बजट सत्र के दौरान केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने पर्यटन के क्षेत्र में बिहार का विकास करने पर काफी जोर दिया है। बजट पेश करते हुए उन्होंने कहा कि हमारी सरकार नालंदा में शैक्षणिक विकास के साथ-साथ इसके ऐतिहासिक महत्व को भी समझती है और इसे एक प्रमुख ऐतिहासिक पर्यटन स्थल के तौर पर विकसित करेगी।
अपने बजट भाषण के दौरान वित्त मंत्री ने कहा कि पर्यटन हमारी सभ्यता का हमेशा से ही हिस्सा रहा है। हम भारत को वैश्विक स्तर पर एक पर्यटन स्थल के तौर पर खड़ा करने की कोशिश कर रहे हैं। इससे रोजगार के नये अवसर भी बनेंगे और विभिन्न सेक्टर में रोजगार के अवसर पैदा होंगे।

एक महीना पहले ही पीएम मोदी ने किया यूनिवर्सिटी का उद्घाटन
किसी जमाने में बिहार के नालंदा विश्वविद्यालय में पढ़ाई करने के लिए सिर्फ देश ही नहीं बल्कि विदेशों से भी छात्र आया करते थे। नालंदा विश्वविद्यालय उस समय पूरी दुनिया में ज्ञान का प्रमुख केंद्र बनकर उभरा था। 5वीं शताब्दी में स्थापित नालंदा विश्वविद्यालय की ख्याति 12वीं सदी तक विद्वानों का केंद्रबिंदु था। नालंदा वह विश्वविद्यालय था, जिसके बारे में कहा जाता है कि इसके द्वारपाल भी विद्वान ही हुआ करते थे।
लेकिन बख्तियार खिलजी ने इस विश्वविद्यालय को जलाकर राख कर दिया। पिछले महीने ही पीएम मोदी ने आधुनिक शिक्षा के केंद्र के तौर नालंदा विश्वविद्यालय का उद्घाटन कर इसे फिर से जिंदा कर दिया। केंद्रीय आम बजट में नालंदा विश्वविद्यालय को उसकी खोयी हुई गरिमा वापस दिलाने के बारे में सोच-विचार किया गया है।

अब नालंदा में होगा पर्यटन का भी विकास
नालंदा विश्वविद्यालय के विकास और विस्तार की योजनाओं के साथ-साथ बजट 2024-25 में वित्त मंत्री ने नालंदा को बतौर पर्यटन स्थल विकसित करने की घोषणा भी की है। नालंदा का न सिर्फ ऐतिहासिक बल्कि सांस्कृतिक महत्व भी है। यहां पुरानी नालंदा विश्वविद्यालय के भग्नावशेष हैं, जिसे देखकर पर्यटक उस समय संरचनाओं के निर्माण से लेकर नालंदा विश्वविद्यालय की गरिमा, विस्तार और विशालता का अंदाजा भी लगा सकेंगे।

पर्यटन का विस्तार शिक्षा को भी देगा बढ़ावा
अगर नालंदा में पर्यटन का विकास किया जाता है तो निश्चित रूप से नालंदा विश्वविद्यालय के प्रति दुनियाभर से छात्र व विद्वान आकर्षित होंगे। ठीक उसी तरह अगर नालंदा विश्वविद्यालय को शिक्षा के महत्वपूर्ण और आधुनिक केंद्र के तौर पर विकसित किया जाता है, तो यह दुनिया भर से लोगों को पर्यटन के लिए भी आकर्षित करेगा। क्योंकि नालंदा के ऐतिहासिकता और बिहार की सांस्कृतिक धरोहरों के प्रति आकर्षित होकर अक्सर देश और विदेश से लोग यहां घूमने आते रहते हैं।

बता दें, पिछले महीने जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नालंदा विश्वविद्यालय का उद्घाटन किया था, तब उन्होंने अपने संबोधन में कहा था कि नालंदा इस बात का जीता-जागता उदाहरण है कि किताबों को जलाया जा सकता है लेकिन ज्ञान को आग नष्ट नहीं कर सकती है। नालंदा की अपनी अलग पहचान है, इसका सम्मान है, रुतबा और गौरव है।



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