बेंगलुरु को ट्रैफिक जाम की परेशानी से मुक्ति दिलाने के लिए बृहत बेंगलुरु म्यूनिसिपल कॉर्पोरेशन (BBMP) ने सबसे पहले हेब्बाल से सिल्क बोर्ड तक 16 किलोमीटर लंबा टनल रोड बनाने का प्रस्ताव दिया था। लेकिन विभिन्न कारणों से इस प्रस्ताव की आलोचना की जा रही थी। इन सभी आलोचनाओं को दरकिनार करते हुए BBMP ने बेंगलुरु में एक नया टनल रोड बनाने का प्रस्ताव दिया है।
BBMP के प्रस्ताव के मुताबिक नया टनल रोड लगभग 28 किलोमीटर लंबा होने वाला है। मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो इस टनल रोड को बनाने का न सिर्फ प्रस्ताव दिया गया है बल्कि विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) बनाने की तैयारियां भी शुरू कर दी गयी हैं। बेंगलुरु में कहां से कहां तक 28 किलोमीटर लंबा नया टनल रोड बनाने का प्रस्ताव दिया गया है?

Deccan Herald की मीडिया रिपोर्ट से मिली जानकारी के अनुसार BBMP ने बेंगलुरु में केआर पुरम से नयनदाहल्ली के बीच 28 किमी लंबा नया टनल रोड बनाने का प्रस्ताव दिया है। बताया जाता है कि पिछले सप्ताह ही BBMP ने 28 किमी लंबे इस टनल रोड को बनाने की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार करने के लिए निजी सलाहकारों (कंसल्टेंट) से बोलियां आमंत्रित की हैं।
28 किमी लंबे जिस टनल रोड का प्रस्ताव दिया गया है कि उस पर 10 फ्लाईओवर बनाएं जाएंगे, जिसमें से एक की लंबाई 27 किमी होगी। बताया जाता है कि यह प्रस्ताव विवादित व्यवहार्यता अध्ययन का ही हिस्सा है, जिसे लगभग ₹4.5 करोड़ की लागत से तैयार किया गया था।
संभावना जतायी जा रही है कि साल 2025 के मध्य तक बेंगलुरु में 2 टनल रोड और 10 फ्लाईओवर का DPR तैयार हो जाएगा। इस टनल रोड का प्रस्ताव BBMP द्वारा हेब्बाल-सिल्क बोर्ड टनल रोड परियोजना का DPR मात्र 3 महीने में ही तैयार करने के तुरंत बाद आया है। हेब्बाल-सिल्क बोर्ड फ्लाईओवर टनल रोड का DPR 9 महीने के बजाए मात्र 3 महीने में ही लगभग ₹9.5 करोड़ की लागत से तैयार किया गया था। इसके साथ ही BBMP ने मगडी रोड और आउटर रिंग रोड के पश्चिम के बीच डबल डेकर फ्लाईओवर बनाने का भी प्रस्ताव दिया है।
इस बारे में मीडिया से बात करते हुए BBMP के चीफ कमिश्नर तुषार गिरीनाथ ने बताया था कि ये सभी प्रस्ताव चरणबद्ध तरीके से लागू किये जाएंगे। उन्होंने बताया कि हर साल 2-4 परियोजनाओं को पूरा करने का लक्ष्य बनाया गया है। उन्होंने कहा कि पूरे शहर में इन सभी परियोजनाओं को ट्रैफिक जाम से बचाने के लिए तैयार किये जा रहे हैं।
तुषार गिरीनाथ का कहना है कि BBMP अभी जिन परियोजनाओं पर काम कर रही है, वह अगले 20 सालों तक बेंगलुरु में ट्रैफिक जाम की परेशानियों से निपटने में मददगार साबित होगी। उस समय तक सेंट्रल बेंगलुरु भी धीरे-धीरे पेरिफेरल इलाकों की तरफ खिसक जाएगी। बताया जाता है कि इन सभी परियोजनात्मक संरचनाओं (टनल रोड, 10 फ्लाईओवर), मेट्रो को छोड़कर, के पूरा होने में कम से कम ₹94,964 करोड़ का खर्च आ सकता है।
क्या नष्ट हो सकता है लालबाग?
इतने सारे निर्माण कार्यों की वजह से संभावना जतायी जा रही है बेंगलुरु का प्रसिद्ध लालबाग नष्ट हो सकता है। हालांकि यह भी उम्मीद जतायी जा रही है कि अगर संभल कर काम किया गया तो हो सकता है कि लालबाग शानदार इंजनियरिंग का उदाहरण बन जाएं। क्योंकि लालबाग का बोटैनिकल गार्डन, जहां एक तालाब और सबसे प्राचीन चट्टान संरचना मौजूद है, के नीचे से भूमिगत मेट्रो लाइन के अलावा 2 टनल रोड भी Crisscross होकर गुजरने वाला है। ऐसे में समस्याएं पैदा होने की संभावनाओं से इंकार नहीं किया जा सकता है।



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