बेंगलुरु सैटेलाइट टाउन रिंग रोड (STRR), का 21 किमी लंबा स्ट्रेच जो वर्तमान में निर्माणाधीन है, जल्द ही खुलने वाला है। मीडिया रिपोर्ट से मिली जानकारी के अनुसार STRR तमिलनाडु की सीमा से सटे होस्कोट को बेंगलुरु से जोड़ेगा। बताया जाता है कि STRR के 21 किमी लंबे जिस स्ट्रेच को जल्द खोलने की संभावनाएं जतायी जा रही हैं, वह बेंगलुरु से चेन्नई के बीच प्रस्तावित एक्सप्रेसवे (NE 7) तक लोगों की पहुंच को आसान तो बनाएगा ही, साथ ही इस स्ट्रेच के खुलने से ट्रैफिक जाम जैसी परेशानियों से भी काफी राहत मिलने की उम्मीद है।
बेंगलुरु शहर के चारों तरफ बन रहा सैटेलाइट टाउन रिंग रोड व्यवसायीक वाहनों को शहर के अंदर प्रवेश न करके, बाहर से ही निकल जाने में मददगार साबित होगा।

परिवहन की महत्वपूर्ण कड़ी बनेगा STRR का 21 किमी लंबा स्ट्रेच
तमिलनाडु की सीमा से सटे होस्कोट के पास से होकर STRR का जो हिस्सा गुजरने वाला है, वह बेंगलुरु-चेन्नई एक्सप्रेसवे तक लोगों की पहुंच को आसान बना देगा। यह 330 किमी लंबे प्रस्तावित बेंगलुरु-मेंगलुरु एक्सप्रेसवे के पूर्वी छोर के रूप में काम करेगा। यह पूरे राज्य भर में लोगों और सामानों को एक जगह से दूसरी जगह तक पहुंचाने का प्रमुख परिवहन कॉरिडोर के तौर पर भी काम करेगा।
कब खुलेगा STRR का 21 किमी लंबा स्ट्रेच?
दैनिक जागरण की मीडिया रिपोर्ट से मिली जानकारी के अनुसार सैटेलाइट टाउन रिंग रोड का 21 किमी लंबा स्ट्रेच इसी महीने यानी मार्च 2025 में ही खुलने की संभावना है। बताया जाता है कि STRR की कुल लंबाई करीब 288 किमी होगी। इसका निर्माण वर्ष 2027 तक पूरा कर लेने की संभावना है।
21 किमी लंबे इस स्ट्रेच के खुल जाने के बाद नेशनल हाईवेज अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) ने STRR के बाकी बचे 5 स्ट्रेच, जिनकी कुल लंबाई लगभग 144.25 किमी होगी, के निर्माण के लिए टेंडर भी आमंत्रित किया है। बताया जाता है कि STRR के बाकी बचे सभी स्ट्रेच का निर्माण करीब ₹4749 करोड़ की लागत से किया जाएगा। अगले 2 सालों में इनका निर्माण पूरा हो जाने की संभावना है।
21 किमी लंबे नए स्ट्रेच की विशेषताएं
- STRR का यह स्ट्रेच 6 लेन चौड़ा होगा।
- बेंगलुरु के NICE रोड की तरह ही STRR भी 11 मीटर चौड़ा होने वाला है।
- इस स्ट्रेच में 11 अंडरपास होंगे, जो यात्रियों की सुरक्षा को सुनिश्चित करने के साथ ही बॉटलनेक जाम को भी कम करने में मदद करेंगे।
- लिंगादीरामल्लासांद्रा गांव में बेंगलुरु-चेन्नई रेलवे लाइन पर एक रेलवे ओवर ब्रिज का निर्माण किया जा रहा है।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार STRR एक बार पूरी तरह से शुरू हो जाए, उसके बाद यह लंबी दूरी के ट्रैफिक को बेंगलुरु के सिटी सेंटर से दूर करने में मददगार साबित होगा। इसकी वजह से चेन्नई और मैंगलोर के बीच आने-जाने में लगने वाला समय भी कम हो जाएगा। लगभग ₹17000 करोड़ की लागत से 280.86 किमी लंबे सैटेलाइट टाउन रिंग रोड का निर्माण किया जा रहा है।
यह 4 से 6 लेन चौड़ा होगा, जिस पर करीब 100 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से गाड़ियां चलायी जा सकती हैं। शुरुआत में इसे दिसंबर 2025 तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था, लेकिन अब इसके साल 2027 तक पूरा होने की संभावना है।



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