हैदराबादवासियों के लिए बड़ी खबर। केंद्र सरकार ने हैदराबाद से अमरावती के बीच ग्रीनफिल्ड एक्सप्रेसवे (Hyderabad-Amravati Greenfield Expressway) को मंजूरी दे दी है। मीडिया रिपोर्ट में दावा किया गया है कि इस ग्रीनफिल्ड एक्सप्रेसवे के बन जाने से इन दोनों शहरों के बीच की दूरी काफी हद तक कम हो जाएगी।
बताया जाता है कि इससे पहले केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन ने 3 फरवरी को उच्चाधिकारियों के साथ इस परियोजना को लेकर बैठक की थी। इस बैठक में केंद्र सड़क व परिवहन, स्टील, कृषि, पेट्रोलियम और रेलवे समेत कुल 15 विभागों के अधिकारियों ने हिस्सा लिया था।

दैनिक जागरण की मीडिया रिपोर्ट से मिली जानकारी के अनुसार इस बैठक का उद्देश्य सभी विभाग से NOD लेना था। बताया जाता है कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सड़क, परिवहन और हाईवे मंत्रालय से इस हैदराबाद-अमरावती ग्रीनफिल्ड एक्सप्रेसवे का विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार करने का निर्देश दिया है।
इसके साथ ही गृह मंत्री ने अधिकारियों से तेलंगाना के उत्तरी हिस्से में एक क्षेत्रीय रिंग रोड (RRR) के लिए रोडमैप तैयार करने का आदेश भी दिया है। बताया जाता है कि केंद्र सरकार ने अमरावती-हैदराबाद ग्रीनफिल्ड एक्सप्रेसवे की पूरी लागत खुद देने का आश्वासन भी दिया है।
बताया जाता है कि अमरावती-हैदराबाद ग्रीनफिल्ड एक्सप्रेसवे के निर्माण की कुल लागत करीब ₹25,000 करोड़ होने वाली है, जिसे केंद्र सरकार ही मुहैया करवाएगी। बताया जाता है कि यह एक्सप्रेसवे 6 लेन चौड़ा होने वाला है, जो वर्तमान सड़कों को बाईपास कर बनेगा। उम्मीद की जा रही है कि हैदराबाद से अमरावती के बीच एक्सप्रेसवे के बन जाने से दोनों शहरों के बीच आने-जाने में लगने वाला समय काफी कम हो जाएगा।
इससे आर्थिक विकास के साथ-साथ दोनों शहरों में रोजगार के मौके भी खुल जाएंगे। गौरतलब है कि वर्तमान में हैदराबाद से अमरावती के बीच सड़क मार्ग से आवाजाही करने में लोगों को कम से कम 5 से 5.30 घंटे का समय लग जाता है।
मीडिया रिपोर्ट में बताया जा रहा है कि हैदराबाद-अमरावती एक्सप्रेसवे का DPR तैयार होने के बाद ही इसके निर्माण से संबंधित आगे की कार्रवाई जैसे टेंडर आमंत्रित करना, संस्थान को एक्सप्रेसवे के निर्माण की जिम्मेदारी सौंपना आदि कार्य किये जाएंगे।



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