बेंगलुरु में बढ़ी भीड़ को नियंत्रित करने के लिए कर्नाटक मंत्रिमंडल ने ग्रेटर इंटिग्रेटेड सैटेलाइट टाउनशिप बनाने को मंजूरी दी है। 30 जनवरी को मंत्रिमंडल की बैठक में यह फैसला लिया गया है कि बेंगलुरु में सैटेलाइट टाउनशिप बिदादी और हारोहल्ली के बीच बनायी जाएगी।
इस बारे में मीडिया से बात करते हुए कर्नाटक के मंत्री एच के पाटिल ने बताया कि पहला ग्रेटर बेंगलुरु इंटिग्रेटेड टाउनशिप बिदादी और हारोहल्ली के बीच बनाया जाएगा। इसे ग्रेटर बेंगलुरु विकास प्राधिकरण (GBDA) के अधीन तैयार किया जाएगा।

मीडिया से बात करते हुए पाटिल ने बताया कि सैटेलाइट टाउनशिप को 10 गांवों में लगभग 8,032 एकड़ के क्षेत्र में तैयार किया जाएगा। बता दें, बिदादी और हारोहल्ली बेंगलुरु-मैसूर एक्सप्रेसवे के पास रामनगर जिले में मौजूद है। यह बेंगलुरु मुख्य शहर से करीब 30-50 किमी की दूरी पर मौजूद है। इससे पहले उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने भी कहा था कि रामनगर का नाम बदलकर बेंगलुरु दक्षिण रख दिया जाए।
Money Control की मीडिया रिपोर्ट से मिली जानकारी के अनुसार रामनगर जिले के जिन 10 गांवों को मिलाकर ग्रेटर बेंगलुरु इंटीग्रेटेड सैटेलाइट टाउनशिप को बनाया जाएगा, उनमें बिदादी का बैरामंगला और बन्नीगेरे, होसुर, केजी गोल्लरपल्या, कांचुगरनहल्ली, अरलालसुन्दरा, केम्पैयानपल्या, कांचुगरनहल्ली कवलु, मंडलाहल्ली और हारोहल्ली में वडेराहल्ली शामिल है। बताया जाता है कि कर्नाटक मंत्रिमंडल ने देवनहल्ली, नेलमंगला, होस्कोट, डोड्डाबल्लपुर, मगडी, बिदादी में सैटेलाइट टाउनशिप का विकास सड़क व रेल संपर्क के साथ करने का प्रस्ताव भी दिया है, ताकि बेंगलुरु में बढ़ी भीड़ को नियंत्रित किया जा सकें।
मीडिया से बात करते हुए एच के पाटिल का कहना है कि सैटेलाइट टाउन बेंगलुरु में भीड़ को कम करेंगे। वे सड़क व रेल परिवहन से अच्छी तरह से जुड़े होंगे। यहां न सिर्फ नौकरी के मौके मिलेंगे बल्कि यहां लोगों को रहने के लिए भी बेहतर सुविधाएं मिलेंगी।
बताया जाता है कि यहाँ निर्माण की योजनाओं को बनाने के लिए एक कमेटी का भी गठन किया गया है। टाउनशिप परियोजनाओं के पूरा होने तक उनकी देखरेख के लिए कर्नाटक सरकार के अतिरिक्त मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक समिति गठित की जाएगी, जिसमें सक्षम प्राधिकारी, विभाग और संबंधित संस्थान शामिल होंगे।



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