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2047 तक भारत के हर दूसरे शहर में होगा एयरपोर्ट, तो क्या सस्ती होगी फ्लाइट?

केंद्र में मोदी सरकार बनने के बाद से देश में 83 नए हवाई अड्डे बनाये गये। 2014 में जहां यह संख्‍या 74 थी, वहीं 2024 तक आते आते देश भर में 71 नए एयरपोर्ट बन गये, 13 हेलीपोर्ट और 2 वॉटरड्रोम्स बन गये। भारत के विमानन क्षेत्र की यह उड़ान अभी लैंड करने वाली नहीं है, क्योंकि केंद्र सरकार की योजना "उड़े देश का आम नागरिक" को अगले 10 वर्ष के लिए बढ़ा दिया गया है। इस योजना के साथ 2047 तक देश के हर दूसरे जिले में एयरपोर्ट होगा।

India to have 400 airports by 2047

जी हॉं, देश के नागरिक विमानन मंत्री के राममोहन नायडू की मानें तो 2047 तक केंद्र सरकार देश भर में 150 से अधिक नए हवाई अड्डे स्‍थापित करने की तैयारी में है। यानि कि स्‍वतंत्रता के 100 वर्ष पूरे होने पर भारत में 400 एयरपोर्ट होंगे। देश में कुल 800 जिले हैं। अग 400 एयरपोर्ट स्‍थापित होने का मतलब हर दूसरे जिले में हवाई अड्डा। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल है कि क्या आने वाले समय में फ्लाइट का किराया सस्ता हो जायेगा?

आगे बढ़ने से पहले उड़ान से जुड़ी कुछ खास बातें

  • उड़ान स्कीम की शुरुआत भारत सरकार ने 21 अक्टूबर 2016 में 10 वर्षों के लिए की थी।
  • इस पहल में सरकार की भूमिका महत्वपूर्ण है, जो सब्सिडी के माध्यम से एयरलाइनों को वित्तीय सहायता प्रदान करती है।
  • इन सब्सिडी का उद्देश्य कम लोकप्रिय गंतव्यों व छोटे शहरों तक विमानन सेवाएं पहुंचाना है।
  • इस योजना के तहत एयरपोर्ट के इंफ्रास्ट्रक्चर पर खासा ध्‍यान दिया जाता है। साथ ही नए हवाई अड्डों का विकास किया जाता है।
  • उड़ान योजना का उद्देश्य केवल शहरों को जोड़ना नहीं है; यह पर्यटन को बढ़ावा देने व रोजगार सृजन करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
  • इस स्कीम के तहत अब तक 2.8 लाख उड़ानों का संचालन किया जा चुका है।
  • 1.5 करोड़ यात्री सस्ती हवाई यात्रा का लाभ उठा चुके हैं।
  • इस स्कीम के तहत 2014 के मुकाबले 2024 तक हवाई अड्डों की संख्‍या दुगनी हो गई है।
India to have 400 airports by 2047

तो क्या सस्ती होगी फ्लाइट की टिकट

उड़ान स्कीम की सफलता को देखते हुए यह तो साफ है कि आने वाले समय में विमानों की संख्‍या बढ़ेगी और देश के सभी राज्यों में एक शहर से दूसरे शहर तक जाने के लिए फ्लाइट उपल्ब्‍ध होगी। भारत सरकार का लक्ष्‍य 2047 तक 400 एयरपोर्ट बनाने का है। लेकिन एयरपोर्ट बन जाने से या बड़ी संख्‍या में विमान आ जाने से फ्लाइट के टिकट सस्ते नहीं होने वाले। यह पांच बिंदु इसका कारण बताने के लिए काफी हैं-

1. एक एयरपोर्ट बनाने में खर्च 15 से 20 हजार करोड़ रुपए तक आता है। पटना एयरपोर्ट के नए टर्मिनल पर कुल 1216 करोड़ रुपए का बजट पास किया गया है।

2. पीपीपी मॉडल पर एक ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट बनाने में 600 से 700 करोड़ रुपए खर्च होते हैं।

3. एयरपोर्ट बनने के बाद एयरलाइंस कंपनियों को उड़ानों के संचालन का निमंत्रण दिया जाता है।

4. एक विमान जब यात्रियों को लेकर उड़ान भरता है तो प्रति घंटा एक से डेढ़ लाख रुपए तक का खर्च आता है।

5. भारतीय विमानपत्तन आर्थ‍िक विनियामक प्राधिकरण की एक रिपोर्ट के अनुसार एक एयरपोर्ट पर एक दिन का मेनटेनेंस 1 से डेढ़ करोड़ रुपए होता है।

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जरा सोचिए ऐसे में भविष्‍य में अगर फ्लाइट का किराया कम किया गया, तो न केवल एयरलाइंस कंपनियां बल्कि एयरपोर्ट को भी नुकसान होगा। कुल मिलाकर UDAN (Ude Desh ka Aam Nagrik) स्कीम आम आदमी तक तभी पहुंच पायेगी जब आम आदमी के पास फ्लाइट का खर्च उठा सकेगा। फिलहाल आम आदमी के लिए ट्रेन और बस ही ऐसे साधन हैं जिनका खर्च वो उठा सकता है।

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