हावड़ा स्टेशन पर होने वाला है बड़ा बदलाव! इस बदलाव को न सिर्फ केंद्रीय रेल मंत्रालय से मंजूरी मिल चुकी है बल्कि पूर्व रेलवे ने इस बाबत अपना पहला कदम भी उठा लिया है। हावड़ा स्टेशन पर होने वाले इस बदलाव का असर निश्चित रूप से यात्रियों पर भी पड़ेगा। लेकिन सोचने वाली बात यह है कि क्या हावड़ा स्टेशन पर जिन बड़े बदलावों की ओर पूर्व रेलवे अपने कदम बढ़ा रही है, उनका प्रभाव यात्रियों पर बुरा पड़ेगा या इन बदलावों की वजह से यात्रियों को पहले से कहीं ज्यादा सुविधा होने वाली है!
बात अगर भारतीय रेलवे की करें, तो ऐसा बहुत ही कम मौकों पर हुआ है, जब यात्रियों की सुविधा के बारे में रेलवे ने न सोचा हो। उसी तरह से इस बार भी हावड़ा स्टेशन पर होने वाले बदलावों के बारे में कहा जा रहा है कि इनकी वजह से यात्रियों को निश्चित रूप से सुविधा ही होगी।

होने वाले हैं कौन से बड़े बदलाव?
मीडिया रिपोर्ट से मिली जानकारी के अनुसार भारतीय रेलवे की पूर्व रेलवे जल्द ही हावड़ा स्टेशन परिसर में बड़ा बदलाव लाने वाली है। इसकी शुरुआत हावड़ा स्टेशन के 7 प्लेटफार्म को चौड़ा बनाने के साथ होगी। पूर्व रेलवे के जनरल मैनेजर मिलिंद के. देवस्कर ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि हावड़ा स्टेशन के पुनर्विकास परियोजना के पहले चरण के तहत जिन प्लेटफार्म को विस्तृत किया जाएगा उनमें शामिल हैं -
- प्लेटफार्म नंबर 1
- प्लेटफार्म नंबर 8
- प्लेटफार्म नंबर 10
- प्लेटफार्म नंबर 11
- प्लेटफार्म नंबर 12
- प्लेटफार्म नंबर 13
- प्लेटफार्म नंबर 14
इसके साथ ही हावड़ा स्टेशन से महज 200 मीटर की दूरी पर मौजूद 100 साल पुराने चांदमारी ब्रिज (बंगाली बाबु ब्रिज) को तोड़कर ₹174 करोड़ की लागत से केबल स्टे ब्रिज बनाया जा रहा है। इस ब्रिज के बन जाने से हावड़ा स्टेशन के आउटर सिग्नल के पास रेलवे ट्रैक की संख्या को बढ़ाया जा सकेगा जिसका सबसे बड़ा फायदा दूरगामी ट्रेनों को मिलेगी।
क्योंकि कई बार सुबह या शाम के समय अगर कोई दूरगामी ट्रेन लेट से हावड़ा पहुंचे और ऑफिस टाइम शुरू हो जाए तो उन एक्सप्रेस या मेल ट्रेनों को आउटर सिग्नल पर रोककर लोकल ट्रेनों को पहले पास करवाया जाता है। इस वजह से लंबा सफर तय कर आने वाली ट्रेनें सामने मंजिल (हावड़ा स्टेशन) दिखाई देने के बावजूद 3-4 घंटे और लेट हो जाती है।

क्या-क्या बनेगा नया?
हावड़ा स्टेशन के पुनर्विकास के दौरान क्या-क्या नई चीजें बनायी जाएंगी? इस बारे में बताते हुए मिलिंद के. देवस्कर ने बताया कि हावड़ा स्टेशन पर एक नई इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग बिल्डिंग बनायी जाएगी। इसके लिए जगह भी निर्धारित कर ली गयी है और जल्द ही इसे बनाने का काम भी शुरू कर दिया जाएगा।
हावड़ा स्टेशन पर किये जा रहे सभी पुनर्विकास कार्य केंद्र सरकार की अमृत भारत परियोजना के तहत की जाएंगी, जिसमें देशभर के 1275 स्टेशनों का विस्तार और विकास किया जा रहा है। हावड़ा स्टेशन पर आगमन और प्रस्थान के लिए अलग-अलग एरिया, एयरपोर्ट जैसी सुविधाओं के लाउंज, रुफटॉप प्लाजा और अन्य सुविधाएं यात्रियों के लिए तैयार किये जा रहे हैं।
बता दें, हावड़ा स्टेशन देश का सबसे बड़ा स्टेशन है, जिसके नए और पुराने कॉम्प्लेक्स को मिलाकर कुल 23 प्लेटफार्म हैं। इनसे होकर प्रतिदिन औसतन 10 लाख लोग आवाजाही करते हैं। हावड़ा स्टेशन पर यात्रियों की सुविधा के लिए आने और जाने का अलग-अलग वॉकलेटर, एलीवेटर, एस्केलेटर की सुविधाओं के साथ-साथ निजी गाड़ियों, टैक्सी या कैब आदि से यात्रियों को पिक या ड्रॉप करने के लिए अलग-अलग जगह बनाने का भी प्रस्ताव दिया गया है।



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