हमारे देश में मेट्रो का इतिहास जब भी लिखा जाएगा, उसमें कोलकाता मेट्रो का उल्लेख बड़े ही अदब और कायदे के साथ किया जाएगा। ऐसा हो भी क्यों न, कोलकाता मेट्रो देशभर में सबसे ज्यादा सीनियर जो है। देश में पहली बार कोलकाता में मेट्रो रेल की शुरुआत हुई थी। सिर्फ इतना ही नहीं, देश का पहला अंडरवाटर मेट्रो भी कोलकाता और हावड़ा के बीच ही तो चलती है। लेकिन...
कोलकाता मेट्रो रेल प्रबंधन ने ग्रीन लाइन मेट्रो के दोनों फेज (हावड़ा मैदान से एक्सप्लेनेड और सियालदह से सॉल्टलेक सेक्टर 5) को बंद करने का फैसला लिया है। वो भी 2-3 दिन नहीं बल्कि पूरे 45 दिनों तक, यानी डेढ़ महीना।

हावड़ावासी हो या उपनगरीय शहरों से लोकल ट्रेन के माध्यम से हावड़ा आने वाले दैनिक यात्री, सबके लिए ही कोलकाता मेट्रो की ग्रीन लाइन कॉरिडोर (हावड़ा मैदान से एस्प्लेनेड) काफी महत्वपूर्ण मानी जाती है। न तो ऑटो की लंबी लाइन में खड़े होने की झंझट और न ही ऑफिस के समय भीड़ बस में लटकते हुए जान जोखिम में डालकर कोलकाता तक पहुंचने की आफत।
पिछले दिनों कोलकाता मेट्रो की तरफ से विज्ञप्ति जारी कर बताया गया था कि जनवरी में दो दिन (12 और 19 जनवरी) को इंटरलॉकिंग के सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर का काम होने की वजह से ग्रीन लाइन मेट्रो का हावड़ा मैदान से एस्प्लेनेड कॉरिडोर को बंद रखा जाएगा। चुकीं रविवार का दिन होने की वजह से इस दिन मेट्रो में भीड़ काफी कम होती है, इसलिए आम यात्रियों को अधिक परेशानी नहीं होने का अनुमान ही लगाया गया है। और हर रविवार को सियालदह से सॉल्टलेक सेक्टर 5 मेट्रो कॉरिडोर को बंद ही रखा जाता है।
लेकिन अब मेट्रो प्रबंधन ने हावड़ा मैदान से सॉल्टलेक सेक्टर 5 तक (ग्रीन लाइन कॉरिडोर के दोनों फेज) को लगभग डेढ़ महीने तक बंद करने के बारे में सोचा है। पर ऐसा क्यों? कब से बंद होगी हावड़ा लाइन मेट्रो?
क्यों हो सकता है बंद?
कई तरह की बाधाओं को पार आखिरकार कोलकाता के बऊबाजार में मेट्रो का सुरंग बनाने का काम पूरा कर लिया गया है। अब इसे हावड़ा से वाया एस्प्लेनेड सियालदह तक जोड़ने का काम बाकी है। इस लाइन के जुड़ जाने से सॉल्टलेक के विभिन्न ऑफिसों में काम करने वाले लोगों को सबसे ज्यादा सुविधा होगी। हावड़ा मैदान-एस्प्लेनेड मेट्रो कॉरिडोर को सियालदह से जोड़ने का काम करने के लिए ही इस मेट्रो कॉरिडोर को बंद करने के बारे में सोचा गया है।
उपनगरीय इलाकों से आने वाले लोगों को हावड़ा स्टेशन पर ट्रेन से उतरने के बाद बस के धक्के नहीं खाने पड़ेंगे। वे सीधा मेट्रो पकड़कर हावड़ा से सॉल्टलेक पहुंच सकेंगे। बताया जाता है कि कोलकाता का सबसे अधिक व्यस्त स्टेशन और इलाका है हावड़ा व सियालदह। इन दोनों स्टेशनों से होकर हर दिन लाखों की संख्या में लोग यात्रा करते हैं।
मीडिया रिपोर्ट में किये गये दावे के अनुसार दोनों स्टेशनों के बीच प्रतिघंटा लगभग 70 से 72 एसी बसों का संचालन भी किया जाता है। ऐसे में अगर दोनों स्टेशन मेट्रो के माध्यम से जुड़ जाएंगे तो इससे यात्रियों को फायदा होगा ही, साथ में इन इलाकों में ट्रैफिक जाम जैसी परेशानियां भी कम होंगी।

कब से हो सकता है बंद?
मीडिया रिपोर्ट से मिली जानकारी के अनुसार हावड़ा मैदान से एस्प्लेनेड और सियालदह होकर सॉल्टलेक सेक्टर 5 तक ग्रीन लाइन मेट्रो (ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर) को जोड़ने के लिए ही डेढ़ महीने यानी लगभग 45 दिनों तक मेट्रो सेवा को इस लाइन पर बंद रखने का फैसला लिया गया है। बताया जाता है कि मेट्रो रेल प्रबंधन ने 8 फरवरी से 24 मार्च तक इस लाइन पर मेट्रो सेवा को पूरी तरह से बंद रखने की बात कही है।
बताया जाता है कि ग्रीन लाइन मेट्रो के दोनों फेज को बंद रखने की वजह से लगभग 1 लाख यात्रियों को परेशानी हो सकती है। हालांकि डेढ़ महीना तक मेट्रो को लगातार बंद रखा जाएगा, इस बारे में अभी तक आधिकारिक तौर पर मेट्रो प्रबंधन की तरफ से कोई जानकारी नहीं दी गयी है।
बता दें, कि ग्रीन लाइन मेट्रो कॉरिडोर में वर्ष 2019 में बऊबाजार इलाके में जब मेट्रो का भूमिगत सुरंग का निर्माण किया जा रहा था, उस समय इलाके की मिट्टी धंसने की वजह से कई घरों में दरारें आ गयी थी। इसके बाद वर्ष 2022 के मई में और अक्तूबर में फिर से मिट्टी धंस गयी। इस वजह से अब तक 70 से अधिक घरों को नुकसान पहुंच चुका है।
इसके अलावा सुरंग बनाते समय मिट्टी में टनेल बोरिंग मशीन (TBM) के फंस जाने (जिसे निकाला नहीं जा सका था) और सुरंग में बार-बार पानी भर जाने (जिसे बड़ी ही मशक्कत के बाद रोका जा सका था) जैसी परेशानियां भी सामने आयी थी। आखिरकार सभी समस्याओं का समाधान करते हुए ग्रीन लाइन कॉरिडोर पर एस्प्लेनेड से सियालदह के बीच, वाया बऊबाजार मेट्रो रेल कॉरिडोर को बनाने का काम पूरा हो चुका है, जिसकी बिखड़ी हुई सभी कड़ियों को अब जोड़ने का काम चल रहा है।



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