अंडमान सागर में सिर उठा रहा है चक्रवाती तूफान 'दाना'। मौसम विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि चक्रवाती तूफान 'दाना' के प्रभाव से पश्चिम बंगाल के दक्षिणी हिस्से के साथ-साथ दक्षिण भारत में भी होगी मूसलाधार बारिश। हालांकि संभावना जतायी गयी है कि चक्रवाती तूफान 'दाना' के कारण सबसे ज्यादा नुकसान बांग्लादेश और म्यांमार को हो सकता है।
वर्तमान में चेन्नई से बेंगलुरु और पोंडिचेरी से लेकर तिरुवनंतपुरम तक भारी बारिश हो रही है। अगले 2-3 दिनों में तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और ओडिशा के तटवर्तीय क्षेत्रों में भारी बारिश होने की संभावना है।

क्या काली पूजा/दीवाली से ठीक पहले एक बार फिर से कोलकाता समेत दक्षिण बंगाल के मौसम पर चक्रवाती तूफान 'दाना' अपना प्रभाव डालने वाला है? संभावना कुछ ऐसा ही है। मीडिया रिपोर्ट्स से मिली जानकारी के अनुसार मौसम विभाग ने अभी तक जो अनुमान लगाया है, उसके अनुसार 24 से 26 अक्तूबर के बीच चक्रवाती तूफान 'दाना' का लैंडफॉल हो सकता है।
बताया जाता है कि अंडमान सागर में बनने वाला चक्रवाती तूफान अति गंभीर निम्न दबाव के क्षेत्र में परिवर्तित होकर बंगाल की खाड़ी की तरफ बढ़ रहा है। सोमवार को यह निम्न दबाव धीरे-धीरे चक्रवाती तूफान में बदलेगा। अगर ऐसा होता है तो इसका नाम 'दाना' होगा, जो नाम कतर ने किया है।

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार यह चक्रवाती तूफान पश्चिम बंगाल या ओडिशा के तटवर्तिय क्षेत्रों में लैंडफॉल कर सकता है। लेकिन यह चक्रवाती तूफान कहीं भी लैंडफॉल करें, इसका असर पश्चिम बंगाल पर जरूर पड़ेगा। ऐसी स्थिति में दिवाली-काली पूजा से ठीक पहले राज्य के लोगों समेत पूजा कमेटियों की मुश्किलें बढ़ने के आसार जताए जा रहे हैं।
हालांकि मौसम विभाग का अनुमान है कि अगर चक्रवाती तूफान ने ओडिशा होकर भूखंड में प्रवेश किया तो इसकी वजह से पश्चिम बंगाल के तटवर्तीय जिलों में सिर्फ बारिश हो सकती है। लेकिन किसी भी अन्य स्थान से यानी पश्चिम बंगाल के तटीय इलाकों से होकर अगर इसने भूखंड में प्रवेश किया तो दक्षिण बंगाल में भारी से अतिभारी बारिश होने की संभावना है।
चक्रवर्ती तूफान के कारण झारखंड के एक हिस्से में भी भारी बारिश होने की आशंका जतायी गयी है।



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