जिन लोगों को म्यूजिक पर थिरकना, पार्टी करना, नाचना-गाना पसंद होता है, उन लोगों के बीच गोवा का सनबर्न फेस्टिवल काफी लोकप्रिय रहा है। खासतौर पर गोवा के सनबर्न फेस्टिवल का क्रेज युवाओं में काफी ज्यादा देखा जाता है। इस साल दक्षिण गोवा में 28 से 30 दिसंबर तक सनबर्न फेस्टिवल का आयोजन किया जाना निर्धारित हुआ है। लेकिन इसे लगातार विरोध का सामना करना पड़ रहा है।
खासतौर पर सामाजिक कार्यकर्ता और स्थानीय लोग गोवा में सनबर्न फेस्टिवल का आयोजन करने का विरोध कर रहे हैं। हालांकि रेस्तरां व होटल के मालिक इस फेस्टिवल का तहे दिल से स्वागत कर रहे हैं क्योंकि इससे उन्हें आर्थिक फायदा मिलने वाला है।

ऐसे में यह सवाल जरूर उठता है कि स्थानीय लोग क्यों सनबर्न फेस्टिवल का लगातार विरोध कर रहे हैं?
क्या है सनबर्न फेस्टिवल का इतिहास?
विरोध का कारण समझने से पहले आपको बता दें गोवा में सनबर्न फेस्टिवल का क्या इतिहास रहा है। यह एक इलेक्ट्रॉनिक डांस म्यूजिक फेस्टिवल है जिसकी शुरुआत एक एंटरप्रेन्योर शैलेंद्र सिंह ने की थी। 28-29 दिसंबर 2007 को पहला सनबर्न फेस्टिवल गोवा के कैंडोलिम बीच पर आयोजित किया गया था। फेस्टिवल में कई स्टेज बनाए जाते हैं, जिसमें कई कलाकार विभिन्न इलेक्ट्रॉनिक वाद्ययंत्रों पर गाना बजाते और गाते हैं।
साल 2007 से 2015 तक इस फेस्टिवल का आयोजन वागाटोर में किया जाता था। इसके बाद साल 2016 में सनबर्न फेस्टिवल गोवा में आयोजित न होकर पुणे स्थानांतरित हो गया। साल 2019 में यह फेस्टिवल फिर से वागाटोर में आयोजित होने लगा।
साल 2009 में इसे दुनिया के शीर्ष 10 म्यूजिक फेस्टिवल्स में और 2014 में इसे अंतर्राष्ट्रीय स्तर का म्यूजिक फेस्टिवल करार दिया गया था।
क्यों स्थानीय लोग विरोध कर रहे हैं?
पिछले साल यह फेस्टिवल नॉर्थ गोवा में आयोजित हुआ था। लेकिन इस साल यह फेस्टिवल दक्षिण गोवा में आयोजित होना निश्चित किया गया है। सनबर्न फेस्टिवल की मेजबानी के खिलाफ अगोंडा, चिकालिम, वास्को और वर्का ग्राम पंचायत के लोगों ने अपना मत दिया है।
उनका कहना है कि अगर दक्षिण गोवा में इस फेस्टिवल को आयोजित किया गया तो वहां ध्वनि प्रदूषण, आम दिनचर्या में व्यवधान और पर्यावरण को बड़ी मात्रा में नुकसान पहुंचेगा। मिली जानकारी के अनुसार इस महीने की शुरुआत में, स्थानीय निवासियों ने इस फेस्टिवल के खिलाफ कड़ा विरोध प्रदर्शन किया था।

स्थानीय लोगों ने अपराध तथा नशीली दवाओं से संबंधित गतिविधियों में वृद्धि को लेकर भी अपनी गहरी चिंता व्यक्त की है, जैसा कि नॉर्थ गोवा में आयोजित होते समय होता था।
स्थानीय लोगों का तर्क है कि 3 दिन के फेस्टिवल में बड़ी संख्या में नशीले पदार्थों के तस्कर भी सक्रिय हो जाएंगे और उसके खरीदार भी फेस्टिवल में पहुंचेंगे। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि इस फेस्टिवल की वजह से गोवा में भारी जाम लगता है, जिससे स्थानीय लोगों को काफी असुविधा होती है।
मीडिया से बात करते हुए दक्षिण गोवा के एक निवासी ने सनबर्न के दोबारा आयोजन को लेकर अपनी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि हम पहले ही देख चुके हैं कि इस फेस्टिवल ने नॉर्थ गोवा को कितना नुकसान पहुंचाया है। और अब वे दक्षिण गोवा में भी यही करना चाहते हैं।
हम नहीं चाहते कि इस उत्सव के कारण हमारी युवा पीढ़ी नशे की लत में पड़ जाए। मैं इस फेस्टिवल का विरोध इसलिए कर रहा हूं क्योंकि इसमें किसी भी स्थानीय प्रतिभा या कलाकार को अपनी कला प्रदर्शित करने का मौका शायद ही मिलता है। जब स्थानीय प्रतिभा ही इसमें हिस्सा नहीं ले सकती, तो हमें इसकी क्या जरूरत है?



Click it and Unblock the Notifications













