दक्षिण एशिया में पहली बार 20 चिकित्सकों ने एक लोकप्रिय यूरोपीयन प्राकृतिक दर्द निवारण पद्धति, लिबशर और ब्रैच पेन थैरेपी के लिए अपने प्रशिक्षण प्रमाणपत्र प्राप्त किया है। यह सेंटर आर्ट ऑफ लिविंग के अंतर्राष्ट्रीय केंद्र बैंगलोर में खोला गया है।
हेल्थ टूरिज्म के दिशा में आगे बढ़ते हुए यह भारत के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इस सेंटर के खुलने के बाद र्द की अस्थायी दवाओं पर निर्भरता और दर्द निवारक दवाओं के दुष्प्रभावों के बिना प्राकृतिक और स्थायी उपचार की अपार संभावनाएं दिखायी दे रही हैं।

नये ब्रैच पेन थैरेपी के बारे में आध्यात्मिक गुरु श्री श्री रविशंकर का कहना है कि हमें विश्व के हर भाग से जो भी अच्छा है उसे सीखना चाहिए।उन्होंने कहा कि शारीरिक दर्द से राहत के लिए दर्द चिकित्सा है। यह ज्ञान अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचना चाहिए। विश्व की आबादी का पांचवां हिस्सा भारत में रहता है। इसलिए हम पीड़ा-मुक्त प्रसन्न समाज बनाने के लिए अधिक से अधिक लोगों को प्रशिक्षित करेंगे।

बता दें, जर्मनी के रहने वाले, रोलैंड लिबशर-ब्रैच और डॉ. पेट्रा ब्रैच ने लगभग 35 सालों का समय लेगी एक ऐसी दर्द चिकित्सा पद्धति विकसित की है जिसमें शरीर के अधिकांश हिस्सों में दर्द के लिए सिर से पाँव तक 72 दबाव बिंदुओं पर गति और ऑस्टियोप्रेशर का उपयोग करके सभी प्रकार की मस्कुलोस्केलेटल पीड़ा के मूल कारण को दूर किया जाता है। रोलैंड लिबशर-ब्रैच की दुनिया भर में दर्द चिकित्सा के क्षेत्र में काफी पहचान है और उन्हें 2023 में यूरोप में यूट्यूब के सबसे सफल स्वास्थ्य चैनल के लिए यूट्यूब पुरस्कार मिला है।



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