अगर आपने ओवर स्पीडिंग की या हाईवे पर स्पीड लिमिट का पालन नहीं किया तो आप मुश्किलों में पड़ सकते हैं। आप पर न सिर्फ जुर्माना लगाया जाएगा बल्कि पुलिस आप पर FIR भी दर्ज कर सकती हैं। जी हां, ऐसा ही नियम लागू किया गया है कर्नाटक में। राज्य में लगातार गाड़ियों के आपस में टकराने और ट्रैफिक के नियमों की अनदेखी करने के मामले सामने आ रहे हैं।
इस वजह से कर्नाटक पुलिस ने फैसला लिया है कि अगर किसी भी वाहन चालक ने अपनी रफ्तार 130 किमी प्रति घंटा से बढ़ायी तो उस पर FIR दर्ज किया जाएगा।

यह नियम 1 अगस्त से लागू होने वाला है। इस बारे में बैंगलोर के एडिशनल डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस (ट्रैफिक और सड़क सुरक्षा) आलोक कुमार ने Times of India से हुई बातचीत में बताया कि बैंगलोर-मैसूर हाईवे पर स्पीड लेजर गन को लगाया गया है जो रात के समय में भी गाड़ियों की गति पर नजर रखेगी। इसके साथ ही जो वाहन ओवरस्पीडिंग कर रहे हैं, उनकी पहचान करने में मदद करेगा नंबर प्लेट को पहचानने वाले ऑटोमेटिक कैमरा यानी ANPR। जो ओवर स्पीडिंग करने वाले वाहनों के नंबर प्लेट की फोटो खींच लेने में सक्षम हैं।
उन्होंने आगे बताया कि हमने अलग-अलग जिलों और शहरों की पुलिस में 155 स्पीड लेजर गन वितरित किये हैं। हमारे अंदाज से हर जिले को 5-6 स्पीड लेजर गन मिले होंगे। इन स्पीड लेजर गन को हाईवे पर कहां लगाया जाएगा, इनका इस्तेमाल कहां होगा, इसका फैसला संबंधित जिले के SP करेंगे।
गौरतलब है कि पिछले गुरुवार को ही बैंगलोर-मैसूर हाईवे पर 155 वाहनों को कैमरे ने 130 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से ज्यादा होने की वजह से पकड़ा था। इसमें से एक KSRTC का बस भी था, जिसकी रफ्तार 140 किमी प्रतिघंटा दर्ज की गयी। बता दें, राज्य के कई हाईवे पर गति की अधिकतम सीमा 130 किमी प्रतिघंटा ही है। बैंगलोर-मैसूर हाईवे और बैंगलोर-पुणे नेशनल हाईवे - 48 पर गति की अधिकतम सीमा क्रमशः 100 किमी प्रतिघंटा और 80 किमी प्रतिघंटा है।

नये नियम से जुड़ी खास बातें :
- अगर कोई भी वाहन अधिकतम 130 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से ज्यादा स्पीड से गाड़ियां भगाता हुआ पाया जाता है तो उसके खिलाफ कर्नाटक पुलिस कार्रवाई करेगी।
- पुलिस भारतीय न्याय संहिता की धारा 281 के तहत हाईवे पर 130 किमी प्रतिघंटा से ज्यादा तेज गाड़ी होने पर FIR दर्ज कर सकती है।
- नियम का उल्लंघन करने वाले को 6 महीने की जेल या 1 हजार रुपए जुर्माना अथवा दोनों हो सकता है।
- बैंगलोर-मैसूर हाईवे पर दिन और रात के समय वाहनों की स्पीड की जांच के लिए स्पीड लेजर गन लगाए जा चुके हैं।
- ओवर स्पीडिंग करने वाले वाहनों की फोटो खींचने में नंबर प्लेट को पहचानने वाले ऑटोमेटिक कैमरा मददगार साबित होंगे।



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