कि उन सभी शहरों में भी होने वाला है जहां से होकर कर्क रेखा गुजरती है, जैसे बेंगलुरु, चेन्नई और मैंगलुरु।

क्या होता है Zero Shadow Day?

रामानुजम के हवाले से मीडिया रिपोर्ट में बताया जाता है कि बेंगलुरु में हर साल 24-25 अप्रैल और 18 अगस्त को Zero Shadow Day होता है। उन्होंने बताया कि Zero Shadow Day 21 जून को कर्क रेखा पर पहुंचेगा, जब ग्रीष्म संक्रांति और उत्तरायण खत्म होता है - जिसे हिंदु कैलेंडर में सूर्य की उत्तर दिशा की यात्रा मानी जाती है।

सूर्य हर दिन न तो ठीक पूर्व दिशा में उगता है और न ही हर दिन ठीक पश्चिम दिशा में डूबता है क्योंकि धरती अपनी धुरी पर लगभग 23.5 डिग्री झुकी होती है, जिसकी वजह से ही मौसम में भी बदलाव होते रहते हैं।

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बताया जाता है कि 21 जून को सूर्य सीधे कर्क रेखा होगा और इसकी दक्षिणायन यात्रा भी उसी दिन से शुरू होगी, जैसा धरती से दिखाई देता है। इसके बाद 23 सितंबर को सूर्य भूमध्य रेखा के ठीक ऊपर होगा और फिर से 22 दिसंबर को कर्क रेखा के ऊपर आएगा, जिसके बाद सूर्य की उत्तरायण यात्रा शुरू होगी। 21 मार्च को सूर्य फिर भूमध्य रेखा के ऊपर आता है और यहीं सिलसिला साल भर चलता रहता है। जिसकी वजह से मौसम भी बदलते हैं और दिन-रात का आकार भी।

बताया जाता है कि Zero Shadow Day को सूर्य अपने चरम पर होता है, जिस वजह से धरती पर मौजूद जब किसी व्यक्ति या वस्तु पर सीधी ऊपर से सूर्य की रोशनी पड़ती है तो उसकी कोई परछाई नहीं बनती क्योंकि उस समय वह व्यक्ति या वस्तु सूर्य के ठीक नीचे मौजूद होता है।

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