होली और धुलेटी उत्सव के मौके पर गुजरात राज्य सड़क परिवहन कॉर्पोरेशन (GSRTC) लगभग 1200 अतिरिक्त बसों का संचालन करने वाली है। मीडिया रिपोर्ट से मिली जानकारी के अनुसार राज्य भर में 10 से 16 मार्च के बीच ये अतिरिक्त बसें लगभग 7100 अतिरिक्त ट्रिप लगाने वाली हैं। इनमें से लगभग 400 बसों को अहमदाबाद से डकोर या गुजरात की दूसरी जगहों से डकोर के बीच चलाने का फैसला लिया गया है।
बता दें, गुजरात के खेड़ा जिले में मौजूद डकोर एक छोटा सा शहर है, जहां बना रणछोड़ जी का मंदिर विश्वप्रसिद्ध है। यह मंदिर श्रीकृष्ण को समर्पित है। उत्तर प्रदेश में जिस तरह नंदगांव, बरसाना या मथुरा में होली की धूम मचती है, गुजरात में ठीक उसी तरह से रणछोड़ जी मंदिर और द्वारकाधीश मंदिर में भी जमकर होली का उत्सव मनाया जाता है।

इस बाबत Desh Gujarat की मीडिया रिपोर्ट से मिली जानकारी के अनुसार GSRTC की नदियाड डिविजन ने यात्रियों की भीड़ को नियंत्रित करने के लिए 500 अतिरिक्त बसों का संचालन खासतौर पर होली और धुलेटी उत्सव के समय करने की घोषणा की है। इन अतिरिक्त बसों का संचालन 10 से 14 मार्च के बीच किया जाएगा, जिसमें से अधिकांश बसें अहमदाबाद से डकोर के रूट पर चलाने का फैसला लिया गया है।
बताया जाता है कि नदियाड स्टेट ट्रांसपोर्ट डिविजन 10 से 14 मार्च तक 5 दिनों तक बसों की 500 अतिरिक्त ट्रिप का संचालन करेगी। साथ ही बताया जाता है कि अगर जरूरत हुई तो अतिरिक्त भीड़ होने के बावजूद नित्य यात्रियों की सुविधाओं को सुनिश्चित करने के लिए करीब 500 अतिरिक्त बसों को चलाया जा सकता है।
बता दें, नदियाड राज्य परिवहन डिविजन की कुल 11 डिपो हैं, जिससे 751 बसों का संचालन किया जाता है। अगर जरूरत हुई तो नित्य बसों से भी अतिरिक्त ट्रिप करवायी जाएंगी। मीडिया रिपोर्ट में बताया जाता है कि हर साल होली और धलेटी उत्सव के दौरान अहमदाबाद, वडोदरा, पंचमहल और दूसरी जगहों से बड़ी संख्या में लोग पैदल या फिर बसों अथवा गाड़ियों से डकोर तक का सफर तय करते हैं। इस साल संभावना जतायी जा रही है कि लगभग 7 लाख श्रद्धालु होली व धुलेटी उत्सव के मौके पर डकोर पहुंचेंगे।
क्या होगा रणछोड़ जी मंदिर में दर्शन का शेड्यूल?
13 मार्च को रणछोड़ जी मंदिर में सुबह 5 बजे मंगलारती होगी, जबकि 14 मार्च को अहले सुबह 4 बजे आरती की जाएगी।
होलिका दहन के दिन मंदिर की Timing (13 मार्च)
- मंदिर के कपाट खुलेंगे - सुबह 4.45 बजे
- मंगल आरती - सुबह 5 बजे
- दर्शन - सुबह 5 से 7 बजे तक
- भोग - सुबह 7.30 से 8 बजे तक (दर्शन बंद)
- श्रृंगार आरती - सुबह 8 बजे (दर्शन शुरू)
- राजभोग - दोपहर 1.30 से 2 बजे तक (दर्शन बंद)
- राजभोग आरती - दोपहर 2 बजे (दर्शन शुरू)
- भगवान के आराम का समय - शाम 5.30 से 6 बजे तक (दर्शन बंद)
- उत्थापन आरती - शाम 6 बजे (दर्शन शुरू)
- भगवान को आराम - रात 8 से 8.15 बजे तक (दर्शन बंद)
- शयन आरती - रात 8.15 बजे (दर्शन शुरू)
इसके बाद शखदी भोग भगवान को अर्पित की जाएगी, जिसके बाद भगवान शयन के लिए जाएंगे। इस समय दर्शन बंद रहेगा।
फागनी पूनम (14 मार्च)
- मंदिर खुलेगा - सुबह 3.45 बजे
- मंगल आरती - सुबह 4 बजे
- दर्शन शुरू - सुबह 4 से 8.30 बजे तक
- भोग अर्पित - 8.30 से 9 बजे तक (दर्शन बंद)
- श्रृंगार आरती - 9 बजे
- बाल गोपाल महाराज के साथ फुलों की होली - सुबह 9 से दोपहर 1 बजे तक (दर्शन जारी)
- राजभोग के लिए मंदिर बंद - 2 से 3 बजे तक
- राजभोग आरती - दोपहर 3.30 बजे (दर्शन शुरू)
- शाम को 4.30 से 5.15 बजे तक भगवान को आराम (दर्शन बंद)
- उत्थापन आरती - शाम 5.15 बजे (दर्शन शुरू)
इसके बाद नित्य क्रमानुसार सभी क्रियाकलाप, आरती, भोग व भगवान को शयन दिया जाएगा।



Click it and Unblock the Notifications















