इन दिनों चांद के साथ भारत की कुछ अलग ही यारी चल रही है। पहले चांद के दक्षिणी ध्रुव पर भारत का चंद्रयान 3 सफलतापूर्वक लैंड करता है, जो चांद से जुड़े नये-नये रहस्य खोल रहा है। और अब रक्षा बंधन के दिन चांद से जुड़ा एक दुर्भल खगोलिय घटना घटने वाली है।

दरअसल, आज यानी 30 अगस्त 2023 को आसमान में जो चांद उगेगा, वह आम नहीं बल्कि बेहद खास होगा। 30 अगस्त को पूर्णिमा के दिन उगने वाला चांद 'ब्लू सुपरमून' होगा। अगर आपको स्टारगेजिंग करना पसंद है तो इस मौके पर हाथ से ना जाने दें।
क्या होता है सुपरमून
सुपरमून एक शानदार खगोलिय घटना होती है जिसे लोग अपनी नंगी आंखों से भी देख सकते हैं। 30 अगस्त को महीने की दूसरी पूर्णिमा है। इस दिन चंद्रमा आम दिनों के मुकाबले करीब 7 प्रतिशत अधिक बड़ा होगा। इस दिन चांद अपनी कक्षा में पृथ्वी का चक्कर काटते हुए सबसे नजदीकी बिंदु (पेरिगी) पर पहुंचता है। यह पृथ्वी से चंद्रमा की सबसे नजदीकी पूर्णिमा होगी, जब चांद हमसे सिर्फ 226,000 मील की दूरी पर होगा। इस वजह से चांद दूसरे दिनों के मुकाबले थोड़ा ज्यादा चमकीला भी दिखाई देता है।

क्या होता है ब्लू मून
चांद को ब्लू मून उसके रंग की वजह से नहीं कहा जाता है। ब्लू मून की दो प्रचलित परिभाषाएं हैं। पहली परिभाषा जो वर्तमान समय में प्रचलित है, के अनुसार जब एक महीने में दो सुपरमून हो, तो दूसरे सुपरमून के ब्लू सुपरमून कहते हैं। वहीं ब्लू मून को लेकर दूसरी प्रचलित परिभाषा में कहा जाता है कि एक साल में कुल 12 पूर्णिमाएं होती हैं। जब एक अधिक पूर्णिमा होती है तो उसे ब्लू मून कहा जाता है।

क्यों है दुर्लभ खगोलिय घटना
सुपरमून कोई दुर्लभ खगोलिय घटना नहीं है। जानकारी के अनुसार साल में 2 या 3 सुपरमून होते हैं। लेकिन ब्लू मून आम नहीं है। ब्लू सुपरमून करीब 10 से 20 सालों में एक बार दिखाई देता है। नासा का कहना है कि अगला ब्लू सुपरमून 2037 को दिखाई देगा। आज रात को सिर्फ सुपरमून ही नहीं बल्कि चांद के चारों तरफ चक्कर काटता हुआ शनि भी दिखाई देगा। दरअसल, 27 अगस्त को Saturn Opposition था, जब शनि पृथ्वी के काफी नजदीक आया था। इस वजह से 30 अगस्त को शनि भी सूर्यास्त के बाद चांद के ऊपर दाईं ओर एक बिन्दु के रूप में नजर आने वाला है।
कितने बजे दिखेगा ब्लू सुपरमून
30 अगस्त को भारतीय समयानुसार रात को लगभग 9.30 बजे चांद सबसे ज्यादा चमकदार दिखाई देगा। हालांकि नंगी आंखों से देखने पर चांद में ज्यादा फर्क ना नजर आए लेकिन विशेष दूरबीन का इस्तेमाल करने पर चांद आपको आकार में भी बड़ा दिखाई देगा। 31 अगस्त की सुबह 7.30 बजे ब्लू सुपरमून अपने पीक पर पहुंच जाएगा। अगर आपको पूर्णिमा और सुपरमून का नजारा देखना है तो आधी रात के बाद उठकर चांद देखना चाहिए। भारत के अलावा सुपरमून यूरोपिय देशों, न्यूयॉर्क, लॉस एजिल्स में भी सूर्यास्त के बाद दिखाई देगा।



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