बेंगलुरु में दूसरा एयरपोर्ट बनाने की घोषणा के बाद से ही उसके लोकेशन को लेकर मंथन चल रहा था। लेकिन अब लगता है कि कर्नाटक सरकार ने बेंगलुरु में दूसरा एयरपोर्ट बनाने की जगह का चुनाव लगभग पूरा कर लिया है। मीडिया रिपोर्ट्स से मिली जानकारी के अनुसार बेंगलुरु का दूसरा एयरपोर्ट जिस जगह पर बनाया जाएगा वह नेशनल हाईवे 75 के पास ही होगा।
हालांकि अभी तक इस जगह पर एयरपोर्ट बनाने की आखिरी मुहर नहीं लगी है लेकिन जिन जगहों को विकल्प के तौर पर सोच-विचार किया जा रहा था, उस दौर में यह स्थान आगे निकलता दिखाई दे रहा है।

Hindustan Times की एक रिपोर्ट के मुताबिक बेंगलुरु में दबसपेट के पास स्थित कुनीगल दूसरा एयरपोर्ट के लिए सबसे सटिक स्थान बनने की रेस में आगे निकलता दिखाई दे रहा है। इस बारे में मीडिया से बात करते हुए कर्नाटक के गृह मंत्री जी. परमेश्वर ने कहा कि बेंगलुरु का दूसरा एयरपोर्ट बनाने के लिए तुमकुरु इलाका, कुनीगल समेत, को लेकर सोच-विचार किया जा रहा है। नया एयरपोर्ट तुमकुरु के पास दबसपेट के पास बनाने की योजना है। हालांकि अभी तक इस जगह पर एयरपोर्ट बनाने के लिए आखिरी मुहर नहीं लगी है।
बता दें, तुमकुरु का विकास बतौर एशिया का सबसे विशाल इंडस्ट्रियल हब, जो 20,000 एकड़ में फैला हुआ है, के तौर पर अलग-अलग चरणों में किया जा रहा है। यहां अब तक 150 से ज्यादा उद्योगों को स्थापित किया जा चुका है। इसके साथ ही एक जापानी टाउनशिप भी यहां काम कर रही है। बताया जाता है कि HAL का हेलीकॉप्टर फैक्ट्री और उत्पादन मेट्टूर के पास ही शुरू हुआ है। ऐसे में यदि इस जगह का चुनाव दूसरे एयरपोर्ट के लिए किया जाता है तो यह फैसला फायदेमंद साबित हो सकता है।
जी. परमेश्वर ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि काफी सोच-विचार और मूल्यांकन के बाद इस फैसले पर पहुंचा गया है कि दबसपेट से कुनीगल के बीच का क्षेत्र, जो राष्ट्रीय राजमार्ग 75 से सटा हुआ है, बेंगलुरु का दूसरा एयरपोर्ट बनाने के लिए सबसे सटिक जगह है। हालांकि आखिरी निर्णय तकनीकी व्यवहार्यता को ध्यान में रखते हुए ही लिया जाएगा।
गौरतलब है कि राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और मुंबई के बाद बेंगलुरु का केम्पेगौड़ा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (KIA) देश का तीसरा सबसे बड़ा एयरपोर्ट है जो अपनी पूरी क्षमता से काम कर रहा है। दिल्ली और मुंबई में अगले साल तक नये एयरपोर्ट खुलने की संभावना है। ऐसे में जानकारों का कहना है कि बेंगलुरु को भी इनके नक्शे-कदम पर चलते हुए काम करना चाहिए। बेंगलुरु को दूसरा एयरपोर्ट निश्चित रूप से KIA पर बढ़ रहे अतिरिक्त बोझ को कम करने में मददगार साबित होगा। लेकिन बेंगलुरु में दूसरा एयरपोर्ट के लिए सही जगह का चुनाव करने में राज्य सरकार को कुछ चुनौतियों का भी सामना करना पड़ा है।
क्या हैं चुनौतियां?
बेंगलुरु के दूसरे एयरपोर्ट का लोकेशन तय करने में सबसे ज्यादा जिस चुनौती का सामना कर्नाटक सरकार को करना पड़ रहा है, वह है बेंगलुरु का वर्तमान इंटरनेशनल एयरपोर्ट, KIA। दरअसल, नियमानुसार KIA से 150 किमी के दायरे में किसी भी एयरपोर्ट का संचालन वर्ष 2032 से पहले नहीं किया जा सकेगा। इसी वजह से बेंगलुरु का HAL एयरपोर्ट, जो किसी समय बेंगलुरु के लिए प्रमुख एयरपोर्ट हुआ करता था, से अब कमर्शियल उड़ानों का संचालन नहीं किया जाता है और न ही इसके विस्तार के बारे में भी विचार किया जा सकता है।



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