महाशिवरात्रि के दिन उज्जैन में महाकाल के दर्शन के लिए जाने वाले भक्तों के लिए खुशखबरी। उज्जैन में महाकाल के दर्शन करने आने वाले भक्तों के लिए मुफ्त बस चलाने का फैसला लिया गया है। महाशिवरात्रि पर महाकाल के दर्शन करने आने वाले भक्तों को कर्कराज मंदिर तक लाने के लिए ये निःशुल्क बसें चलायी जाएंगी।
इसके साथ-साथ विभिन्न पार्किंग स्थलों से भी बसों का संचालन किया जाएगा। उक्त जानकारी मंदिर प्रशासक संदीप कुमार सोनी ने आईजी संतोष कुमार सिंह व जिलाधिकारी नीरज कुमार सिंह को दी।

उन्होंने बताया कि महाशिवरात्रि पर उज्जैन के महाकाल मंदिर में आने वाले भक्तों को चारधाम मंदिर, शक्तिपथ, महाकाल महालोक से होते हुए मंदिर में प्रवेश करवाया जाएगा। भक्तों की गाड़ियों की पार्किंग की व्यवस्था कर्कराज मंदिर, मन्नत गार्डन और इंजीनियरिंग कॉलेज परिसर में होगी। नगर पालिका कर्कराज मंदिर तक आगमन के लिए निःशुल्क बसों को संचालित करेगी।
वहीं शिवरात्रि को लेकर की जाने वाली व्यवस्थाओं का जायजा लेने पहुंचे आईजी ने महिलाओं, वरिष्ठ नागरिकों और बच्चों की सुविधा के लिए बैरिकेडिंग के बीच कुछ क्षेत्र खुला छोड़ने का निर्देश दिया। इसके साथ ही जूता स्टैंड कहां-कहां बनाया जाएगा, इसे भी पहले से ही सुनिश्चित कर लेने के लिए कहा।
6 मार्च यानी आज रात तक पैदल मार्ग पर बैरिकेडिंग को पूरा करने और भक्तों की सुविधा के लिए विभिन्न स्थानों पर अस्थायी शौचालय, पेयजल और कड़ी धूप से बचने के लिए शेड बनाने का निर्देश जिलाधिकारी ने दिया। उन्होंने मंदिर प्रशासन को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा कि श्रद्धालुओं को कम से कम समय में महाकाल के दर्शन हो सकें। इससे न तो मंदिर में भीड़ अधिक बढ़ेगी व अनियंत्रित होगी और न ही महाशिवरात्रि के दिन महाकाल के दर्शन करने आने वाले श्रद्धालुओं को कोई तकलीफ होगी।
बता दें, 8 मार्च को महाशिवरात्रि के दिन महाकाल की नगरी उज्जैन में शिवभक्तों का तांता लगा रहता है। इस दिन लगातार 44 घंटों तक महाकाल के दर्शन होंगे। महाशिवरात्रि के दिन सुबह 3 बजे भस्म आरती के लिए मंदिर के कपाट खुलेंगी। इसके बाद से ही भक्त महाकाल के दर्शन कर सकेंगे। 9 मार्च की सुबह महाभोग महाआरती के बाद सेहरा दर्शन शुरू होगा। इसके बाद दोपहर 12 बजे होगी भस्म आरती।
इस समय श्रद्धालुओं का मंदिर में प्रवेश प्रतिबंधित होगा। साल में ऐसा सिर्फ एक ही बार होता है जब दोपहर के समय भस्म आरती होगी। मिली जानकारी के अनुसार इस वर्ष महाकाल को 3 क्विंटल फूलों का सेहरा चढ़ाया जाएगा, जो 11 फीट लंबा होगा। इसके अलावा स्वर्णाभूषण, सोने के चंद्रमा, स्वर्ण तिलक व स्वर्ण त्रिपुंड लगाकर उन्हें दुल्हा बनाया जाएगा।



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