बेंगलुरु वासियों के लिए राहत की खबर। नम्मा मेट्रो के यलो लाइन पर सेफ्टी ट्रायल की शुरुआत हो चुकी है। मिली जानकारी के अनुसार यह ट्रायल बोम्मसंद्रा (Bommasandra) से आरवी रोड (R V Road) स्टेशनों के बीच किया जा रहा है। इस ट्रायल की सफलता इस बात को सुनिश्चित करेगी कि बेंगलुरु मेट्रो का यलो लाइन यात्री सेवा के लिए पूरी तरह से तैयार हो चुका है। कब से शुरू होगी बेंगलुरु के यलो मेट्रो लाइन पर यात्री सेवाएं?
वहीं दूसरी तरफ केंद्रीय रेल राज्यमंत्री वी. सोमन्ना ने हाल ही में बेंगलुरु के उद्यान नगरी उपनगरीय रेल परियोजना के पूरे होने की समयसीमा को बढ़ाकर नयी समयसीमा निर्धारित किया है। क्या है नयी समयसीमा?

चलिए बेंगलुरु की दोनों रेल सेवाओं के बारे में विस्तार से बताते हैं -
यलो लाइन मेट्रो का सेफ्टी ट्रायल (Safety Trial) शुरू
हाल ही में नम्मा मेट्रो के यलो लाइन का सेफ्टी ट्रायल शुरू हो गया है जो अगले 10 दिनों तक चलेगी। मिली जानकारी के अनुसार सेफ्टी ट्रायल के बाद ही यह सुनिश्चित हो सकेगा कि यह लाइन यात्री सेवाओं के लिए तैयार है अथवा नहीं। बताया जाता है कि मेट्रो के कोच में यात्रियों के वजन के बराबर रेत से भरी बोरियां रखी गयी हैं। इसके साथ ही एक और टेस्ट भी किया जाएगा जिसमें यात्रियों के वजन के बराबर पानी रखा जाएगा। इसमें विभिन्न परिस्थितियों में मेट्रो के ब्रेक सिस्टम की जांच की जाएगी, जिससे यह पता चल जाएगा कि जरूरत होने पर ही ट्रेन को रोक दिया जा सकेगा।
19 किमी लंबा यलो लाइन मेट्रो में 16 स्टेशन
मीडिया रिपोर्ट्स से मिली जानकारी के अनुसार बेंगलुरु मेट्रो के यलो लाइन का 19 किमी लंबे इस कॉरिडोर में कुल 16 स्टेशन होंगे। इस कॉरिडोर पर ड्राइवरलेस ट्रेनें चलेंगी। बताया जाता है कि वर्तमान में एक 6 कोच वाली ट्रेन के साथ ट्रायल रन किया जा रहा है लेकिन जल्द ही इसमें और ट्रेनों को भी जोड़ा जाएगा। बताया जाता है कि ड्राइवरलेस ट्रेनें चलाना बेंगलुरु मेट्रो के लिए नयी चुनौतियां लेकर आया है। इसलिए यात्रियों की सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए कुल 37 प्रकार के टेस्ट किये जाएंगे। इस मेट्रो लाइन पर यात्री सेवाओं को शुरू करने की अनुमति देने से पहले मेट्रो रेल सेफ्टी कमिश्नर सभी टेस्ट के रिजल्ट की अच्छी तरह से जांच करेंगे।
कब से शुरू होगी यात्री सेवाएं
मिली जानकारी के अनुसार बेंगलुरु मेट्रो के यलो लाइन पर दिसंबर 2024 अथवा जनवरी 2025 के शुरुआत से यात्री सेवाओं के शुरू होने की संभावना है। वर्तमान में यह लाइन बोम्मसंद्रा से आरवी रोड के बीच ही संचालित होगी लेकिन भविष्य में इसे तमिलनाडु के होसुर तक विस्तृत करने की योजना है। इस विस्तार के साथ इस मेट्रो लाइन की कुल लंबाई 23 किमी हो जाएगी और यह भारत का पहला अंतर्राज्यीय मेट्रो सेवा भी कहलाएगा। हालांकि अभी तक इस प्रस्ताव को पारित नहीं किया गया है और कई राजनीतिक पार्टियां इसे लेकर मतविरोध भी जता रही हैं।
बढ़ी बेंगलुरु के उद्यान नगरी उपनगरीय रेल परियोजना की समयसीमा
केंद्रीय रेल राज्य मंत्री वी. सोमन्ना ने हाल ही में बेंगलुरु में उद्यान नगरी उप-शहरी रेल परियोजना के दो कॉरिडोर को पूरा करने की समय सीमा बढ़ा दी है। नयी समयसीमा अब दिसंबर 2026 निर्धारित की गई है। बेंगलुरू उपनगरीय रेल परियोजना (बीएसआरपी) को कई बाधाओं का सामना करना पड़ा है, जिसमें फंडिंग के मुद्दे, भूमि अधिग्रहण में देरी और धीमी निविदा प्रक्रिया शामिल हैं।
बता दें, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जून 2022 में अगस्त 2025 तक इसे पूरा करने के वादे के साथ लॉन्च किया था। केंद्रीय मंत्री ने बताया कि चार उप-शहरी रेल कॉरिडोर को बनाने की कुल लागत ₹15,767 करोड़ रुपये होगी। केंद्र और राज्य सरकारों ने लागत को 20:20 में साझा किया है। शेष अनुदान ऋण के रूप में लिया जाएगा।
इस परियोजना के 4 कॉरिडोर की खासियतें
- चारों कॉरिडोर के नाम संपीगे, मल्लिगे, पारिजात और कनक।
- सबसे लंबा कॉरिडोर-4 हीगिल-राजनकुंटे 46.88 किलोमीटर लंबा है। इसके दिसंबर 2026 तक चालू होने की उम्मीद है।
- कॉरिडोर-2 बेनिगनहल्ली-चिक्काबनवारा, जो 25.01 किलोमीटर लंबा है, भी इसी तिथि तक पूरा होने वाला है।
- कॉरिडोर-3 केंगेरी-बैंगलोर कैंटोनमेंट को अभी भी रेलवे विभाग से मंजूरी का इंतजार है।
- अगस्त 2022 में दो कॉरिडोर के लिए ₹859.97 करोड़ रुपये का टेंडर दिया गया था।
- कॉरिडोर-4 के लिए दिसंबर 2023 में ₹1040.51 करोड़ रुपये का टेंडर जारी किया गया था।
दो पैकेज में बन रहा है कॉरिडोर 1
कॉरिडोर-1 के डिजाइन को जून में संशोधित किया गया था और इसे दो पैकेजों में बनाया जाएगा : पैकेज-1 में मैजेस्टिक-यहाँका (17.63 किमी) और पैकेज-2 के रूप में यहाँका-देवनहल्ली (23 किमी)। अनुमान है कि बीएसआरपी से प्रतिदिन बेंगलुरु शहर में यात्रा करने वाले लगभग 9.8 लाख यात्रियों को लाभ होगा।



Click it and Unblock the Notifications














