हैदराबाद शहर में ग्रेटर हैदराबाद म्यूनिसिपल कॉर्पोरेशन (GHMC) ट्रैफिक की धीमी पड़ती गति में रफ्तार भरने के लिए जरूरी कदम उठा रही है। इसी क्रम में GHMC 100 से ज्यादा चौराहों पर ट्रैफिक को सुव्यवस्थित करने की कोशिशें कर रहा है ताकि वाहन बिना किसी परेशानी के फ्री-लेफ्ट टर्न ले सकें।
मीडिया रिपोर्ट्स से मिली जानकारी के अनुसार अधिकारियों ने पूरे हैदराबाद में लगभग 127 प्रमुख जंक्शनों का चयन किया है, जहां से वाहन फ्री-लेफ्ट टर्न (Free Left Turn) ले सकेंगे। इसके लिए इन चौराहों के आसपास के अतिक्रमण को हटाकर सड़कों को चौड़ा बनाया जाएगा।

इन रास्तों पर फ्री-लेफ्ट टर्न लेने में होने वाली परेशानियों को दूर कर GHMC ट्रैफिक की गति को बढ़ाएगा जिससे अपने गंतव्य तक पहुंचने में लोगों को जाम में फंसकर देर न हो। उम्मीद की जा रही है कि इस पहल से यात्रियों को अपना सफर तय करने में न सिर्फ कम समय लगेगा बल्कि उनका ट्रैफिक अनुभव भी पहले के मुकाबले कहीं ज्यादा बेहतर होगा।
Times of India की एक रिपोर्ट से मिली जानकारी के अनुसार GHMC क्रॉसिंग की सभी तरफ से समान रूप से अतिक्रमण को साफ करना चाहता है ताकि वाहनों को आगे बढ़ने में कहीं भी बाधा न मिले। बताया जाता है कि इस वजह से क्रॉसिंग के तीन या चार तरफ से 100 मीटर के दायरे में आने वाले सभी प्रकार के अतिक्रमणों को साफ करने की योजना बना रहा है।
उदाहरण के लिए, मान लिजीए किसी रास्ते की चौड़ाई 65 मीटर है लेकिन अतिक्रमण की वजह से उसकी चौड़ाई घटकर 55 मीटर हो गयी है, तो GHMC अतिक्रमण को तोड़कर फिर से सड़क की वास्तविक चौड़ाई को प्राप्त करेगी।

फ्री-लेफ्ट टर्न के लिए हैदराबाद में जिन प्रमुख क्रॉसिंग को चुना गया है, वो हैं :
- पंजगट्टा
- जुबली हिल्स रोड नंबर 36
- मेहदीपटनम
- त्रिमूलगेरी
- हिमायतनगर
- काचीगुडा
- खाजागुडा
- गाचीबौली
- बायोडायवर्सिटी
- मियापुर
- ECIL
- बंदलागुडा
- सैनिकपुरी
- बंजारा हिल्स रोड नंबर 1 और 12
मिली जानकारी के अनुसार अगर किसी की संपत्ति को इस वजह से नुकसान होता है कि उसके नुकसान की भरपाई नगद या फिर ट्रांसफर ऑफ डेवलपमेंट राइट्स (TDR) के माध्यम से कर दी जाएगी। जिन 127 क्रॉसिंग अथवा जंक्शन का चुनाव GHMC ने किया है, उनके लिए बजट प्रस्तावित करने का काम किया जाएगा। प्रस्ताव के पारित हो जाते ही अतिक्रमण को हटाने का काम शुरू कर दिया जाता है। बताया जाता है कि बजट बनाने, उसका प्रस्ताव रखने, प्रस्ताव के पारित होने से लेकर अतिक्रमण को हटाने का काम पूरा होने में लगभग 2 से 3 सालों का समय लग सकता है।
हालांकि सड़क सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि फ्री-लेफ्ट टर्न को लागू करना सिर्फ ट्रैफिक प्रबंधन का हिस्सा मात्र है। इससे ट्रैफिक जाम की समस्या पूरी तरह से खत्म नहीं होगी। हर जगह पर फ्री-लेफ्ट टर्न को लागू करना संभव भी नहीं है, क्योंकि जगह की कमी होती है।



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