चक्रवाती निम्न दबाव का क्षेत्र अंडमान सागर से बंगाल की खाड़ी की तरफ बढ़ रहा है, जो 23 अक्तूबर तक चक्रवाती तूफान में परिवर्तित हो सकता है। अगर ऐसा होता है तो इस चक्रवाती तूफान का नाम होगा 'दाना', जो कतर ने रखा है। मौसम विभाग से मिली जानकारी के अनुसार यह एक गंभीर चक्रवाती तूफान हो सकता है जो उत्तरी ओडिशा और पश्चिम बंगाल के तटवर्तीय इलाकों के बीच से होकर स्थल भाग में प्रवेश कर रहा है।
मीडिया रिपोर्ट्स से मिली जानकारी के अनुसार सोमवार (21 अक्टूबर) को सुबह 11.30 बजे से पूर्व-मध्य बंगाल की खाड़ी और उससे सटे उत्तरी अंडमान सागर से यह निम्न दबाव का क्षेत्र अभी धीरे-धीरे बंगाल की खाड़ी की ओर बढ़ता जा रहा है।

संभावना जतायी जा रही है कि यह चक्रवाती तूफान पश्चिम-उत्तरपश्चिम की ओर बढ़ता हुआ मंगलवार की सुबह तक और गंभीर होता जाएगा। बुधवार की सुबह तक यह चक्रवाती तूफान पूर्व-मध्य बंगाल की खाड़ी में पहुंच चुका हो, जहां से यह उत्तरपश्चिम की ओर बढ़कर उत्तरपश्चिम बंगाल की खाड़ी में पहुंच सकता है। यहां से यह चक्रवाती तूफान गुरुवार की सुबह ओडिशा-पश्चिम बंगाल के बीच के तटवर्तीय क्षेत्रों से होकर स्थल भाग में प्रवेश कर सकता है।
मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो इसके बाद यह चक्रवाती तूफान लगातार उत्तरपश्चिम दिशा की ओर बढ़ता जाएगा और ओडिशा में पुरी और पश्चिम बंगाल में सागर द्वीप के बीच में से किसी भी तटवर्तीय स्थान से होकर चक्रवाती तूफान दाना 24 अक्तूबर की देर रात से 25 अक्तूबर की सुबह के बीच स्थल भाग पर लैंडफॉल कर सकता है। मौसम विभाग के हवाले से मिली जानकारी के अनुसार जिस समय यह चक्रवाती तूफान स्थल भाग में प्रवेश करेगा, तब हवा की गति 100-110 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार तक हो सकती है जो 120 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार पर भी पहुंच सकता है।

मौसम विभाग से मिली जानकारी के अनुसार वर्तमान में बंगाल की खाड़ी के जलस्तर का तापमान 29-32 डिग्री सेल्सियस है, जो सामान्य से ज्यादा है। बताया जाता है कि इस समय बंगाल की खाड़ी का तापमान किसी भी चक्रवाती तूफान के बनने के लिए पूरी तरह से अनुकूल है। मौसम विभाग के अधिकारियों का कहना है कि इस चक्रवाती तूफान का सर्वाधिक असर ओडिशा और पश्चिम बंगाल की तटवर्तीय क्षेत्रों पर पड़ेगा।
23 अक्तूबर की शाम से ओडिशा के तटवर्तीय इलाकों में बारिश शुरू हो जाएगी जो 24 और 25 अक्तूबर तक भारी से अतिभारी बारिश होने की संभावना है। 24 अक्तूबर को हवा की रफ्तार 100-120 किमी प्रतिघंटा तक पहुंचने की संभावना है, जो इसे अति गंभीर चक्रवाती तूफान बनाएगी।
हालांकि लैंडफॉल के सटिक स्थान को लेकर मौसम विभाग ने अभी तक कुछ भी पूर्वानुमान नहीं लगाया है। फिलहाल संभावना ज्यादा जतायी जा रही है कि चक्रवाती तूफान की वजह से सबसे ज्यादा प्रभावित ओडिशा का तटवर्तीय शहर पुरी हो सकता है।



Click it and Unblock the Notifications














