हैदराबाद में लगेगी दुनिया में सबसे ऊंची महात्मा गांधी की मूर्ति। तेलंगाना सरकार की तरफ से हाल ही में इसकी घोषणा की गयी है। इस मूर्ति को हैदराबाद में ऐसे स्थान पर लगाने के बारे में फैसला लिया गया है, जो महात्मा गांधी से जुड़ा हुआ भी है। यूं कहा जा सकता है कि महात्मा गांधी के इतिहास से जुड़े होने की वजह से ही दुनिया की सबसे बड़ी महात्मा गांधी की प्रतिमा को हैदराबाद में इस जगह पर स्थापित करने का फैसला तेलंगाना सरकार ने लिया है।
तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी इस परियोजना का नेतृत्व करने वाले हैं। खास बात है कि इस प्रतिमा के स्थापित होने से मूसी नदी के तट को पर्यटन के लिए विकसित करने की महत्वकांक्षी परियोजना का एक प्रमुख हिस्सा है।
कहां स्थापित होगी बापू की प्रतिमा?
दुनिया में सबसे ऊंची महात्मा गांधी की जिस प्रतिमा को स्थापित करने की योजना हैदराबाद सरकार ने बनायी है, उसे हैदराबाद के बापू घाट पर स्थापित किया जा सकता है। मीडिया रिपोर्ट्स से मिली जानकारी के अनुसार मूसी नदी के तट पर बना बापू घाट उन स्थानों में से एक है, जहां महात्मा गांधी की अस्थियां विसर्जित की गयी थी।
यह परियोजना देश को आजादी दिलाने में महात्मा गांधी के योगदानों के बारे में नयी पीढ़ी को जानकारी देगी। इस प्रतिमा को एक ऐसे स्थान पर स्थापित किया जाएगा, ताकि यहां तक पर्यटकों और स्थानीय निवासियों का पहुंचना आसान हो सकें। मीडिया रिपोर्ट्स से मिली जानकारी के अनुसार इस स्थान को एक प्रमुख पर्यटन स्थल के रूप में भी विकसित किया जाएगा ताकि यहां सिर्फ देश ही नहीं बल्कि दुनियाभर से आने वाले पर्यटक जरूर आएं।

कितनी होगी लंबाई?
दुनिया में महात्मा गांधी की सबसे ऊंची प्रतिमा वर्तमान में बिहार की राजधानी पटना में स्थापित है। मिश्रधातु ब्रोंज से बनी यह प्रतिमा 72 फीट ऊंची है। इस प्रतिमा को पटना के गांधी मैदान में वर्ष 2013 में स्थापित किया गया था। इसके अलावा महात्मा गांधी की एक और उल्लेखनीय प्रतिमा टेक्सस में स्थापित है, जिसकी ऊंचाई 8 फीट है। यह प्रतिमा ऐतिहासिक दांडी मार्च को दर्शाता है।
हैदराबाद में जिस प्रतिमा को स्थापित किया जाएगा, उसके आकार-प्रकार आदि के बारे में विस्तृत जानकारी अभी तक नहीं मिल सकी है लेकिन दावा किया जा रहा है कि उस प्रतिमा की ऊंचाई पटना में स्थापित दुनिया की सबसे ऊंची महात्मा गांधी की प्रतिमा से निश्चित रूप से ज्यादा होगी। हैदराबाद में महात्मा गांधी की ध्यान मुद्रा में एक 22 फीट ऊंची ब्रोंज से बनी प्रतिमा स्थापित है, जिसे 1999 में स्थापित किया गया था।
मिली जानकारी के अनुसार फिलहाल राज्य सरकार नयी मूर्ति के लिए अलग-अलग डिजाइन देख रही है, जिसमें महात्मा गांधी को अलग-अलग मुद्राओं जैसे शांत, ध्यानमग्न अथवा चलते हुए, में दर्शाया गया है। यह परियोजना सिर्फ महात्मा गांधी की एक मूर्ति को स्थापित करने से ही पूरी नहीं हो जाएगी। बल्कि इसमें मूसी नदी की सफाई, जिसमें ₹7000 करोड़ की लागत से सीवेज ट्रिटमेंट प्लांट लगाना भी शामिल है। इसके साथ ही बापू घाट पर ब्रिज-कम-बैरज का निर्माण भी करने की योजना है।
परियोजना के पहले चरण में गांधीपेट से बापू घाट के बीच रिवरफ्रंट का विकास किया जाएगा। बापू घाट पर एक गांधी आश्रम का निर्माण करना भी इस परियोजना का ही हिस्सा है, जिसमें महात्मा गांधी के विचारों, उनके महत्व आदि से संबंधित शिक्षाएं दी जाएंगी। कुल मिलाकर हैदराबाद के बापू घाट को इस प्रकार से विकसित करने की योजना है, ताकि यहां आने वाले हर व्यक्ति को महात्मा गांधी के बारे में विस्तार से जानकारियां मिल सकें, उनके आदर्शों, विचारधारा और शिक्षाओं को समझने में कोई तकलीफ न हो।



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