बेंगलुरु में एक तरफ राज्य सरकार दूसरे एयरपोर्ट के लिए जगह का चुनाव करने में लगी हुई है। वहीं दूसरी तरफ हिन्दुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) एयरपोर्ट को फिर से खोलने की सुगबुगाहट भी तेज होती जा रही है। पिछले दिनों ही मीडिया से बात करते हुए बेंगलुरु दक्षिण के सांसद तेजस्वी सूर्या ने बताया कि मार्च के दूसरे सप्ताह में दिल्ली में सभी स्टेकहोल्डरों (सदस्यों) के साथ एक बैठक होनी है जिसमें HAL और BIAL के अधिकारी समेत DGCA और एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (AAI) के अधिकारी भी शामिल होंगे।
सूर्या का मानना है कि अगर HAL एयरपोर्ट को फिर से खोला जाता है तो इससे बेंगलुरु को काफी फायदा मिलेगा। ऐसे में स्थानीय निवासियों के मन में भी यह सवाल जरूर आ रहा है कि तो क्या बेंगलुरु के इस पुराने एयरपोर्ट को फिर से खोलने के संबंध में जल्द ही कोई फैसला लिया जा सकता है?

क्यों बंद हुआ था HAL एयरपोर्ट?
कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु के विधान सौधा से महज 13 किमी की दूरी पर मौजूद HAL एयरपोर्ट का संचालन तक तब किया गया था, जब तक बेंगलुरु का केम्पेगौड़ा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (KIA) बनकर तैयार नहीं हुआ था। बेंगलुरु के देवनहल्ली में बनाया गया KIA का संचालन बेंगलुरु इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (BIAL) द्वारा किया जाता है।
बेंगलुरु वासियों ने HAL एयरपोर्ट से होकर साल 2008 तक अपने-अपने गंतव्यों के लिए उड़ान भरी थी और उसके बाद इस एयरपोर्ट पर कमर्शियल विमानों की आवाजाही को बंद कर दिया गया।
क्या कहना है सांसद का?
मीडिया से बात करते हुए सांसद तेजस्वी सूर्या का कहना है कि अगर HAL एयरपोर्ट, जो शहर के बीचोबीच मौजूद है, से कमर्शियल विमानों की आवाजाही को फिर से शुरू किया जाता है, तो इससे BIAL की क्षमता को भी बढ़ाएगा। उन्होंने बताया कि नागरिक उड्डयन मंत्री, के. राममोहन नायडू, भी इस बारे में बात करने में अपनी रुचि जाहिर कर रहे हैं। उन्होंने संभावना जताते हुए कहा कि HAL एक घरेलू एयरपोर्ट बन सकता है, जो आसपास के राज्यों जैसे तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश व अन्य के साथ यातायात संपर्क को बढ़ाएगा।
जो लोग काम के सिलसिले में अक्सर बेंगलुरु आते हैं या जिनका व्हाइटफिल्ड के आसपास ज्यादा काम होता है, वे अपना काम खत्म कर जल्दी वापस लौट सकेंगे। सांसद सूर्या का कहना है कि राज्य सरकार को टनल रोड जैसी परियोजनाओं में निवेश न करके मेट्रो नेटवर्क को HAL एयरपोर्ट से जोड़ने के विषय में सोचना चाहिए।
वहीं मीडिया रिपोर्ट में इस विषय के जानकार वी रविचंदर के हवाले से बताया गया है कि जब KIA का निर्माण किया गया था, तब BIAL और सरकार के बीच एक समझौता हुआ था, जिसमें अगले 25 सालों तक KIA से 150 किमी के दायरे में कोई भी और एयरपोर्ट नहीं बनायी जा सकती थी। यह समझौता साल 2033 में खत्म होने वाला है। इसलिए अब BIAL को इस योजना पर आगे बढ़कर काम करना चाहिए।
पर क्यों HAL एयरपोर्ट से सिर्फ घरेलू और कम दूरी की उड़ानों के बारे में ही बात की जा रही है?
दरअसल, HAL एयरपोर्ट बेंगलुरु शहर के बीचोबीच मौजूद है। इसलिए अगर आसपास के शहरों जैसे चेन्नई, हैदराबाद, तिरुपति आदि से आने-जाने के लिए HAL एयरपोर्ट का इस्तेमाल किया जाएगा, तो समय की काफी बचत होगी।
HAL एयरपोर्ट शहर के बीच में मौजूद होने की वजह से यहां तक शहर के किसी भी कोने से पहुंचने में समान समय ही लगेगा। इसके अलावा अगर HAL एयरपोर्ट पर घरेलू उड़ानों को स्थानांतरित कर दिया जाता है तो KIA पर घरेलू उड़ानों का दबाव कम हो जाएगा और इंटरनेशनल उड़ानों का संचालन आसानी से किया जा सकेगा।



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