अगर आप बेंगलुरु में रहते हैं, सड़कों पर होने वाले ट्रैफिक जाम से परेशान हो चुके हैं और चाहते हैं कि दूसरे महानगरों की तरह ही बेंगलुरु में भी उपनगरीय रेल सेवा को बेहतर किया जाए तो आपके लिए एक खुशखबरी है। बेंगलुरु के उपनगरीय रेल फेज 2 परियोजना के तहत इसका 146 किमी लंबा विस्तार होने वाला है, जो प्रस्तावित सर्कुलर रेल नेटवर्क से जुड़ जाएगा।
मीडिया रिपोर्ट में कर्नाटक रेल इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कंपनी (K-RIDE) के हवाले से इस बात की पुष्टि की गयी है। बता दें, K-RIDE पर ही बेंगलुरु उपनगरीय रेल प्रोजेक्ट को पूरा करने की जिम्मेदारी सौंपी गयी है।

Hindustan Times की रिपोर्ट से मिली जानकारी के अनुसार बेंगलुरु उपनगरीय रेल परियोजना का फेज काफी आगे बढ़ चुका है जिसकी लंबाई 148 किमी है। उपनगरीय रेलवे नेटवर्क के पहले चरण में 4 कॉरिडोर बनाए जा रहे हैं। इसके साथ केंद्रीय रेल मंत्रालय ने बेंगलुरु में 287 किमी लंबे सर्कुलर रेल नेटवर्क का भी प्रस्ताव दिया है।
बताया जाता है कि नया रेलवे नेटवर्क बेंगलुरु के प्रमुख हब जैसे निदवांदा, डोड्डाबल्लपुर, डेवनहल्ली, मलूर, हीलालिज, हेज्जल, सोलुर आदि को जोड़ेगा। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार सर्कुलर रेलवे के विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) पर फिलहाल काम चल रहा है।
बेंगलुरु उपनगरीय रेल परियोजना का फेज 1
बेंगलुरु उपनगरीय रेल परियोजना के फेज 1 में जिन 4 कॉरिडोर्स का निर्माण किया है, वह हैं -
- सैम्पीज लाइन (Sampige Line) (41.4 किमी) यह बेंगलुरु सिटी को एयरपोर्ट और देवनहल्ली से जोड़ेगा।
- मैलीज लाइन (Mallige Line) (25 किमी) यह बेन्नीगनहल्ली और चिक्कबनवरा के बीच बनेगा।
- पैरीजाता लाइन (Parijaata Line) (35.5 किमी) यह केंगेरी से व्हाईटफिल्ड के बीच बनाया जा रहा है।
- हीलैलीज से राजानुकुंते लाइन, जो 46.25 किमी लंबी होगी।
बेंगलुरु उपनगरीय रेल परियोजना का फेज 2
वहीं अगर बेंगलुरु उपनगरीय रेल परियोजना के फेज 2 की बात करें तो इसमें 6 कॉरिडोर बनाए जाने का प्रस्ताव दिया गया है, जो निम्न हैं -
- देवनहल्ली से चिक्कबल्लपुर (18 किमी)
- चिक्कबनवारा से कुनीगल (50 किमी)
- चिक्कबनवारा से डोड्डास्पेट (36 किमी)
- केन्गेरी से हज्जला (11 किमी)
- हीलैलीज से अनेकल रोड (11 किमी)
- राजानुकुंते से ओडेराहल्ली (20 किमी)
मीडिया रिपोर्ट में K-RIDE के एक अधिकारी के हवाले से बताया गया है कि बेंगलुरु उपनगरीय रेल नेटवर्क के विस्तार और इसे सर्कुलर रेलवे से जोड़ने की व्यवहार्यता का पता लगाने के लिए अध्ययन करने की अनुमति केंद्रीय रेल मंत्रालय से मांगी गयी है। इससे पहले K-RIDE ने उपनगरीय रेल नेटवर्क का लगभग 452 किमी में विस्तार करने का प्रस्ताव भी दिया गया था।
इस प्रस्ताव में बेंगलुरु को आसपास के शहरों जैसे मैसूर, टुमकुरु, होसुर और कोलार आदि से जोड़ने की बात कही गयी थी। हालांकि साल 2023 में ही इस प्रस्ताव को दक्षिण पश्चिम रेलवे ने खारिज कर दिया था क्योंकि नए सर्वेक्षणों के लिए क्षेत्रीय रेलवे से अनुमति लेने की प्रक्रिया में कई तरह की बाधाएं आ रही थी।



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