बेंगलुरु में दूसरा एयरपोर्ट (Bangalore's 2nd Airport) निर्माण की दिशा में कर्नाटक सरकार ने बड़ा और महत्वपूर्ण कदम उठाया है। मीडिया रिपोर्ट्स में किये गये दावों को सच माने तो गुरुवार (6 मार्च) को कर्नाटक सरकार की ओर से केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्रालय (Civil Aviation Ministry) के पास 3 ऐसी जगहों की सूची भेजी गयी है, जहां बेंगलुरु का दूसरा अंतर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट बनाया जा सकता है।
बताया जाता है कि ये तीनों जगहें ही बेंगलुरु के आसपास मौजूद हैं। बताया जाता है कि इनमें से जिस जगह का चुनाव भी केंद्रीय मंत्रालय करेगी, राज्य सरकार वहां बेंगलुरु का दूसरा इंटरनेशनल एयरपोर्ट बनाने के लिए करीब 4500 एकड़ की जमीन मुहैया करवाएगी।

कहां-कहां हैं ये जगहें जहां बन सकता है बेंगलुरु का दूसरा इंटरनेशनल एयरपोर्ट?
इस बाबत Deccan Herald की मीडिया रिपोर्ट से मिली जानकारी के अनुसार कर्नाटक सरकार ने जिन 3 जगहों को बेंगलुरु के दूसरे एयरपोर्ट के चुना है और उनका प्रस्ताव केंद्रीय मंत्रालय के पास भेजा है, उनमें से 2 जगहें ऐसी हैं जो बेंगलुरु दक्षिण में कनकपुरा रोड पर मौजूद है। यानी ये दोनों जगहें ही बेंगलुरु के वर्तमान केम्पेगौड़ा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (KIA) से ठीक विपरीत में मौजूद है।
इनमें से एक बेंगलुरु के अर्बन जिला में है और दूसरा रामनगर जिले में मौजूद है। वहीं बेंगलुरु एयरपोर्ट के चुना गया तीसरा लोकेशन हारोहल्ली के पास मौजूद है जो ग्रीन लाइन मेट्रो के आखिरी स्टेशन से करीब 10 किमी की दूरी पर है।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार कनकपुरा रोड पर जिन दो जगहों को बेंगलुरु के दूसरे इंटरनेशनल एयरपोर्ट के लिए चुना गया है वहां करीब 4800 और 5000 एकड़ की भूमि उपलब्ध है। जबकि तीसरा लोकेशन जो नेलमंगला में कुनिगल रोड पर मौजूद है, में 5200 एकड़ की भूमि उपलब्ध है।
क्या होगा अब आगे?
केंद्रीय मंत्रालय के हवाले से मीडिया रिपोर्ट में बताया जाता है कि केंद्रीय मंत्रालय अब एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (AAI) की एक टीम को इन तीनों जगहों का मुआयना करने के लिए भेजेगी। इस टीम की सिफारिश के आधार पर ही एक विस्तृत वित्तीय व्यवहार्यता अध्ययन किया जाएगा, जिसके बाद ही बेंगलुरु के दूसरे एयरपोर्ट के लिए चुनी हुई जगह पर अंतिम मुहर लगेगी।
अपने प्रस्ताव में राज्य सरकार ने केंद्र को बताया है कि ये तीनों जगहें ही बेंगलुरु के सिटी सेंटर से करीब 50 किमी की परिधि में ही मौजूद है और यहां तक सड़क संपर्क भी काफी अच्छा है, जिसमें नेशनल हाईवे भी शामिल है। केंद्रीय मंत्रालय भी शहर के 50 किमी के दायरे में ही एयरपोर्ट का निर्माण करना चाहती है।
वर्तमान में बेंगलुरु के एयरस्पेस का इस्तेमाल बेंगलुरु इंटरनेशल एयरपोर्ट लि., हिन्दुस्तान एयरोनॉटिक्स लि. और येलहंका में स्थित रक्षा मंत्रालय के एयर फोर्स स्टेशन द्वारा किया जाता है। केंद्रीय मंत्रालय का कहना है कि नए इंटरनेशनल एयरपोर्ट के लिए जगह को तभी फाइनल किया जाएगा, जब फ्री एयरस्पेस मिलेगी।
5 जुलाई 2004 को केंद्र सरकार के साथ BIAL के हुए समझौते में यह स्पष्ट किया गया था कि साल 2033 तक बेंगलुरु में सिर्फ KIA ही नागरिक एयरपोर्ट रहेगा। KIA से 150 किमी के एयर स्पेस में किसी भी नए अथवा वर्तमान एयरपोर्ट को शुरू करने की अनुमति भारत सरकार नहीं देगी।
बता दें, KIA का संचालन वर्ष 2008 में शुरू किया गया था। BIAL से मिली जानकारी के अनुसार साल 2024 तक बेंगलुरु में एयर ट्रैफिक यात्रियों की संख्या 9% बढ़कर 40.73 मिलियन पर पहुंच गयी जो साल 2023 में 37.2 मिलियन थी।



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