कर्नाटक मंत्रिमंडल के मंत्री एम बी पाटिल ने हाल ही में एक बैठक के बाद अपने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे बैंगलोर में दूसरा एयरपोर्ट बनाने के संबंध में एक रिपोर्ट तैयार करें, जिसमें इस बात का भी उल्लेख हो कि भविष्य में बैंगलोर को इसकी कितनी जरूरत होगी। इस बैठक के दौरान मंत्री पाटिल ने तेजी से विकसित हो रहे बैंगलोर में दूसरे एयरपोर्ट की जरूरत पर भी जोर दिया। पर अचानक बैंगलोर में क्यों दूसरे एयरपोर्ट की जरूरत महसूस होने लगी?
क्या बैंगलोर का पहला एयरपोर्ट बंद करके दूसरा एयरपोर्ट बनाया जाएगा? क्या होगा दूसरे एयरपोर्ट का लोकेशन?

क्यों जरूरत हुई महसूस
economics times की एक रिपोर्ट में कर्नाटक के मंत्री एम.बी. पाटिल के हवाले से बताया गया कि बैंगलोर का केम्पेगौड़ा इंटरनेशनल एयरपोर्ट भारत का तीसरा सबसे व्यस्त एयरपोर्ट है। यहां से होकर पिछले साल 3.7 करोड़ यात्रियों ने यात्रा की थी और करीब 4 लाख टन कार्गो हैंडल किया गया था। भविष्य को मद्देनजर रखते हुए ही उन्होंने बैंगलोर में दूसरे एयरपोर्ट के निर्माण की जरूरत पर जोर दिया है।
बैठक के दौरान उन्होंने कहा कि जब बैंगलोर एयरपोर्ट को बनाया गया था, तब BIAL ने अगले 25 सालों तक 150 किमी के दायरे की विशिष्टता को बनाए रखने की बात पर सरकार के साथ सहमति जतायी थी, जो समय 2033 में खत्म हो रहा है। इस समय के खत्म होने में मात्र 9 सालों का समय ही रह गया है। इस वजह से ही बैंगलोर में दूसरे एयरपोर्ट को बनाने की जरूरत और भी ज्यादा महसूस हो रही है।
बता दें, बैंगलोर शहर की जनसंख्या करीब 10 मिलियन पर पहुंच चुकी है, जहां कई विश्वस्तरीय कंपनियों के ऑफिस भी हैं। बैंगलोर एयरपोर्ट से होकर न सिर्फ बैंगलोरवासी बल्कि आसपास के जिलों में रहने वाले लोग और आंध्र प्रदेश से भी नजदीक होने के कारण काफी लोग आवाजाही करते हैं। संभावना है कि साल 2033 तक बैंगलोर एयरपोर्ट अपनी अधिकतम क्षमता पर पहुंच जाएगा और साल 2040 तक फ्रेट वॉल्यूम अपने अधिकतम क्षमता पर होगा।

कहां पर बन सकता है नया एयरपोर्ट?
मीडिया रिपोर्ट्स से मिली जानकारी के अनुसार बैंगलोर के विकास और एयर ट्रैवल कनेक्टिविटी को बढ़ाने के लिए राज्य सरकार बैंगलोर में दूसरे एयरपोर्ट की जरूरत पर जोर दे रही है। पाटिल ने अपने बयान में कहा कि राज्य सरकार जल्द से जल्द बैंगलोर में दूसरे एयरपोर्ट के लिए कोई अच्छी जगह की तलाश कर ली जाएगी। इसके लिए मुंबई और गोवा से प्रेरणा ली जाएगी, जिस पद्धति को दूसरे कई एयरपोर्ट पर सफलतापूर्वक लागू किया जा चुका है।
इस पद्धति में एक ही शहर में दो एयरपोर्ट बनाने से एयर ट्रैफिक का बंटवारा अच्छी तरह से और स्पष्ट रूप से करना संभव हो पाता है। एक पुरानी मीडिया रिपोर्ट में दावा किया गया है कि बैंगलोर के टूमाकुरु-चित्रदुर्ग स्ट्रेच एक ऐसी जगह है, जहां दूसरा एयरपोर्ट बनाया जा सकता है। मिली जानकारी के अनुसार टूमाकुरु-चित्रदुर्ग स्ट्रेच की जांच की जा रही है, हालांकि संभावित विस्तार अथवा यातायात संबंधी कारणों से दूसरी जगहों को अव्यवहारिक माना जा रहा है।



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