बेंगलुरुवासियों के लिए बड़ी खुशखबरी! अब नंदी हिल्स (Nandi Hills) तक जाने के लिए न तो गाड़ियों की लंबी लाइन को पार करने की जरूरत होगी और न ही प्रदूषण और धूल आदि से किसी तरह की परेशानी। क्यों? क्योंकि बेंगलुरु से महज 60 किमी दूर मौजूद नंदी हिल्स, जो बेंगलुरुवालों का सबसे पसंदीदा वीकेंड डेस्टिनेशन है, पर रोपवे बनाने की एक बड़ी बाधा दूर हो गयी है।
मीडिया रिपोर्ट से मिली जानकारी के अनुसार नंदी हिल्स पर रोपवे बनाने की कर्नाटक सरकार की महत्वकांक्षी परियोजना को वन विभाग की मंजूरी मिल गयी है। पर्यटन के लिहाज से भी इसे एक बड़ा और महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

Hindustan Times की मीडिया रिपोर्ट से मिली जानकारी के अनुसार कर्नाटक सरकार को नंदी हिल्स पर रोपवे बनाने के लिए केंद्रीय पर्यावरण, वन और मौसम परिवर्तन विभाग (MoEFCC) से अंतिम मंजूरी मिलने का इंतजार था। आखिरकार परिवेश पोर्टल के माध्यम से MoEFCC ने रोपवे परियोजना के लिए अपनी मंजूरी दे दी है।
हालांकि वन विभाग ने यहां पर्यावरण को किसी भी प्रकार की क्षति नहीं पहुंचाने के सख्त नियम लागू किये हैं। बताया जाता है कि नंदी हिल्स (जहां रोपवे परियोजना को पूरा किया जाएगा) नंदी स्टेट फॉरेस्ट के अधिकार क्षेत्र में आता है, जो चिक्कबल्लपुर जिले में मौजूद है।
यहां पेड़ों की कटाई (यूकेलिप्टस के पेड़ों को छोड़कर) से लेकर ब्लास्टिंग, ड्रिलिंग आदि पर प्रतिबंध है। यहां सिर्फ निगरानी के तहत ही किसी व्यक्ति द्वारा काम करवाया जा सकता है। यहां न तो सड़कों का निर्माण किया जा सकता है और न ही जंगल के इलाके में JCB को प्रवेश करने की अनुमति है। ऐसी स्थिति में रोपवे परियोजना को मंजूरी मिलना कर्नाटक सरकार के साथ-साथ पर्यटकों के लिए भी बहुत अच्छी खबर साबित हो सकती है।
रोपवे परियोजना का Details :
- नंदी हिल्स पर 2.93 किमी लंबा रोपवे बनाया जाएगा, जो इस हिल स्टेशन पर ट्रैफिक जाम जैसी परेशानी से लोगों को राहत दिलाने में प्रमुख भूमिका निभा सकता है। इसके साथ ही यह रोपवे परियोजना गाड़ियों की वजह से होने वाले प्रदूषण को भी कम करने में सहायक सिद्ध होगा।
- जानकारी के अनुसार नंदी हिल्स पर रोपवे बनाने की इस परियोजना की कुल लागत करीब ₹93.40 करोड़ होगी।
- अगर सब कुछ ठीक रहा तो मई 2025 में रोपवे निर्माण का कार्य शुरू कर देने का लक्ष्य बनाया गया है।
- निर्माण शुरू होने के अगले 24 महीने के अंदर रोपवे परियोजना को पूरा कर लिया जाएगा।
- रोपवे की शुरुआत पहाड़ की तलहटी से होगा और नंदी हिल के शिखर पर जाकर खत्म होगा।
- इस रोपवे परियोजना के लिए कुल 7 एकड़ जमीन की जरूरत होगी, जिसमें से काफी हिस्सा वन क्षेत्र से होकर गुजरेगा। 2 एकड़ जमीन का उपयोग नंदी हिल्स के शिखर पर किया जाएगा, जहां रोपवे खत्म होगा।
- पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए रोपवे परियोजना को आधुनिक तरीके से पूरा किया जाएगा जिसमें 17-18 स्तंभों को घटाकर मात्र 10 स्तंभ बनाए जाएंगे।
एक बार अगर यह परियोजना पूरी हो जाती है तो यह कर्नाटक की पहली संचालित हो रही रोपवे परियोजना होगी।



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